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Question 12 Marks
मेसोपोटामियावासी देवी-देवताओं को क्या भेंट अर्पित करते थे?
Answer
मेसोपोटामियावासियों की पूजा का केन्द्र-बिन्दु देवी-देवता होते थे। वे देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए अन्न, दही, मछली, खजूर आदि लाते थे। इन वस्तुओं का एक भाग देवी-देवताओं को अर्पित कर दिया जाता था। आराध्यदेव सैद्धान्तिक रूप से खेतों, मत्स्य क्षेत्रों और स्थानीय लोगों के पशुधन का स्वामी माना जाता था।
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Question 22 Marks
मेसोपोटामिया के लोगों ने ज्योतिष तथा खगोल विद्या के क्षेत्र में पर्याप्त उन्नति की है, स्पष्ट कीजिए।
Answer
ज्योतिष तथा खगोल विद्या- मेसोपोटामिया के लोगों ने ज्योतिष तथा खगोल विद्या के क्षेत्र में भी 
पर्याप्त उन्नति की। उन्होंने चन्द्रमा की गति के आधार पर एक कैलेण्डर का निर्माण किया था। उन्होंने एक वर्ष को 12 महीनों में, एक महीने को चार सप्ताहों में, एक दिन को 24 घण्टों में तथा एक घण्टे को 60 मिनट में विभाजित किया था। समय के इस विभाजन को सिकन्दर के उत्तराधिकारियों ने अपनाया, वहाँ से वह रोम तथा मुस्लिम देशों में पहुँचा और फिर मध्ययुगीन यूरोप में पहुँचा।
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Question 32 Marks
मेसोपोटामिया की मूर्ति-कला का वर्णन कीजिए।
Answer
मूर्ति-कला- मेसोपोटामिया में मूर्तिकला की भी पर्याप्त उन्नति हुई। उर नगर की खुदाई में अनेक सुन्दर मूर्तियाँ मिली हैं। एक रथ पर सवार एक राजा की मूर्ति बड़ी सुन्दर और सजीव है। यहाँ एक मन्दिर के सामने चबूतरे पर बैल की एक अत्यन्त सजीव मूर्ति रखी हुई है। मेसोपोटामिया में मूर्तिकला के सुन्दर नमूने अधिकतर आयातित पत्थरों से तैयार किये जाते थे। 3000 ई. पूर्व उरुक नगर में एक स्त्री का सिर एक सफेद संगमरमर को तराशकर बनाया गया था। यह वार्का शीर्ष मेसोपोटामिया की मूर्ति-कला का एक विश्व-प्रसिद्ध नमूना है।
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Question 42 Marks
नैबोपोलास्सर तथा उनके उत्तराधिकारियों के समय में बेबीलोनिया के विकास का वर्णन कीजिए।
Answer
नैबोपोलास्सर दक्षिणी कछार का एक महान योद्धा था। उसने बेबीलोनिया को 625 ई. पूर्व में असीरियन लोगों के आधिपत्य से मुक्ति दिलाई। उसके उत्तराधिकारियों ने बेबीलोनिया के राज्य का विस्तार किया और बेबीलोन में भवन-निर्माण की योजनाएँ पूरी कीं। 539 ई. पूर्व में ईरान के एकेमिनिड लोगों द्वारा विजित होने के पश्चात् तथा 331 ई. पूर्व में सिकन्दर महान से पराजित होने तक बेबीलोन विश्व का एक प्रमुख नगर बना रहा।
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Question 52 Marks
शहरीकरण के महत्त्व पर प्रकाश डालिए।###"श्रम-विभाजन शहरी जीवन की विशेषता है।" स्पष्ट कीजिए।###मेसोपोटामिया की सभ्यता का शहरीकरण कैसे हुआ? स्पष्ट कीजिये।
Answer
