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पठित पद्यांश - सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए :[4M]

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Question 14 Marks

1. आकलन कृती :
(१)मुकरियों के आधार पर निम्नलिखित शब्दों की विशेषताएँ लिखिए :
(i)अंजन  -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙
(ii) पाती (पत्र)  -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙

शोभा सदा बढ़ावन हारा। आँखिन से छिन होत न न्यारा ।।
आठ पहर मेरो मनरंजन। क्यों सखि साजन ? ना सखि अंजन ।।
जीवन सब जग जासों कहै। वा बिनु नेक न धीरज रहै।।
हरै छिनक में हिय की पीर। क्यों सखि साजन ? ना सखि नीर।।
बिन आए सबहीं सुख भूले। आए ते अँग अँग सब फूले।।
सीरा भई लगावत छाती। क्यों सखि साजन ? ना सखि पाती ।।

2. आकलन कृती :
(१) स्वमत :
• 'जल ही जीवन है' इस विषय पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।

Answer

1. आकलन कृती :
(१) मुकरियों के आधार पर निम्नलिखित शब्दों की विशेषताएँ लिखिए :
    शब्द                  विशेषताएँ
(i)  अंजन -        हमेशा सुंदरता में वृद्धि करने वाला।
(iii) पाती (पत्र) - आने पर सबको प्रफुल्लित कर देने वाली।

2. आकलन कृती :
(१) स्वमत :
• मनुष्य के लिए भोजन और पानी बहुत आवश्यक हैं। भोजन के बिना मनुष्य कुछ दिनों तक जीवित रह सकता है, लेकिन पानी के बिना उसका अधिक दिनों तक जीवित रहना कठिन है। इसलिए पानी का हमारे जीवन में बहुत महत्त्व है। पानी अमूल्य है। हमारे शरीर में अधिकांश भाग पानी का ही है।
हमें पीने, भोजन बनाने, नहाने, कपड़े साफ करने तथा अन्य कार्यों के लिए पानी की आवश्यकता होती है। पानी की मात्रा सीमित है। इसलिए हमें सँभालकर पानी का उपयोग करना चाहिए। पानी की एक-एक बूँद मूल्यवान है। हमें पानी को दूषित नहीं करना चाहिए और इसे व्यर्थ नहीं बहाना चाहिए।

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Question 24 Marks

1. आकलन कृती :
(१) आकृति पूर्ण कीजिए :
(i)
Image
(ii)
Image
(iii)
Image
(२)मुकरियों के आधार पर निम्नलिखित शब्दों की विशेषताएँ लिखिए :
(i) नीर -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙

शोभा सदा बढ़ावन हारा। आँखिन से छिन होत न न्यारा ।।
आठ पहर मेरो मनरंजन। क्यों सखि साजन ? ना सखि अंजन ।।
जीवन सब जग जासों कहै। वा बिनु नेक न धीरज रहै।।
हरै छिनक में हिय की पीर। क्यों सखि साजन ? ना सखि नीर।।
बिन आए सबहीं सुख भूले। आए ते अँग अँग सब फूले।।
सीरा भई लगावत छाती। क्यों सखि साजन ? ना सखि पाती ।।

2. आकलन कृती :
(१) स्वमत :
• 'जल ही जीवन है' इस विषय पर अपने विचार 25 से 30 शब्दों में लिखिए।

Answer

1. आकलन कृती :
(१) आकृति पूर्ण कीजिए :
(i)
Image
(ii)
Image
(iii)
Image
(२)मुकरियों के आधार पर निम्नलिखित शब्दों की विशेषताएँ लिखिए :
    शब्द              विशेषताएँ
(i) नीर -         सबको जीवित रखने वाला।

