Question types

पहली इकाई - 4. किताबें question types

34 questions across 14 question groups — pick any mix to generate a हिन्दी लोकभारती paper with step-by-step answer keys.

34
Questions
14
Question groups
5
Question types
01

पठित पद्यांश - सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :[6M]

12 Q
02

शब्द का शब्दभेद पहचानकर लिखिए : [1M]

2 Q
03

अव्यय का अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए: [1M]

2 Q
04

तालिका पूर्ण कीजिए : [संधि विच्छेद/संधि भेद][1M]

1 Q
05

सहायक क्रिया को पहचानकर उसका मूल रूप लिखिए : [1M]

2 Q
06

क्रिया का प्रथम तथा द्वितीय प्रेरणार्थक रूप लिखिए: [1M]

2 Q
07

मुहावरे का अर्थ लिखकर अपने वाक्य में प्रयोग कीजिए :[1M]

1 Q
08

अधोरेखांकित वाक्यांश के लिए उचित मुहावरे का चयन करके वाक्य फिर से लिखिए: [1M]

1 Q
09

वाक्य में प्रयुक्त कारक पहचानकर उसका भेद लिखिए।

3 Q
10

यथास्थान उचित विरामचिह्नों का प्रयोग करके वाक्य फिर से लिखिए: [1M]

1 Q
11

सूचना के अनुसार कालपरिवर्तन कीजिए: [1M]

2 Q
12

रचना के आधार पर भेद पहचानकर लिखिए: [1M]

1 Q
13

वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचना के अनुसार परिवर्तन कीजिए: [1M]

2 Q
14

वाक्यों को शुद्ध करके वाक्य फिर से लिखिए: [1M]

2 Q
Sample Questions

पहली इकाई - 4. किताबें questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

1. आकलन कृती :
(१) पद्यांश पर आधारित दो ऐसे प्रश्न बनाइए, जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों :
(i) हसरत से
(ii) कदरें।

किताबें झाँकती हैं बंद अलमारी के शीशों से,
बड़ी हसरत से तकती हैं।
महीनों अब मुलाकातें नहीं होतीं,
जो शामें उनकी सोहबत में कटा करती थीं
अब अक्सर  .......... 
गुजर जाती हैं 'कंप्यूटर के पदों पर'
बड़ी बेचैन रहती हैं किताबें ..........
उन्हें अब नींद में चलने की आदत हो गई है
जो कदरें वो सुनाती थी
कि जिनके 'सेल' कभी मरते नहीं थे,
वो कदरें अब नजर आती नहीं घर में,
जो रिश्ते वो सुनाती थीं।

2. शब्द संपदा
(१) निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए :
(i) किताबें -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙
(ii) अलमारी -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙
(iii) घर -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙
(iv) रिश्ते -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙

3. स्वमत :
• उपर्युक्त पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।

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1. आकलन कृती :
(१) आकृति पूर्ण कीजिए :
Image

(२) वाक्य पूर्ण कीजिए :
(i) किताबें ऐसी कदरें सुनाती थीं  ˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙

किताबें झाँकती हैं बंद अलमारी के शीशों से,
बड़ी हसरत से तकती हैं।
महीनों अब मुलाकातें नहीं होतीं,
जो शामें उनकी सोहबत में कटा करती थीं
अब अक्सर  .......... 
गुजर जाती हैं 'कंप्यूटर के पदों पर'
बड़ी बेचैन रहती हैं किताबें ..........
उन्हें अब नींद में चलने की आदत हो गई है
जो कदरें वो सुनाती थी
कि जिनके 'सेल' कभी मरते नहीं थे,
वो कदरें अब नजर आती नहीं घर में,
जो रिश्ते वो सुनाती थीं।

2. शब्द संपदा
(१) पद्यांश में से प्रयुक्त उर्दू भाषा के चार शब्द लिखिए :
(i) ˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙ (ii) ˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙
(iii) ˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙ (iv) ˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙

3. स्वमत :
• उपर्युक्त पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।

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1. आकलन कृती :
(१) आकृति पूर्ण कीजिए :
Image

(२) वाक्य पूर्ण कीजिए :
(i) किताबों की अब बनी आदत ˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙

किताबें झाँकती हैं बंद अलमारी के शीशों से,
बड़ी हसरत से तकती हैं।
महीनों अब मुलाकातें नहीं होतीं,
जो शामें उनकी सोहबत में कटा करती थीं
अब अक्सर  .......... 
गुजर जाती हैं 'कंप्यूटर के पदों पर'
बड़ी बेचैन रहती हैं किताबें ..........
उन्हें अब नींद में चलने की आदत हो गई है
जो कदरें वो सुनाती थी
कि जिनके 'सेल' कभी मरते नहीं थे,
वो कदरें अब नजर आती नहीं घर में,
जो रिश्ते वो सुनाती थीं।

2. शब्द संपदा
(१) निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए :
(i) किताबें -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙
(ii) अलमारी -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙
(iii) घर -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙
(iv) रिश्ते -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙

3. स्वमत :
• उपर्युक्त पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।

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1. आकलन कृती :
(१) आकृति पूर्ण कीजिए :
Image

किताबें झाँकती हैं बंद अलमारी के शीशों से,
बड़ी हसरत से तकती हैं।
महीनों अब मुलाकातें नहीं होतीं,
जो शामें उनकी सोहबत में कटा करती थीं
अब अक्सर  .......... 
गुजर जाती हैं 'कंप्यूटर के पदों पर'
बड़ी बेचैन रहती हैं किताबें ..........
उन्हें अब नींद में चलने की आदत हो गई है
जो कदरें वो सुनाती थी
कि जिनके 'सेल' कभी मरते नहीं थे,
वो कदरें अब नजर आती नहीं घर में,
जो रिश्ते वो सुनाती थीं।

2. शब्द संपदा
(१) पद्यांश में से प्रयुक्त उर्दू भाषा के चार शब्द लिखिए :
(i) ˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙ (ii) ˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙
(iii) ˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙ (iv) ˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙

3. स्वमत :
• उपर्युक्त पद्यांश की प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ लिखिए।

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1. आकलन कृती :
(१) पद्यांश में प्रयुक्त निम्नलिखित उर्दू शब्दों के अर्थ लिखिए :
(i) नीम-सजदे
(ii) इल्म
(iii) आइंदा 

कभी सीने पे रख के लेट जाते थे
कभी गोदी में लेते थे
कभी घुटनों को अपने रिहल की सूरत बनाकर
नीम-सजदे में पढ़ा करते थे, छूते थे जीं से
वो सारा इल्म तो मिलता रहेगा आइंदा भी
मगर वो जो किताबों में मिला करते थे सूखे फूल
और महके हुए रुक्के
किताबें गिरने, उठाने के बहाने रिश्ते बनते थे
उनका क्या होगा? वो शायद अब नहीं होंगे !!

2. शब्द संपदा
(१) निम्नलिखित शब्दों के अर्थ वाले शब्द पढ्यांश से ढूँढ़कर लिखिए :
(i) माथा -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙
(ii) पुर्जा -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙
(iii) ज्ञान -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙
(iv) छाती -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙

3. स्वमत :
• पद्यांश की आरंभवाली पाँच पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।

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