Questions

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर सविस्तर लिखिए : [5 गुण ]

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Question 15 Marks
कंपास की संरचना को समझाइये। 
Answer
कंपास: यह चुम्बकों के दिशा - निर्धारण के गुण पर आधारित एक सरल उपकरण है। कंपास (दिक्सूचक) सामान्यतया काँच के ढक्कन वाली एक छोटी डिब्बी होती है। इस डिब्बी के अन्दर एक चुम्बकित सुई एक धुरी पर लगी होती है, जो स्वतंत्रतापूर्वक घूम सकती है। इसमें एक डायल भी होता है, जिस पर दिशाएँ अंकित होती हैं। जहाँ दिशा - निर्धारण करना होता है, उस स्थान पर कंपास को रखते हैं। विरामावस्था में इसकी सुई उत्तर - दक्षिण दिशा बताती है। कंपास को तब तक घुमाते हैं जब तक कि डायल पर अंकित उत्तर - दक्षिण के चिह्न, सुई के दोनों सिरों पर न आ जाएँ। चुम्बकीय सुई के उत्तरी ध्रुव की पहचान के लिए सामान्यतः इसे अलग रंग से पेंट किया जाता है। उत्तर - दक्षिण दिशा ज्ञात होने के बाद हम पूर्व-पश्चिम दिशा का भी पता लगा सकते हैं। इस प्रकार कंपास की सहायता से दिशा का निर्धारण कर लिया जाता है।
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Question 25 Marks
चुम्बकों के गुण बनाये रखने के लिए हमें क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए? 
Answer
चुम्बक अपने गुण न खोये, इसके लिए हमें कुछ सावधानियाँ रखनी चाहिए, जैसे:
  1. छड़ चुम्बकों को सुरक्षित रखने के लिए इनके जोड़ों के असमान ध्रुवों को पास - पास रखना चाहिए। 
  2. इन चुम्बकों को लकड़ी के टुकड़े से पृथक् करके इनके सिरों पर नर्म लोहे के दो टुकड़े लगाने चाहिए। 
  3. नाल-चुम्बक का भण्डारण करने के लिए इसके । ध्रुवों के सम्पर्क में लोहे का एक टुकड़ा रखना चाहिए। 
  4. चुम्बक को कैसेट, मोबाइल, टेलीविजन, म्यूजिक सिस्टम, सीडी, कम्प्यूटर जैसे उपकरणों से दूर रखना चाहिए। 
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