2. आकलन कृती :
(१) स्वमत :
• मनुष्य के लिए भोजन और पानी बहुत आवश्यक हैं। भोजन के बिना मनुष्य कुछ दिनों तक जीवित रह सकता है, लेकिन पानी के बिना उसका अधिक दिनों तक जीवित रहना कठिन है। इसलिए पानी का हमारे जीवन में बहुत महत्त्व है। पानी अमूल्य है। हमारे शरीर में अधिकांश भाग पानी का ही है।
हमें पीने, भोजन बनाने, नहाने, कपड़े साफ करने तथा अन्य कार्यों के लिए पानी की आवश्यकता होती है। पानी की मात्रा सीमित है। इसलिए हमें सँभालकर पानी का उपयोग करना चाहिए। पानी की एक-एक बूँद मूल्यवान है। हमें पानी को दूषित नहीं करना चाहिए और इसे व्यर्थ नहीं बहाना चाहिए।

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Question 34 Marks

1. आकलन कृती :
(१) मुकरियों के आधार पर निम्नलिखित शब्दों की विशेषताएँ लिखिए :
(i) तोता -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙
(ii) चंद्रमा -˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙˙

बेर-बेर सोवतहि जगावे। ना जागू तो काटे-खावे ।।
व्याकुल हुई में हक्की-बक्की। ऐ सखि साजन ? ना सखि मक्खी।।
अति सुरंग है रंग रंगीलो। है गुणवंत बहुत चटकीलो ।।
राम भजन बिन कभी न सोता। क्यों सखि साजन ? ना सखि तोता ।।
अर्धनिशा वह आयो भौन। सुंदरता बरनै कवि कौन ।।
निरखत ही मन भयो अनंद। क्यों सखि साजन ? ना सखि चंद ।।

2. आकलन कृती :
(१) स्वमत :
• 'गुणवान पक्षी तोता' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।

Answer

1. आकलन कृती :
(१) मुकरियों के आधार पर निम्नलिखित शब्दों की विशेषताएँ लिखिए :
      शब्द          विशेषताएँ
(i) तोता -        राम भजन किए बिना कभी न सोने वाला।
(ii) चंद्रमा -     देखने वाले का मन प्रसन्न करने वाला।˙

2. आकलन कृती :
(१) स्वमत :
• तोता हमारे देश का लोकप्रिय पक्षी है। यह चमकीले हरे रंग का होता है। तोते की बोली बहुत मीठी होती है। तोता बहुत समझदार और शांत पक्षी है। सिखाने पर वह मनुष्य की तरह कुछ शब्द बोल लेता है। उसके मुँह से राम-राम, नमस्ते तथा घर के बच्चों के नाम वाले शब्द अकसर सुनने में आते हैं। पुराने जमाने के पंडितों के तोतों का संस्कृत बोलने का उल्लेख मिलता है। तोते की बुद्धिमानी की अनेक कहानियाँ प्रसिद्ध हैं। तोता सबका प्रिय पक्षी 

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Question 44 Marks

1. आकलन कृती :
(१) आकृति पूर्ण कीजिए
Image

बेर-बेर सोवतहि जगावे। ना जागू तो काटे-खावे ।।
व्याकुल हुई में हक्की-बक्की। ऐ सखि साजन ? ना सखि मक्खी।।
अति सुरंग है रंग रंगीलो। है गुणवंत बहुत चटकीलो ।।
राम भजन बिन कभी न सोता। क्यों सखि साजन ? ना सखि तोता ।।
अर्धनिशा वह आयो भौन। सुंदरता बरनै कवि कौन ।।
निरखत ही मन भयो अनंद। क्यों सखि साजन ? ना सखि चंद ।।

2. आकलन कृती :
(१) स्वमत :
• 'गुणवान पक्षी तोता' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।

