कंपास: यह चुम्बकों के दिशा - निर्धारण के गुण पर आधारित एक सरल उपकरण है। कंपास (दिक्सूचक) सामान्यतया काँच के ढक्कन वाली एक छोटी डिब्बी होती है। इस डिब्बी के अन्दर एक चुम्बकित सुई एक धुरी पर लगी होती है, जो स्वतंत्रतापूर्वक घूम सकती है। इसमें एक डायल भी होता है, जिस पर दिशाएँ अंकित होती हैं। जहाँ दिशा - निर्धारण करना होता है, उस स्थान पर कंपास को रखते हैं। विरामावस्था में इसकी सुई उत्तर - दक्षिण दिशा बताती है। कंपास को तब तक घुमाते हैं जब तक कि डायल पर अंकित उत्तर - दक्षिण के चिह्न, सुई के दोनों सिरों पर न आ जाएँ। चुम्बकीय सुई के उत्तरी ध्रुव की पहचान के लिए सामान्यतः इसे अलग रंग से पेंट किया जाता है। उत्तर - दक्षिण दिशा ज्ञात होने के बाद हम पूर्व-पश्चिम दिशा का भी पता लगा सकते हैं। इस प्रकार कंपास की सहायता से दिशा का निर्धारण कर लिया जाता है।