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एक-एक वाक्य में दिजीए।

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Question 11 Mark
कृषि-पद्धतियों में अधिक लागत से अधिक पैदावर होती है। व्याख्या कीजिए।
Answer
  1. कृषि पद्धतियों में अधिक लागत से अधिक पैदावार होती है। इसका अर्थ है कि फसल उगाने के लिए अधिक धन की आवश्यकता होती है।
  2. किसानों की आर्थिक स्थिति उन्हें भिन्न-भिन्न कृषि पद्धतियाँ तथा तकनीक अपनाने देती है। लागत के लिए किसान की खरीदने की (खरीदारी) क्षमता फसलों की व्यवस्था तथा उत्पादन पद्धतियों को निर्धारित करती है।
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Question 21 Mark
इटली की एक मधुमक्खी की किस्म ऐपिस मेलीफेरा को शहद उत्पादन के लिए भारत में लाया गया है। इस मधुमक्खी के उन गुणों का उल्लेख कीजिए जिनमें यह अन्य किस्मों से बेहतर मानी जाती है।
Answer
मधुमक्खियों की अन्य प्रजातियों की अपेक्षा, इटली की मधुमक्खी ऐपिस मेलीफेरा में निम्नलिखित गुण हैं-
  1. इसकी शहद एकत्र करने की क्षमता अधिक है।
  2. यह डंकरहित है।
  3. यह लंबे समय तक छत्ते में रहती हैं तथा भली-भांति प्रजनन करती है।
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Question 31 Mark
हरी खाद तैयार करने के लिए इन कथनों को सही क्रम में लिखिए-
  1. हरे पौधे मृदा में अपघटित हो जाते हैं।
  2. खाद बनाने के लिए यानी हरे पौधे उगाए जाते हैं या फसली पौधों के भागों का इस्तेमाल किया जाता है।
  3. पौधे खेत में जोत दिए जाते हैं और मृदा में मिल जाते हैं।
  4. अपघटन के बाद यह हरी खाद बन जाती है।
Answer
फसल उगाने से पहले खेतों में कुछ पौधे; जैसे - पटसन, मूँग अथवा ग्वार आदि उगा देते हैं और तत्पश्चात् उन पर हल चलाकर खेत की मिट्टी में मिला दिया जाता है। ये पौधे हरी खाद में परिवर्तित हो जाते हैं जो मिट्टी को नाइट्रोजन तथा फॉस्फोरस से परिपूर्ण करने में सहायक होता है।
हरी खाद तैयार करने के लिए सही क्रम है:
(ii) - (iii) - (i) - (iv)
खाद बनाने के लिए हरे पौधे उगाए जाते हैं या फसली पौधों के भागों का इस्तेमाल किया जाता है। $\to$ पौधे खेत में जोत दिए जाते हैं और मृदा में मिल जाते हैं। $\to$ हरे पौधे मृदा में अपघटित हो जाते हैं $\to$ अपघटन के बाद यह हरी खाद बन जाती है।
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Question 41 Mark
कंपोस्ट तथा वर्मी-कंपोस्ट में अंतर बताइए।
Answer
कम्पोस्ट वर्मी-कम्पोस्ट
यह सभी प्रकार के कार्बनिक-जैविक अपशिष्टों, जैसे-सीवेज, जंतुओं का मल-मूत्र, खेतों का कचरा आदि से बनाई जाती है। यह घरेलू कचरे तथा सब्जियों के कचरे से बनाई जाती है।
इसको बनाने में 3 से 6 माह का समय लगता है। इसको बनाने में 1 से 2 माह का समय लगता है।
जैविक अवशेष सूक्ष्मजीवों द्वारा अपघटित हो जाते हैं। जैविक अवशेषों को केंचुओं द्वारा अपघटित किया जाता है।
यह पादप वृद्धि के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करती है, अतः, प्रायः इसका उपयोग उर्वरक के रूप में किया जाता है। यह मृदा की संरचना को भी उन्नत करती है जिससे मृदा की जल संचयन क्षमता बढ़ जाती है। यह मृदा की संरचना, वायवीयता, जल संचयन क्षमता को बढ़ाती है तथा मृदा अपरदन की रोकथाम करती है।
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Question 51 Mark