Answer

1. आकलन कृती :
(१) आकृति पूर्ण कीजिए
(i)
Image

2. आकलन कृती :
(१) स्वमत :
• तोता हमारे देश का लोकप्रिय पक्षी है। यह चमकीले हरे रंग का होता है। तोते की बोली बहुत मीठी होती है। तोता बहुत समझदार और शांत पक्षी है। सिखाने पर वह मनुष्य की तरह कुछ शब्द बोल लेता है। उसके मुँह से राम-राम, नमस्ते तथा घर के बच्चों के नाम वाले शब्द अकसर सुनने में आते हैं। पुराने जमाने के पंडितों के तोतों का संस्कृत बोलने का उल्लेख मिलता है। तोते की बुद्धिमानी की अनेक कहानियाँ प्रसिद्ध हैं। तोता सबका प्रिय पक्षी 

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Question 54 Marks

1. आकलन कृती :
(१) मुकरियों के आधार पर निम्नलिखित शब्दों की विशेषताएँ लिखिए :
(i) तारा -‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾
(ii) ढोल -‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾

रात समय वह मेरे आवे। भोर भये वह घर उठि जावे।।
यह अचरज है सबसे न्यारा। ऐ सखि साजन ? ना सखि तारा ।।
वह आवे तब शादी होय। उस दिन दूजा और न कोय।।
मीठे लागे वाके बोल । ऐ सखि साजन ? ना सखि ढोल ।।
जब माँगू तब जल भरि लावे। मेरे मन की तपन बुझावे।।
मन का भारी तन का छोटा। ऐ सखि साजन ? ना सखि लोटा ।।

2. आकलन कृती :
(१) स्वमत :
• 'ढोलक की उपयोगिता' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।

Answer

1. आकलन कृती :
(१) मुकरियों के आधार पर निम्नलिखित शब्दों की विशेषताएँ लिखिए :
     शब्द           विशेषताएँ
(i) तारा -       रात में ही आना, भोर में चले जाना।
(ii) ढोल -      शादी के समय आवश्यक समझा जाना।     

2. आकलन कृती :
(१) स्वमत :
• ढोलक एक भारतीय वाद्य है। यह गाँवों तथा शहरों दोनों स्थानों पर रहने वाले लोगों का परिचित तथा उनके बीच लोकप्रिय वाद्य है। इसकी ध्वनि बहुत नादमय/तालमय होती है। लोकगीतों में ढोलक का बहुत महत्त्व होता है। अन्य गीतों के संगीत में भी ढोलक का बहुत उपयोग होता है। छोटे-बड़े हर प्रकार के कार्यक्रम में अन्य वाद्यों के साथ आवश्यकतानुसार ढोलक का उपयोग किया जाता है। इस प्रकार ढोलक एक उपयोगी और लोकप्रिय वाद्य है।

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Question 64 Marks

1. आकलन कृती :
(१) आकृति पूर्ण कीजिए :
(i)
Image
(२) मुकरियों के आधार पर निम्नलिखित शब्दों की विशेषताएँ लिखिए :
(i) लोटा -‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾‾

रात समय वह मेरे आवे। भोर भये वह घर उठि जावे।।
यह अचरज है सबसे न्यारा। ऐ सखि साजन ? ना सखि तारा ।।
वह आवे तब शादी होय। उस दिन दूजा और न कोय।।
मीठे लागे वाके बोल । ऐ सखि साजन ? ना सखि ढोल ।।
जब माँगू तब जल भरि लावे। मेरे मन की तपन बुझावे।।
मन का भारी तन का छोटा। ऐ सखि साजन ? ना सखि लोटा ।।

2. आकलन कृती :
(१) स्वमत :
• 'ढोलक की उपयोगिता' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।

Answer

1. आकलन कृती :
(१) आकृति पूर्ण कीजिए :
(i)
Image
(२) मुकरियों के आधार पर निम्नलिखित शब्दों की विशेषताएँ लिखिए :
     शब्द           विशेषताएँ
(i) लोटा -        माँगने पर जल भर लाने वाला।      

