Question 13 Marks
निम्नलिखित पर टिप्पणी लिखिए-
(i) टीकाकरण, (ii) एलर्जी ।
(i) टीकाकरण, (ii) एलर्जी ।
Answer
View full question & answer→(i) टीकाकरण- टीकाकरण वह उपाय है जिसके द्वारा किसी जीव में किसी रोग के प्रति प्रतिरोधकता को पैदा किया जाता है। इस तकनीकी में कमजोर रोगकारक जीव को शरीर में प्रवेश करा दिया जाता है तब शरीर का प्रतिरक्षात्मक तंत्र प्रेरित होकर इस रोगकारक के प्रति प्रतिरक्षियों का निर्माण करके रोगप्रतिरोधात्मक क्षमता का विकास कर लेता है, और जब वास्तविक रोगाणु शरीर में प्रवेश करते हैं तब ये प्रतिरक्षी उसे नष्ट कर देते हैं और रोग से जीव की रक्षा हो जाती है। रोगकारकों या रोगाणुओं के कृत्रिम रूप से प्रवेश कराने वाले कारक को टीका कहते हैं। आजकल बच्चों को पोलियो, टिटेनस, डिप्थीरिया, कुकुर खाँसी, चेचक आदि के टीके लगाये जाते हैं।
(ii) एलर्जी - जब हमारे शरीर में ऐसा पदार्थ प्रवेश करता है, जिसके प्रति उच्च प्रतिरोधक क्षमता का विकास हो गया है, तब अचानक तीव्रता से हमारे शरीर में प्रतिरोधात्मक क्रियाएँ होने लगती हैं, जो पूरे शरीर में शोथ, जलन, खुजली या दाने के रूप में दिखाई देती हैं, इन्हीं सभी क्रियाओं को एक साथ एलर्जी कहते हैं। अतः एलर्जी हमारे शरीर में उच्च प्रतिरोधक क्षमता का प्रतीक है। धूल तथा परागकणों, सौन्दर्य प्रसाधनों, विविध रसायनों तथा रोगकारकों के कारण एलर्जी के लक्षण दिखाई देते हैं।
(ii) एलर्जी - जब हमारे शरीर में ऐसा पदार्थ प्रवेश करता है, जिसके प्रति उच्च प्रतिरोधक क्षमता का विकास हो गया है, तब अचानक तीव्रता से हमारे शरीर में प्रतिरोधात्मक क्रियाएँ होने लगती हैं, जो पूरे शरीर में शोथ, जलन, खुजली या दाने के रूप में दिखाई देती हैं, इन्हीं सभी क्रियाओं को एक साथ एलर्जी कहते हैं। अतः एलर्जी हमारे शरीर में उच्च प्रतिरोधक क्षमता का प्रतीक है। धूल तथा परागकणों, सौन्दर्य प्रसाधनों, विविध रसायनों तथा रोगकारकों के कारण एलर्जी के लक्षण दिखाई देते हैं।