शहरी अर्थव्यवस्था में खाद्य उत्पादन के अतिरिक्त व्यापार, उत्पादन और भिन्न-भिन्न प्रकार की सेवाओं की भी महत्त्वपूर्ण भूमिका होती है। नगर के लोग आत्म -निर्भर नहीं होते हैं। वे नगर या गाँव के अन्य लोगों द्वारा उत्पन्न वस्तुओं या दी जाने वाली सेवाओं के लिए उन पर आश्रित होते हैं। उनमें आपस में बराबर लेन-देन होता रहता है। सभी लोग एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं। इसलिए श्रम-विभाजन होता है जिसके अन्तर्गत लोग अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति एक-दूसरे के उत्पादन अथवा सेवाओं के द्वारा करते हैं। इस प्रकार श्रम विभाजन शहरी जीवन की विशेषता है।
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Question 62 Marks
उन नगर में नगर नियोजन पद्धति का अभाव था, स्पष्ट कीजिए।
Answer
मेसोपोटामिया के उर नामक नगर में सबसे पहले खुदाई की गई थी। नगर में टेढ़ी-मेढ़ी तथा सँकरी गलियाँ पाई गईं। इससे ज्ञात होता है कि पहिए वाली गाड़ियाँ वहाँ के अनेक घरों तक नहीं पहुँच सकती थीं। अन्न के बोरे तथा ईंधन के गट्ठे सम्भवतः गधों पर लादकर घरों तक लाए जाते थे। पतली व घुमावदार गलियों तथा घरों के भूखण्डों के एक-जैसा आकार न होने से पता चलता है कि उर नगर में नगर नियोजन की पद्धति का अभाव था।
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Question 72 Marks
मेसोपोटामिया में राजा के प्रभाव में वृद्धि कैसे हुई? संक्षेप में बताइए।
Answer
(1) मेसोपोटामिया में राजा ने समुदाय के कल्याण पर अत्यधिक ध्यान देना शुरू किया।
(2) मन्दिरों के सौन्दर्याकरण पर बल देना शुरू किया।
(3) ग्रामीणों को अपने पास बसने के लिए प्रोत्साहित किया।
(4) राजा युद्धबंदियों और स्थानीय लोगों से भी अनिवार्य रूप से काम लेते थे।
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Question 82 Marks
मेसोपोटामिया में परिवार कैसे होते थे?
Answer
परिवार- विवाह, उत्तराधिकार आदि के मामलों से सम्बन्धित कानूनी दस्तावेजों से ज्ञात होता है कि मेसोपोटामिया के समाज में एकल परिवार को ही आदर्श माना जाता था। एकल परिवार में एक पुरुष, उसकी पत्नी और बच्चे शामिल होते थे। फिर भी विवाहित पुत्र और उसका परिवार प्रायः अपने माता-पिता के साथ ही रहा करता था। पिता परिवार का मुखिया होता था। पुत्र ही पिता की सम्पत्ति का वास्तविक उत्तराधिकारी होता था।
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Question 92 Marks
मेसोपोटामिया की उपज पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Answer
उपज- मेसोपोटामिया के अन्तर्गत फरात नदी रेगिस्तान में प्रवेश करने के पश्चात् कई धाराओं में बँटकर बहने लगती है। कभी-कभी इन धाराओं में बाढ़ आ जाती है। पुराने युग में ये धाराएँ सिंचाई की नहरों का काम देती थीं। इनसे आवश्यकता पड़ने पर गेहूँ, जौ, मटर या मसूर के खेतों की सिंचाई की जाती थी। इस प्रकार यहाँ गेहूँ, जौ, खजूर, मटर या मसूर की खेती की जाती थी। प्राचीन सभ्यताओं में दक्षिणी मेसोपोटामिया की खेती सबसे अधिक उपज देने वाली हुआ करती थी। फिर भी वहाँ फसलों की खेती के लिए आवश्यक वर्षा की कुछ कमी रहती थी।
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Question 102 Marks
