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Question 16 Marks
यदि कोई कुछ कष्ट या असुविधा उठाकर हमारे लिए कोई काम करता है तो हमें उसके प्रति अपनी कृतज्ञता अवश्य प्रकट करनी चाहिए । इसका सबसे सरल तरीका है, उसे धन्यवाद देना । यदि बस या रेल में कोई अपनी जगह हमें बैठने के लिए देता है तो उसे धन्यवाद अवश्य देना चाहिए । 'धन्यवाद' शब्द बोलते समय ऐसा लगना चाहिए कि हम उसे हृदय से धन्यवाद दे रहे हैं, केवल ऊपर$-$ऊपर से नहीं |
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સ્વપ્રયત્ન
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Question 26 Marks
काले रंग की एक बिल्ली ग्रामीणों के समूह के बीच बने रास्ते से दौड़ती हुई संत के पास चली आई । बिल्ली को आता देख गाँववाले सोचने लगे, बिल्ली खरगोश को मार डालेगी । पर यह देखकर उनकी नजरें चकित रह गई कि खरगोश फुदकता हुआ स्वयं ही बिल्ली के निकट चला आया ।
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स्वप्रयत्न
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Question 36 Marks
सारी स्थिति स्पष्ट थी । प्रजापति ने कहा $-$ "देवता ही श्रेष्ठ है । जानते हो क्यों ? इसलिए कि इन्होंने सहकार की भावना से काम किया है । खुद भी खाओ और दूसरों को भी खिलाओ । 'जिओ और जीने दो' यह इनकी विशेषता थी । इन्होंने बुद्धि से काम लिया । सूझ$-$बूझ दिखाई । वे आमने$-$सामने बैठ गए । एक$-$दूसरे के मुँह में लड्डू देते रहे। थोड़ी देर में थाल साफ कर दिया । "
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स्वप्रयत्न
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Question 46 Marks
वरदराज की पढ़ाई प्रारम्भ हुई । अब तो उसकी भूख और नींद, पता नहीं कहाँ भाग गई । वह रात को देर तक पढ़ता रहता और प्रात: सबसे पहले उठ जाता । दिन में भी एक क्षण बेकार नहीं गँवाता' था । फिर क्या था ? जो पाठ याद करना उसे ऊँचे पहाड़ पर चढ़ने की तरह कठिन प्रतीत होता था, वही अब आसान हो गया । गुरुजी और दूसरे छात्र इस परिवर्तन को देखकर इस आश्चर्य में डूब गए ।
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સ્વપ્રયત્ન
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Question 56 Marks
इधर लाखा ने भी व्यापार में खूब रुपया कमाया । वह सेठ को उसकी रकम वापस करने के लिए उसी रास्ते से आ रहा था । उसने दूर से अपने कुत्ते को अपनी ओर आते हुए देखा । वह नाराज हो गया । सोचने लगा कि कुत्ते ने मेरी जबान काट ली है |उसने बेवफाई की है | अब मैं सेठ को क्या मुँह दिखाऊँगा ? उसने आव न देखा न ताव; बस कुत्ते के माथे पर लाठी का प्रहार कर दिया । कुत्ता बेहोश होकर गिर पड़ा ।
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Question 66 Marks
मेरा जन्मस्थान है, मध्य प्रदेश स्थित मैकल पर्वतमाला की अमरकंटक पहाड़ी । जन्म के समय मैं एक दुबली$-$पतली धारा होती हूँ । रास्ते में छोटे$-$बड़े झरनों के अलावा कई छोटी$-$बड़ी नदियों का प्रवाह मुझमें मिलता है । जैसे, मंदहार में बंजर नदी, नरसिंहपुर में शेर और शक्कर नदियाँ, होशंगाबाद में तावा, काजल और छोटी तावा तथा जबलपुर में हिरन नदी । वे सभी मुझमें समाकर एकरूप हो जाती हैं ।
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Question 76 Marks
एक बार अवन्ती के देश में तीन व्यापारी आए । राजदरबार में उन्होंने प्रार्थना की कि उनके प्रश्नों के उत्तर दिए जाएँ । कोई भी दरबारी व्यापारियों के प्रश्नों के उत्तर नहीं दे सका । यहाँ तक कि राजा भी उलझन में पड़ गया । तब किसी ने कहा कि अवन्ती को बुलवाया जाए, वही इनके प्रश्नों के उत्तर दे सकता है ।
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સ્વપ્રયત્ન
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अनुवाद - हिंदी STD 7 Questions - Vidyadip