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कहानी (6M) - Second Exam

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Question 16 Marks
चार चोरों का मिलकर धन चुराना $–$ बंटवारा करने के लिए जंगल में जाना $–$ भूख लगना -दो चोरों का मिठाई खरीदने के लिए नगर में जाना $–$ नीयत बिगड़ना $-$ मिठाई में जहर मिलाना $–$ इधर जंगल में दोनों चोरों के मन में भी पाप $–$ मिठाई लानेवालों को मार डालने की युक्ति $–$ हाथ$-$मुंह धुलाने के लिए दोनों को कुएँ पर ले जाना$-$कुएं में ढकेल देना $-$मिठाई खाकर बाकी के दो चोरों का भी मर जाना$-$सीख।
Answer
जैसा करोगे, वैसा पाओगे अथवा जैसी करनी, वैसी भरनी
एक रात चार चोरों ने मिलकर एक सेठ के घर में चोरी की। चोरी में उन्हें बहुत$-$सा धन मिला। उस धन का बंटवारा करने के लिए वे जंगल में गए। चोरों को बहुत जोर की भूख लगी थी। सुबह होने ही वाली थी। उनमें से दो चोर मिठाई खरीदने के लिए शहर की ओर रवाना हुए। रास्ते में उन दोनों की नीयत बिगड़ गई। उन्होंने सोचा कि जंगल में बैठे हुए दोनों चोरों को मारकर सारा माल हम हजम कर लें। इस इरादे से उन्होंने मिठाई खरीदकर उसमें से कुछ खाई और बाकी बची हुई मिठाई में जहर मिला दिया। इधर जंगल में बैठे दोनों चोरों के मन में भी ऐसा ही बुरा विचार आया। मिठाई खरीदने के लिए शहर में गए अपने दोनों साथियों को उन्होंने मार डालने की तरकीब सोची। जैसे ही वे दोनों मिठाई लेकर आए, वे हाथ$-$मुंह धुलाने के बहाने उन्हें कुएं पर ले गए और मौका पाकर उन्होंने दोनों को कुएँ में ढकेल दिया। दोनों चोर कुएं में डूबकर मर गए। इसके बाद दोनों चोरों ने पेट भरकर मिठाई खाई। थोड़ी ही देर में मिठाई का जहर उनके सारे शरीर में फैल गया। देखते$-$ही$-$देखते उन दोनों के भी प्राण निकल गए! सीख : जो जैसा करता है, उसे वैसा ही फल मिलता है।
बुरे काम का परिणाम बुरा ही होता है।
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Question 26 Marks
चींटी और कबुतर 
Answer
राधनपुर नाम का एक गाँव था। गाँव से थोड़ी दूरी पर एक जंगल था। जंगल में एक तालाब था। उस तालाब के किनारे एक पेड़ था। उस पेड़ पर एक कबूतर रहता था। कबूतर बहुत दयालु स्वभाव का था। 
एक दिन कबूतर जब पेड़ पर बैठा था तब उसन देखा की एक चींटी तालाब में गिर पड़ी है। कबूतर ने पेड़ पर से एक पत्ता तोड़कर उस चींटी को दीया। चींटी उस पत्ते के सहारे तट तक पहुँच गई । इस तरह कबूतर ने चींटी की जान बचाई।  चींटी और कबूतर अब उच्छे मित्र बन गए। 
कबूतर ने चींटी की जान बचाइ कुछ दिन हुए थे की उस जंगल में एक शिकारी आ गया। शिकारी ने पेड़ पर बैठे कबूतर को देखा । कबूतर का शिकार करने के लिए उसने बंदुक से निशाना लगाया। शिकारी के पास खडी चींटीने देखा की शिकारी कबूतर को मारने के लिए उस पर गोली चलानेवाला है। शिकारी जब कबूतर को मारने के लिए गोली चलाने गया तब चींटी ने उसके पेर पर काट लिया। शिकारी का निशाना चूक गया। कबूतर गोली की आवाज़ सुनकर पेड़ पर से उड़ गया। 