बेबीलोन नगर की मुख्य विशेषताएँ बताइए।
Answer
बेबीलोन नगर की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित थीं- (i) इसका क्षेत्रफल 850 हैक्टेयर से अधिक था। (ii) इसकी चहारदीवारी तिहरी थी। (iii) इसमें विशाल राजमहल तथा मन्दिर बने हुए थे। (iv) इसमें एक जिगुरात अर्थात् सीढ़ीदार मीनार थी। (v) इस नगर के मुख्य अनुष्ठान केन्द्र तक शोभा -यात्रा के लिए एक विस्तृत मार्ग बना हुआ था। (vi) इसके व्यापारिक घराने दूर-दूर तक व्यापार करते थे। (vii) इसके गणितज्ञों तथा खगोलविदों ने अनेक नई खोजें की थीं।
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Question 112 Marks
मेसोपोटामियावासियों की विवाह-प्रणाली का वर्णन कीजिए।
Answer
विवाह करने की इच्छा के सम्बन्ध में घोषणा की जाती थी और कन्या के माता-पिता उसके विवाह के लिए अपनी सहमति प्रदान करते थे। उसके पश्चात् वर पक्ष के लोग वधू को कुछ उपहार देते थे। जब विवाह की रस्म पूरी हो जाती थी, तब दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे को उपहार दिये जाते थे और वे एकसाथ बैठकर भोजन करते थे। इसके बाद वे मन्दिर में जाकर देवी-देवता को भेंट चढ़ाते थे। जब नववधू को उसकी सास लेने आती थी, तब वधू को उसके पिता के द्वारा उसकी दाय का भाग दे दिया जाता था।
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Question 122 Marks
मेसोपोटामिया के परम्परागत साहित्य में वर्णित 'जल-प्लावन आख्यान' का वर्णन कीजिए।
Answer
मेसोपोटामिया के परम्परागत साहित्य में वर्णित 'जल-प्लावन आख्यान' में बताया गया है कि एक बार देवता मनुष्य जाति को नष्ट करने पर उतारू हो गए परन्तु एनकी ने जिउसूद्र नामक एक व्यक्ति को यह रहस्य बता दिया। जिउसूद्र ने एनकी के आदेशानुसार एक विशाल नौका बनाई और उसे अनेक जीवों के जोड़ों और अन्नादि से भर लिया। अपने परिवार को भी उसने नाव पर चढ़ा लिया। फिर भीषण जल-प्लावन आया जो सात दिन तक चलता रहा। जिउसूद्र ने देवताओं को बलि दी जिससे वे उस पर बहुत प्रसन्न हुए। उन्होंने उसे अमृत्व प्रदान किया और दिलमुन पर्वत पर उसे स्थान दिया।
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Question 132 Marks
बाइबल में उल्लिखित जल-प्लावन की घटना का वर्णन कीजिए।
Answer
बाइबल के अनुसार पृथ्वी पर सम्पूर्ण जीवन को नष्ट करने वाला जल-प्लावन हुआ था। किन्तु ईश्वर ने जल-प्लावन के पश्चात् भी जीवन को पृथ्वी पर सुरक्षित रखने के लिए नोआ नामक एक व्यक्ति को चुना। नोआ ने एक अत्यन्त विशाल नौका का निर्माण किया और उसमें सभी जीव-जन्तुओं का एक-एक जोड़ा रख दिया। जल-प्लावन के समय नौका में रखे सभी जोड़े सुरक्षित बच गए परन्तु बाकी सब कुछ नष्ट हो गया।
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Question 142 Marks
बेबीलोन के अंतिम शासक नैबोनिडस (Naboanidus) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखो।
Answer
