1. आकलन कृती :
(१) पद्यांश पर आधारित दो ऐसे प्रश्न बनाइए, जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों :
(i) हसरत से
(ii) कदरें।
किताबें झाँकती हैं बंद अलमारी के शीशों से,
बड़ी हसरत से तकती हैं।
महीनों अब मुलाकातें नहीं होतीं,
जो शामें उनकी सोहबत में कटा करती थीं
अब अक्सर ..........
गुजर जाती हैं 'कंप्यूटर के पदों पर'
बड़ी बेचैन रहती हैं किताबें ..........
उन्हें अब नींद में चलने की आदत हो गई है
जो कदरें वो सुनाती थी
कि जिनके 'सेल' कभी मरते नहीं थे,
वो कदरें अब नजर आती नहीं घर में,
जो रिश्ते वो सुनाती थीं।
2. शब्द संपदा
(१) निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए :
(i) किताबें -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙
(ii) अलमारी -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙
(iii) घर -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙
(iv) रिश्ते -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙
3. स्वमत :
• उपर्युक्त पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।