इस प्रकार चींटीने कबूतर की जान बचाकर अपनी मित्रता निभाई। 
सीख : हमे उपकार का बदला सदैव उपकार से चुकाना चाहिए। 
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Question 36 Marks
भेड़िया $-$ नदी किनारे पानी पीने आना $-$ मेमने को देखना $-$ मुँह में पानी आना $-$ बिना बात के झगड़ना $-$ मेमने को मार डालना $-$ सीख। 
Answer
दुष्ट भेड़िया एक जंगल में एक नदी बहती थी। जंगल के सभी प्राणी उसी नदी से पानी पीते थे। एक दिन एक भेड़िया पानी पीने नदी पर आया। 
भेड़िया पानी पी रहा था तभी वहाँ पर एक मेमना आ गया। मेमना पानी पीने लगा । मेमने को देखकर भेड़िये को उसे मारने का विचार आया। भेड़िया झूठा बहाना करके मेमने से  लड़ने लगा। 
भेड़िया मेमने से कहने लगा कि, "तु मेरा पानी झूठा कर रहा है।" 
मेमना डर गया। उसने डरते हुए कहा, "नदी का पानी आपकी ओर से बहता हुआ मेरी ओर आ रहा है तो मैं केसे उसे झूठा कर सकता हूँ?" 
भेड़िये ने क्रोधित होते हुए कहा कि, "तुमने एक साल  पहले मुझे गाली दी थी।"
मेमना डर से काँपने लगा। उसने काँपते हुए उत्तर दिया कि, "मैं तो सिर्फ छ: माह का हूँ मैं आप को एक साल पहले कैसे गाली दे सकता हूँ?" 
भेड़िया मेमने के पास पहुँचकर कहने लगा कि "तुने नहीं तो तेरे बाप ने मुझे गाली दी होगी। आज मैं तुमें मारकर उस बात का बदला लूंगा।" इतना कहकर भेड़िये ने मेमने को मार डाला।
सीख : दुष्ट स्वभाव के व्यक्ति की बात पर कभी विश्वास नहीं करना चाहिए और हमेंशा उनसे दूर रहना चाहिए।
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Question 46 Marks
नदी के किनारे एक पेड़ $-$ उस पर कौए का एक जोड़ा$-$बिल में एक साँप $-$ साँपद्वारा कौए के बच्चों को  खा जाना $-$ कौए की लाचारी $-$ नदी पर स्नान के लिए राजकुमारी का आना$-$ सोने का हार उतारकर किनारे पर रखना $-$ कौए का हार उठाकर साँप के बिल के पास रख देना $-$ सेवकोका ढूंढना $-$ साँप के बिल के पास हार देखना $-$ साँप को लाठी से मार डालना $-$ नर और मादा कौए का खुश होना $-$ सीख। 
Answer
कौए की युक्ति कृष्णा नदी के किनारे एक बरगढ़ का पेड़ था। उस पेड़ पर कौए का एक जोड़ा रहता था। उसी पेड़ के पास बिल में एक विषैला साँप भी रहता था। 
कौए का जोड़ा जब खाने की तलाश में बहार जाता था तब साँप उनके बच्चों को मार डालता था। अपने बच्चों की मोत  के कारण कौए का जोड़ा बहुत दुःखी रहता था। कौआ कैसे भी करके उस साँप से छूटकारा पाना चाहता था। 
एक दिन उस नदी में स्नान करने के लिए विजयनगर की राजकुमारी भी थी। राजकुमारी ने स्नान करने जाने से पहले अपना किमती हार निकालकर किनारे पर रख दिया। कौए को एक युक्ति सूझी। उसने राजकुमारी का हार उठा लिया और उसे साँप के बिल के पास रख दिया। 