625 ई. पूर्व में दक्षिणी कछार के एक शूरवीर नैबोपोलास्सर ने बेबीलोनिया को असीरियनों के आधिपत्य से मुक्त कराया। बेबीलोन एक प्रसिद्ध नगर था जिसमें अनेक बड़े-बड़े राजमहल तथा मन्दिर विद्यमान थे। इसमें एक जिगुरात अर्थात् सीढ़ीदार मीनार थी। यहाँ का व्यापार उन्नत अवस्था में था। नैबोनिडस स्वतन्त्र बेबीलोन का अन्तिम शासक था। उसने अपनी पुत्री को महिला पुरोहित के रूप में प्रतिष्ठित किया। उसने अक्कद के राजा सारगोन की मूर्ति की मरम्मत करवाई और उसका खण्डित सिर बदलवा दिया।
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Question 152 Marks
दक्षिणी मेसोपोटामिया में धातु एवं पत्थर की कमी थी, स्पष्ट कीजिए।
Answer
दक्षिणी मेसोपोटामिया में औजार, मोहरें (मुद्राएँ) तथा आभूषण बनाने के लिए पत्थरों की कमी थी। वहाँ औजार, पात्र का आभूषण बनाने के लिए धातुएँ भी उपलब्ध नहीं थीं। इसलिए वहाँ के लोग ताँबा, राँगा, चाँदी, सोना, सीपी तथा विभिन्न प्रकार के पत्थर तुर्की, ईरान तथा खाड़ी पार के देशों से मँगाते थे तथा कृषि सम्बन्धी उत्पादों को अन्य देशों के लिए निर्यात किया जाता था। इसके लिए दक्षिणी मेसोपोटामिया में व्यापारिक संगठनों का निर्माण हुआ तथा व्यापार की उन्नत अवस्था ने वहाँ प्रारंभिक शहरीकरण के प्रादुर्भाव में योगदान दिया।
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Question 162 Marks
असीरियाई शासक असुरबनिपाल द्वारा स्थापित पुस्तकालय पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Answer
असीरियाई शासक असुरबनिपाल (668-627 ई.पू.) ने अपनी राजधानी निनवेह में एक पुस्तकालय की स्थापना की थी। इस पुस्तकालय में इतिहास, महाकाव्य, शकुन साहित्य, ज्योतिष विद्या, स्तुतियों व कविताओं की पट्टिकाएँ उपलब्ध थीं। राजा असुरबनिपाल के इस पुस्तकालय में कुल मिलाकर 1000 मूल ग्रन्थ एवं लगभग 30,000 पट्टिकाएँ थीं जिन्हें विषयानुसार वर्गीकृत किया गया था।
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Question 172 Marks
मेसोपोटामिया के समाज का वर्गीकरण कीजिए।
Answer
मेसोपोटामिया का समाज तीन वर्गों में विभाजित था -(1) उच्च वर्ग (2) मध्यम वर्ग (3) निम्न वर्ग। समाज में उच्च या सम्भ्रान्त वर्ग का बोलबाला था। अधिकांश धन-सम्पत्ति पर इसी वर्ग का अधिकार था। इस बात की पुष्टि इस बात से होती है कि बहुमूल्य वस्तुएँ, जैसे-आभूषण, सोने के पात्र, सफेद सीपियाँ, लाजवर्द जड़े हुए लकड़ी के वाद्य-यन्त्र, सोने के सजावटी खंजर आदि विशाल मात्रा में उर नामक नगर में राजाओं और रानियों की कुछ कब्रों या समाधियों में उनके साथ दफनाई गई मिली हैं। परन्तु सामान्य लोगों की दशा शोचनीय थी।
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Question 182 Marks
मेसोपोटामिया की चित्रकला की स्थिति कैसी थी? बताइए।
Answer
चित्रकला- मेसोपोटामिया में चित्रकला की भी उन्नति हुई। मेसोपोटामियावासी अपने मन्दिरों तथा दीवारों को पशुओं और मनुष्यों के चित्रों से सजाते थे। चित्रकारों द्वारा युद्ध के दृश्य भी चित्रित किये जाते थे। इसके अतिरिक्त मेसोपोटामिया में धातु-पत्रों पर नक्काशी का बहुत सुन्दर काम भी मिलता है।
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Question 192 Marks
मेसोपोटामिया में मंदिरों का स्वरूप कैसा था?