कुल ________ पोषकों की अल्प मात्रा में आवश्यकता होती है और इन्हें ________ कहते हैं।
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Question 61 Mark
कुल ________ पोषकों की बड़ी मात्रा में आवश्यकता होती है और इन्हें ________ कहते हैं।
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Question 71 Mark
पादपों को ________ पोषकों की आपूर्ति मृदा से होती है।
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Question 81 Mark
पादपों को ________ की आपूर्ति जल द्वारा होती है।
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Question 91 Mark
________ तथा ________ पादपों को वायु से प्राप्त होते हैं।
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Question 101 Mark
पादपों की वृद्धि के लिए कुल ________ पोषक आवश्यक होते हैं।
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Question 111 Mark
कृषि पद्धतियाँ तथा फसल की पैदावार का संबंध पर्यावरणीय परिस्थितियों से होता है। इस कथन की व्याख्या कीजिए।
Answer
सभी फसलें एकसमान पर्यावरणीय स्थितियों में नहीं उग सकती हैं। अतः, उनकी कृषि पद्धतियाँ तथा पैदावार का संबंध पर्यावरणीय परिस्थितियों से होता है। पर्यावरणीय दशाएँ नीचे दी गईं हैं-
  1. मौसम- जलवायु की दशाएँ जैसे दीप्तिकाल, तापमान, वर्षा आदि फसलों की वृद्धि के लिए अनुकूल होनी चाहिए।
  2. मृदा की गुणवत्ता- सभी पौधों को अपनी वृद्धि के लिए पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। मृदा इसके लिए एक माध्यम् का कार्य करती है तथा यह पोषक तत्वों से समृद्ध होनी चाहिए तथा फसलों की वृद्धि के लिए उसका pH मान संतुलित होना चाहिए।
  3. जल की उपलब्धता- फसलों की अच्छी पैदावार के लिए सिंचाई की व्यवस्था उपयुक्त होनी चाहिए।
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Question 151 Mark
खरीफ की फसल की खेती ________ से ________ तक की जाती है।
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Question 161 Mark
दीप्तिकाल पादपों में ________ को प्रभावित करता है।
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Question 171 Mark
संकरण तथा दीप्तिकाल की परिभाषा लिखिए।
Answer
विभिन्न किस्मों अथवा प्रजाति के जीवों के मध्य संसर्ग करवाकर संकर तैयार करने की प्रक्रिया संकरण कहलाती है। संकरण द्वारा उत्पादित संतति प्रजनन करने योग्य अथवा बाँझ हो सकती है।
दीप्तिकाल सूर्य-प्रकाश के काल से संबंधित होता है। पौधों में पुष्पन तथा वृद्धि सूर्य-प्रकाश पर निर्भर करती है।
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Question 181 Mark
निम्नलिखित के समूह बनाइए तथा उन्हें ऊर्जा देने वाली, प्रोटीन देने वाली, तेल देने वाली तथा चारा देने वाली फसलों में वगीकृत कीजिए-
गेहूँ, चावल, बरसीम, मक्का, चना, जई, अरहर, सूडान घास, मसूर, सोयाबीन, मूँगफली, अरंडी तथा सरसों।
Answer
ऊर्जा देने वाली प्रोटीन देने वाली तेल देने वाली चारा देने वाली
गेहूँ चना मूंगफली सूडान घास
चावल अरहर अरंडी बरसीम
मक्का मसूर सरसों -
जई - - -
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Question 191 Mark
यदि किसी गांव में पूरे साल कम वर्षा हुई है तो आप किसानों को अच्छी फसल लेने के लिए क्या उपाय सुझाएँगे?