2. आकलन कृती :
(१) स्वमत :
• ढोलक एक भारतीय वाद्य है। यह गाँवों तथा शहरों दोनों स्थानों पर रहने वाले लोगों का परिचित तथा उनके बीच लोकप्रिय वाद्य है। इसकी ध्वनि बहुत नादमय/तालमय होती है। लोकगीतों में ढोलक का बहुत महत्त्व होता है। अन्य गीतों के संगीत में भी ढोलक का बहुत उपयोग होता है। छोटे-बड़े हर प्रकार के कार्यक्रम में अन्य वाद्यों के साथ आवश्यकतानुसार ढोलक का उपयोग किया जाता है। इस प्रकार ढोलक एक उपयोगी और लोकप्रिय वाद्य है।

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Question 74 Marks

1. आकलन कृती :
(१) आकृति पूर्ण कीजिए :
(i)
Image

रात समय वह मेरे आवे। भोर भये वह घर उठि जावे।।
यह अचरज है सबसे न्यारा। ऐ सखि साजन ? ना सखि तारा ।।
वह आवे तब शादी होय। उस दिन दूजा और न कोय।।
मीठे लागे वाके बोल । ऐ सखि साजन ? ना सखि ढोल ।।
जब माँगू तब जल भरि लावे। मेरे मन की तपन बुझावे।।
मन का भारी तन का छोटा। ऐ सखि साजन ? ना सखि लोटा ।।

2. आकलन कृती :
(१) स्वमत :
• 'ढोलक की उपयोगिता' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।

Answer

1. आकलन कृती :
(१) आकृति पूर्ण कीजिए :
(i)
Image

2. आकलन कृती :
(१) स्वमत :
• ढोलक एक भारतीय वाद्य है। यह गाँवों तथा शहरों दोनों स्थानों पर रहने वाले लोगों का परिचित तथा उनके बीच लोकप्रिय वाद्य है। इसकी ध्वनि बहुत नादमय/तालमय होती है। लोकगीतों में ढोलक का बहुत महत्त्व होता है। अन्य गीतों के संगीत में भी ढोलक का बहुत उपयोग होता है। छोटे-बड़े हर प्रकार के कार्यक्रम में अन्य वाद्यों के साथ आवश्यकतानुसार ढोलक का उपयोग किया जाता है। इस प्रकार ढोलक एक उपयोगी और लोकप्रिय वाद्य है।

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Question 84 Marks

1. आकलन कृती :
(१) आकृति पूर्ण कीजिए :
(i)
Image

रात समय वह मेरे आवे। भोर भये वह घर उठि जावे।।
यह अचरज है सबसे न्यारा। ऐ सखि साजन ? ना सखि तारा ।।
वह आवे तब शादी होय। उस दिन दूजा और न कोय।।
मीठे लागे वाके बोल । ऐ सखि साजन ? ना सखि ढोल ।।
जब माँगू तब जल भरि लावे। मेरे मन की तपन बुझावे।।
मन का भारी तन का छोटा। ऐ सखि साजन ? ना सखि लोटा ।।

2. आकलन कृती :
(१) स्वमत :
• 'ढोलक की उपयोगिता' विषय पर 25 से 30 शब्दों में अपने विचार लिखिए।

Answer

1. आकलन कृती :
(१) आकृति पूर्ण कीजिए :
(i)
Image

2. आकलन कृती :
(१) स्वमत :
• ढोलक एक भारतीय वाद्य है। यह गाँवों तथा शहरों दोनों स्थानों पर रहने वाले लोगों का परिचित तथा उनके बीच लोकप्रिय वाद्य है। इसकी ध्वनि बहुत नादमय/तालमय होती है। लोकगीतों में ढोलक का बहुत महत्त्व होता है। अन्य गीतों के संगीत में भी ढोलक का बहुत उपयोग होता है। छोटे-बड़े हर प्रकार के कार्यक्रम में अन्य वाद्यों के साथ आवश्यकतानुसार ढोलक का उपयोग किया जाता है। इस प्रकार ढोलक एक उपयोगी और लोकप्रिय वाद्य है।

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