Answer
मन्दिरों का स्वरूप- मेसोपोटामिया में मन्दिर ईंटों से बनाए जाते थे और समय के साथ इनके आकार बढ़ते गए क्योंकि उनके खुले आँगनों के चारों ओर कई कमरे बने होते थे। कुछ प्रारम्भिक मन्दिर साधारण घरों की तरह होते थे, क्योंकि मन्दिर भी किसी देवता का घर ही होता था, परन्तु मन्दिरों की बाहरी दीवारें कुछ विशेष अन्तरालों के बाद भीतर और बाहर की ओर मुड़ी हुई होती थीं। यही मन्दिरों की विशेषता थी। परन्तु साधारण घरों की दीवारें ऐसी नहीं होती थीं।
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Question 202 Marks
मेसोपोटामिया की साक्षरता की स्थिति को संक्षेप में बताइए।
Answer
मेसोपोटामिया में साक्षर लोगों की संख्या बहुत कम थी। मेसोपोटामिया में बहुत कम लोग पढ़-लिख सकते थे। इसका कारण यह था कि न केवल प्रतीकों या चिह्नों की संख्या सैकड़ों में थी, बल्कि ये कहीं अधिक जटिल भी थे। यदि राजा स्वयं पढ़ सकता था, तो वह चाहता था कि प्रशस्तिपूर्ण अभिलेखों में उन तथ्यों का उल्लेख अवश्य किया जाए।
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Question 212 Marks
मेसोपोटामिया में पशुपालन कैसा था?
Answer
पशुपालन- मेसोपोटामिया में खेती के अतिरिक्त भेड़-बकरियाँ स्टेपी घास के मैदानों, पूर्वोत्तरी मैदानों और पहाड़ों के ढालों पर पाली जाती थीं। इनसे प्रचुर मात्रा में मांस, दूध और ऊन आदि वस्तुएँ मिलती थीं। इसके अतिरिक्त मछली- पालन भी प्रचलित था तथा नदियों में मछलियों की कोई कमी नहीं थी।
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Question 222 Marks
"वार्का शीर्ष मेसोपोटामिया की मूर्ति कला का एक विश्व-प्रसिद्ध नमूना है।" स्पष्ट कीजिए।
Answer
उरुक नामक नगर में 3000 ई.पू. स्त्री का सिर एक सफेद संगमरमर को तराश कर बनाया गया था। इसकी आँखों और भौंहों में क्रमशः नीले लाजवर्द तथा सफेद सीपी और काले डामर की जड़ाई की गई होगी। इस मूर्ति के सिर के ऊपर एक खाँचा बना हुआ है जो शायद आभूषण पहनने के लिए बनाया गया था। यह मूर्ति अत्यन्त सुन्दर है। यह मूर्तिकला का एक विश्व-प्रसिद्ध नमूना है। इसके मुख, ठोड़ी और गालों की सुकोमल-सुन्दर बनावट के लिए इसकी प्रशंसा की जाती है। यह एक ऐसे कठोर पत्थर में तराशा गया है जिसे बहुत अधिक दूरी से लाया गया होगा।
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Question 232 Marks
यूरोपवासी मेसोपोटामिया को महत्त्वपूर्ण क्यों मानते थे?
Answer
यूरोपवासी मेसोपोटामिया को महत्त्वपूर्ण मानते थे क्योंकि बाइबल के प्रथम भाग 'ओल्ड टेस्टामेन्ट' में इसका उल्लेख अनेक सन्दर्भों में किया गया है। उदाहरण के लिए ओल्ड टेस्टामेन्ट की 'बुक ऑफ जेनेसिस' में 'शिमार' का उल्लेख है जिसका अर्थ सुमेर से है। यूरोप के यात्री और विद्वान लोग मेसोपोटामिया को एक प्रकार से अपने पूर्वजों की भूमि मानते थे।
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