Answer
यदि किसी गाँव में पूरे साल कम वर्षा हुई है तो किसानों को अच्छी फसल लेने के लिए जल संरक्षण के लिए उत्तरदायी आवश्यक उपाय करने की आवश्यकता पड़ती है। किसानों के लिए लाभदायक कुछ सुझाव निम्नलिखित हैं-
  1. किसानों को ऐसी फसलें उगानी चाहिए जो सूखे की स्थिति के लिए प्रतिरोधक हों तथा जिनका परिपक्वन काल छोटा हो। ऐसी फसलें कम जल का उपयोग करेंगी तथा किसानों के लिए लाभदायक होंगी।
  2. किसानों को जैविक खाद तथा प्राकृतिक खाद का प्रयोग करना चाहिए। ये लंबे समय के लिए मृदा की जल संचयन क्षमता को बढ़ा देंगी।
  3. यदि किसी विशिष्ट क्षेत्र में नदियाँ हों तो किसान नदियों से छोटी-छोटी नहरें बना सकते हैं और नदियों के जल का प्रयोग सिंचाई के लिए कर सकते हैं।
  4. किसानों को वर्षा के जल का संरक्षण करना चाहिए। इसके लिए उन्हें जल भंडारण के लिए टैंक बनवाने चाहिए जिससे वर्षा की प्रत्येक बूँद भविष्य के लिए संचित रह सके।
  5. किसानों को सिंचाई की पारंपरिक विधियों का प्रयोग करना चाहिए जिसमें कुओं, झीलों तथा नहरों से जल को प्राप्त करने तथा उसे खेतों तक पहुँचाने की विभिन्न विधियाँ सम्मिलित हैं।
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Question 201 Mark
स्तंभ A में दिए गए शब्दों का स्तंभ B के शब्दों के साथ मिलान कीजिए-
(A) (B)
(a) खेत जोतने तथा गाड़ी खींचने वाले पशु (i) दुग्ध उत्पादन करने वाली मादाएँ
(b) कुक्कुट की भारतीय नस्ल (ii) ब्रॉइलर
(c) साहीवाल, लाल सिंधी (iii) बोझा ढोने वाले जंतु
(d) दुधारू पशु (iv) पशुओं की स्थानीय नस्ल
(e) वे कुक्कुट (मुर्गी) जिनका मांस प्राप्त करने के लिए उत्तम भोजन दिया जाता है (v) असील
Answer
(a) - (iii), (b) - (v), (c) - (iv), (d) - (i), (e) - (ii)
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Question 221 Mark
गोखरू (जैंथियम) तथा गाजरघास (पारथेनियम) आमतौर पर कहे जाते हैं ________
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Question 231 Mark
एक भूमि के टुकड़े में विभिन्न फसलों को पूर्व-नियोजित तरीके से क्रमवार उगाने को कहते हैं ________।
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Question 241 Mark
सोयाबीन और मक्का को एकांतर पंक्ति में एक ही खेत में उगाने को कहते हैं ________।
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Question 251 Mark
गेहूँ और मूँगफली को एक ही खेत में साथ-साथ उगाने को कहते हैं ________।
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Question 261 Mark
खेती जो उर्वरक, शाकनाशी तथा पीड़कनाशी जैसे रसायनों की अनुपस्थिति में होती है उसे कहते हैं ________।
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Question 271 Mark
उर्वरक का अधिक उपयोग पर्यावरण के लिए क्यों हानिकारक है?
Answer
उर्वरक का अधिक उपयोग पर्यावरण के लिए हानिकारक है क्योंकि इससे निम्नलिखित प्रभाव प्रेरित हो सकते हैं :
  1. प्रदूषण।
  2. वे फलों तथा सब्जियों से चिपक सकते हैं जिसके कारण अनेक रोग उत्पन्न हो सकते हैं।
  3. मृदा की गुणवत्ता को कम करते हैं।
  4. जब ये उर्वरक पानी के साथ बहकर किसी जलाशय में पहुँच जाते हैं तब उस जलाशय का पानी जलीय जीवों के लिए घातक हो जाता है।
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Question 281 Mark
फसल उत्पादन में जैव पदार्थ क्यों महत्वपूर्ण हैं?
Answer
फसल उत्पादन में जैव पदार्थ अथवा कार्बनिक खाद निम्नलिखित कारणों से फसल उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण है-
  1. यह मृदा के भौतिक गुणधर्मों को उन्नत करता है।
  2. यह मृदा अपरदन को रोकता है।
  3. यह मृदा की जल संचय करने की क्षमता बढ़ाता है।
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Question 291 Mark
उन्नत फसलों में पाए जाने वाले कुछ लाभदायक लक्षणों की सूची बनाइए।
Answer
उन्नत फसलों में पाए जाने वाले कुछ लाभदायक लक्षण निम्नलिखित हैं-
  1. उच्च उत्पादकता तथा उन्नत गुणवत्ता
  2. जैविक तथा अजैविक कारकों के प्रति प्रतिरोधकता
  3. ऐच्छिक सस्य विज्ञान गुण
  4. उन्नत पोषण गुणवत्ता
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Question 301 Mark
आनुवंशिक रूप से रूपांतरित फसलें क्या होती हैं? भारत में उगाई जाने वाली एक ऐसी फसल का नाम बताइए।
Answer
  1. आनुवांशिक रूप से रूपांतरित फसलें वे फसलें हैं जिनमें उनके आनुवांशिक पदार्थ (DNA) को आनुवांशिक अभियांत्रिकी द्वारा बदला जा चुका है।
  2. भारत में उगाई जाने वाली एक ऐसी फसल कपास है।
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Question 331 Mark
वर्षा ऋतु में होने वाली फसल को ________ फसल कहते हैं।
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