Question 14 Marks
निम्न बीमारियों का कारण, लक्षण एवं उपचार लिखिए।
1) आफरा,
2) खुजली,
3) अतिसार,
4) कब्ज
1) आफरा,
2) खुजली,
3) अतिसार,
4) कब्ज
Answer
View full question & answer→स्वप्रयत्न
8 questions · self-marked practice — reveal the answer and mark yourself.
| क्र.सं | स्वस्थ पशुओं के लक्षण | रोगी पशुओं के लक्षण |
| 1. | स्वस्थ पशु रेवड़ में रहता है। | बीमार पशु रेवड़ से अलग हो जाता है एवं मुरझाई सी अवस्था में रहता है। |
| 2. | पशु ध्वनि और गति के प्रति उचित संवेदनशीलता दर्शाता है। | बाह्य संवेदक के प्रति पूरी तरह संवेदनशील नहीं रहता। |
| 3. | पशु की त्वचा मुलायम, चमकदार व लचीली होती है। इसकी पहचान गर्दन की चमड़ी को पकड़कर की जा सकती है। | पशु की त्वचा सूखी, मोटी, कम लचीली, चमकहीन व रोंगटे खड़े रहते हैं, त्वचा को हाथ से पकड़ने पर रोएं हाथ पर चिपक जाते हैं। |
| 4. | पशु के नथुने नम होते हैं। नासारन्ध्र से किसी प्रकार का स्राव नहीं निकलता है। | नथुने शुष्क होते हैं। नासारन्ध्र से पानी जैसा गाढ़ा या खून निकल सकता है। |
| 5. | आंखें चमकदार एवं सचेत होती हैं। | आँखों में कम चमक होती है एवं कुछ बीमारियों में पानी या तरल गाढ़ा पदार्थ निकलता है। |
| 6. | आहार पूरी तरह से खाता है। | आहार खाने में कोई रुचि नहीं लेता। |
| 7. | पशु जुगाली करता रहता है। | जुगाली नहीं करता या कम करता है या लार गिरती है। |
| 8. | पशु ठीक तरह से गोबर करता है। गाय भैंस का गोबर अपेक्षाकृत ढीला होता है एवं रंग गहरे हरे से गहरा भूरा होता है। गोबर में किसी प्रकार का बुलबुला या खून नहीं होता है एवं किसी प्रकार की दुर्गंध नहीं आती। | पशु के गोबर के रंग, मात्रा, गाढ़ापन व गन्ध में परिवर्तन आ जाता है। गोबर सूखा या पतला करता है या कब्जी हो जाती है। |
| 9. | पशु के पेशाब का रंग हल्का पीला या पानी जैसा होता है। सामान्य रूप से पेशाब करता है एवं किसी प्रकार की दुर्गंध नहीं आती। | पेशाब का रंग गहरे पीले रंग का या लाल रंग जैसा होता है। पेशाब में दुर्गंध आती है। पेशाब करने में तकलीफ, पेशाब की ज्यादा या कम मात्रा। |
| 10. | दुधारू पशुओं का दुग्ध उत्पादन सामान्य रहता है एवं दुग्ध की गुणवत्ता सामान्य रहती है।दुग्ध उत्पादन कम हो जाता है। दुग्ध की गुणवत्ता में गिरावट आती है। दुग्ध पानी जैसा या मवाद या खून आता | दुग्ध उत्पादन कम हो जाता है। दुग्ध की गुणवत्ता में गिरावट आती है। दुग्ध पानी जैसा या मवाद या खून आता है। |
| 11. | श्वसन क्रिया एवं श्वसन गति सामान्य होती है। | श्वास लेने में कठिनाई, खांसी या दुर्गंध युक्त श्वास आती है। |
| 12. | शरीर का तापमान सामान्य रहता है। | तापमान सामान्य से अधिक या कम हो सकता है। |
| 13. | नाड़ी की गति सामान्य होती है। | नाड़ी की गति सामान्य से अधिक या कम हो जाती है। |
| 14. | पशु के उठने-बैठने, चलने व चरने की क्रिया सामान्य होती है। | उठने-बैठने में तकलीफ होती है। पशु लंगड़ाता है। |
| 15. | पशु की आवाज सामान्य रहती है। | आवाज में परिवर्तन आ जाता है। |
| 16. | पशु कान, पूंछ या सिर हिलाते रहते हैं एवं सिर ऊँचा उठाये रखते हैं। | कान, पूँछ या सिर कम हिलाते हैं या बिल्कुल नहीं हिलाते। सिर नीचे की ओर होता है। |
| 17. | प्राकृतिक द्वार जैसे जननेन्द्रियों से किसी प्रकार का स्राव नहीं आता। परन्तु मादा पशु के पाले में आने पर स्राव आता है। | जननेन्द्रियों में मवाद जैसा स्राव या खून आता है। |
| 18. | पशु के स्वभाव में सामान्य से भिन्नता नहीं होती। | पशु का स्वभाव सामान्य नहीं रहता। |