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अति लघु उत्तरीय प्रश्न(2 गुण)

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Question 12 Marks
पश्चिमी घाट का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
Answer
पश्चिमी घाट का संक्षिप्त वर्णन निम्न प्रकार है-
पश्चिमी घाट दक्षिण के पठार के पश्चिमी सिरे पर पश्चिमी तट के समानान्तर स्थित हैं।
इनकी ऊँचाई 900 से 1600 मीटर है।
पश्चिमी घाट में पर्वतीय वर्षा होती है।
पश्चिमी घाट की ऊँचाई उत्तर से दक्षिण की ओर बढ़ती जाती है।
अनाईमुडी (2695 मी.) तथा डोडा बेटा (2633 मी.) इस घाट के ऊँचे शिखर हैं।
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Question 22 Marks
दक्कन के पठार की लाक्षणिक विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
Answer
दक्कन के पठार की लाक्षणिक विशेषताएँ निम्न प्रकार हैं-
दक्कन का पठार नर्मदा नदी के दक्षिण में स्थित एक त्रिभुजाकार भू-भाग है। उत्तर में इसके आधार हिस्से का निर्माण सतपुड़ा श्रेणी द्वारा किया जाता है। कैमूर, मैकाल तथा महादेव श्रेणियाँ इसके पूर्वी विस्तार का निर्माण करती हैं। पश्चिम में इसकी ऊँचाई अधिक है जो पूर्व में धीरे-धीरे कम होती जाती है।
इस पठार का एक भाग उत्तर-पूर्व में भी है जिसे स्थानीय रूप से मेघालय, कार्बी एंगलौंग पठार तथा उत्तर ही के नाम से जाना जाता है। इसकी तीन महत्त्वपूर्ण श्रृंखलाएँ गारो, खासी तथा जयंतिया हैं।
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Question 32 Marks
उत्तर के मैदान भारत के सर्वाधिक सघन आबादी वाले क्यों हैं?
Answer
इसके निम्न कारण हैं-
हिमालयी तथा प्रायद्वीपीय नदियों ने अपनी जलोढ़ों द्वारा इस विशाल मैदान का निर्माण किया है।
उपजाऊ काँप मिट्टी, पर्याप्त जलापूर्ति तथा अनुकूल जलवायविक परिस्थितियों ने इसे कृषि की दृष्टि से देश का सर्वाधिक उत्पादक क्षेत्र बना दिया है।
यहाँ रेल एवं सड़क परिवहन का अच्छा एवं विकसित नेटवर्क है। इसके कारण व्यक्ति एवं वस्तु के परिवहन में आसानी होती है।
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Question 42 Marks
शिवालिक पर्वत श्रेणी की प्रमख विशेषताओं का उल्लेख कीजिये।
Answer
हिमालय की बाहरी श्रृंखला को शिवालिक कहा जाता है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ ये हैं-
इस पर्वत श्रेणी की चौड़ाई 10 से 50 किमी. एवं ऊँचाई 900 से 1100 मीटर के मध्य है।
यह पर्वत श्रेणी जलोढ़ अवसादों से निर्मित है।
शिवालिक और हिमाचल के बीच दून घाटी स्थित है। देहरादून ऐसी घाटी में स्थित है।
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Question 52 Marks
भारत के पूर्वी हिस्सों की पर्वत श्रेणियों पर एक टिप्पणी लिखिए।
Answer
ब्रह्मपुत्र नदी के पूर्व में स्थित श्रेणियों को पूर्वी हिमालय के नाम से जाना जाता है। इसका वर्णन अग्र है-
दिहांग श्रृंखला के आगे हिमालय तेजी से दक्षिण की ओर मुड़कर पूर्वी सीमा के साथ फैल जाता है। इसे पूर्वांचल कहा जाता है।
पूर्वांचल में पटकाई, नागा पहाड़ियाँ, मिजो पहाड़ियाँ तथा मणिपुर पहाड़ियाँ शामिल हैं।
भारत-बांग्लादेश सीमा के अनुदिश मेघालय में क्रमशः पश्चिम की ओर वे जयंतिया, खासी तथा गारो पहाड़ियों के रूप में सामने आती हैं।
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Question 62 Marks
पश्चिम से पूर्व तक स्थित क्षेत्रों के आधार पर हिमालय का वर्गीकरण कीजिए।
Answer
पश्चिम से पूर्व तक स्थित क्षेत्रों के आधार पर हिमालय का विभाजन निम्न प्रकार है-
पंजाब हिमालय-यह भाग सिन्धु एवं सतलज नदियों के मध्य जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में फैला हुआ है। कुमाऊँ हिमालय-यह सतलुज एवं काली नदियों के बीच स्थित हिमालय का भाग है।
नेपाल हिमालय-काली एवं तिस्ता नदियों के बीच स्थित हिमालय का भाग है।
असम हिमालय-हिमालय का वह हिस्सा जो तिस्ता एवं दिहांग नदियों के बीच स्थित है।
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Question 72 Marks
भारत की भूमि की भौतिक विभिन्नताओं को समझाइए।
Answer
भारत की भूमि में अनेक भौतिक विभिन्नताएँ पाई जाती हैं। इनका वर्णन निम्न प्रकार है-
उत्तर में असममित उच्चावच पाया जाता है। यहाँ अवसादी शैलों से निर्मित हिमालय पर्वत श्रृंखला स्थित है जिसमें ऊँचे शिखर, गहरी घाटियाँ तथा तेज बहने वाली नदियाँ स्थित हैं।
उत्तरी मैदान जलोढ़ निक्षेपों से बने हैं तथा ये भी नवीन स्थलाकृतियाँ हैं। इसमें भी भाबर, तराई, बांगर तथा खादर के रूप में उच्चावच की भिन्नता देखने को मिलती है।
दक्षिण में प्रायद्वीपीय पठार है जो आग्नेय तथा रूपान्तरित शैलों से निर्मित है जहाँ कम ऊँची पहाड़ियाँ तथा चौड़ी घाटियाँ हैं।
पूर्वी तथा पश्चिमी किनारों पर तटीय मैदान पाये जाते हैं।
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