राजकुमारी स्नान करके वापस आई तो उन्हे अपना हार कही न मिला। उसने अपने सैनिको को बुलाकर हार को ढूँढ़ने का आदेश दिया। सैनिको को हार एक साँप के पास पड़ा मिला । सैनिको ने हार लेनेके लिए लाठी से साँप पर प्रहार करके उसे मार डाला और राजकुमारी को उनका हार वापस कर दिया। कौए का जोड़ा साँप की मृत्यु से बहुत खुश हो गया। 
सीख : मुश्किल समय में हमें हमेंशा अपनी बुध्धिका उपयोग करना चाहिए।
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Question 56 Marks
एक लोमड़ी $-$ भूखी $-$ खोज़ $-$ दूर$-$दूर भटकना $-$ अंगूर के गुच्छे $-$ खुश होना उछल$-$कूद् करना $-$ निष्फलता $-$ 'अंगूर खट्टे हैं ।' $-$ सीख
Answer
खट्टे अंगूर
एक जंगल में एक लोमड़ी रहती थी । एक दिन उस लोमड़ी को बहुत भूख लगी थी । वह खाने की तलाश में हर तरफ दौडने लगी ।
लोमड़ी खाने की खोज में चलते$-$चलते एक अंगूर की बाड़ी तक पहुँच गई । उसने उस बाडी में अंगूर के कई गुच्छे देखे । वह उन्हे देखकर बहुत खुरा हो गई ।
लोमड़ी अंगूर को खाने के लिए बहुत उछलकूद करने लगी परंतु अंगूर के गुच्छे बहुत ऊँचाई पर थे इस कारण वह उसे न खा सकी । लोमड़ी उछलकूद कर के बहुत थक गई ।
लोमडी को अंगूर खाने को न मिले इस$-$लिए वह उस बाड़ी से बहार निकलते समय बोलती गई कि "यह अंगूर खटे हैं, मैं ऐसे अंगूर नही खाती ।" ऐसा बोलते हुए लोमड़ी आगे बढ़ गई ।
सीख :- हमें अपनी असफलता के लिए दूसरों को दोषित नही मानना चाहिए ।
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Question 66 Marks
बकरी की चतुराई एक गड़रिया $-$ जंगल में बकरियाँ चराने जाना $-$ एक बकरी का दूर चले जाना $-$ भेड़िए का आना $-$ बकरी को खाने की इच्छा $-$ बकरी को गाना गाने की इच्छा $-$ में... में... करना $-$ आवाज सुनकर गड़रिए का लाठी लेकर आना $-$ भेडिए का भाग जाना $-$ बकरी की जान बचना $-$ सीख ।
Answer
बकरी की चतुराई
एक गाँव में एक गड़रिया रहता था । उसके पास बहुतसी बकरियाँ थी । वह रोज़ उन बकरियों को चराने के लिए जंगल में ले जाता था।
एक दिन जब गड़रिया बकरीयों को जंगल में चराने के लिए ले गया तब उन बकरियों में से एक बकरी चरते$-$चरते दूर तक चली गई।
जंगल में एक भेड़िया भूख के कारण खाने की तलाश में भटक रहा था । उसने जंगल में उस अकेली बकरी को देख लिया और उसके पास जाकर कहा की "मैं तुम्हे खा जाऊँगा ।" बकरी डर गई और बाद में कुछ सोचकर बोली, "तुम मुझे खा लेना मगर मरने से पहले मेरी आखरी इच्छा पूरी कर दो।" भेडिये ने पूछा, तब बकरी ने कहा कि मैं गाना चाहती हूँ।
बकरी गाना गाने के बहाने जोर जोर से में.. में... करने लगी । गड़रिए ने उसकी आवाज सुन ली और वह अपनी लाठी लेकर वहाँ उसे बचाने पहूँच गया । गड़रिए के हाथ में लाठी देखकर भेडिया वहा से भाग गया और इस तरह बकरी की जान बच गई ।
सीख :- मुसीबत के समय हमें हमेशा अपनी बुद्धि का उपयोग करना चाहिए ।
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कहानी (6M) - Second Exam - हिंदी STD 6 Questions - Vidyadip