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प्रश्नों के उत्तर सविस्तार लिखिए : ( 4 गुण )

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Question 14 Marks
पौधों में पोषक तत्वों की कमी के लक्षणों का वर्णन कीजिए।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 24 Marks
मृदा में पोषक तत्वों की प्राप्ति के स्रोतों का वर्णन कीजिए।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 34 Marks
पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का वर्णन कीजिए।
Answer
स्वप्रयत्न
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Question 44 Marks
पोषक तत्वों के मृदा एवं पौधों में क्रांतिक स्तर को सारणीवद्ध कीजिए।
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Question 54 Marks
पोषक तत्त्वों की कमी दर्शाने वाले सांकेतिक पौधे कौनसे है? सारणी द्वारा दर्शाइए।
Answer
पोषक तत्वों की कमी को दर्शाने वाले सांकेतिक पौधे निम्नलिखित हैं-
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क्र.सं.पोषक तत्वसांकेतिक पौधे
1.नाइट्रोजनमक्का, गेहूँ, जौ तथा दलहनी पौधे
2.फॉस्फोरसमक्का, जौ, टमाटर, सेम तथा रिजका
3.पोटैशियमकपास, केला, आलू, रिजका, सेम, तम्बाकू, गन्ना, अनाज फसलें, सब्जियाँ तथा फल
4.कैल्शियमबरसीम तथा दलहनी फसलें
5.मैग्नीशियमआलू, फूलगोभी, सेम तथा चैरी
6.गंधकमक्का, बरसीम, जौ, सेम, नींबू, सोयाबीन, तम्बाकू, राया तथा चाय
7.लोहाफूलगोभी, नींबू, केला, धान जौ, ज्वार तथा आडू
8.मैंगनीजसेब, नींबू, चुकन्दर, चैरी मक्का तथा सोयाबीन
9.जस्ताजई, मक्का, जौ, ज्वार, नींबू, आलू, सेम, प्याज, टमाटर तथा धान
10.ताँबानींबू, सेब, जई, जौ, मक्का, तम्बाकू, टमाटर तथा प्याज
11.बोरॉनबरसीम, रिजका, शलजम, अमरूद, गाजर, नाशपाती, गोभी तथा सेब
12.मोलिब्डेनमटमाटर, पालक, फूलगोभी, पत्तागोभी, चुकन्दर, नींबू, दलहनें तथा सरसों

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Question 64 Marks
पौधों में निम्नलिखित अतिसूक्ष्म तत्वों के कार्य लिख्खिए-
(1) कोबाल्ट, (2) वैनेडियम, (3) सोडियम, (4) सिलिकॉन, (5) निकिल।
Answer
पौधों में दिए गए तत्वों के कार्य निम्नलिखित हैं-
(1) कोबाल्ट के कार्य - (i) यह राइजोबिया द्वारा तात्विक नाइट्रोजन के स्थिरीकरण के लिए आवश्यक होता है। यह विटामिन B12 जो कि हीमोग्लोबिन के निर्माण में आवश्यक है. के संश्लेषण में सहायक होता है।
(ii) यह वाष्पोत्सर्जन तथा प्रकाश संश्लेषण में वृद्धि करता है। यह आर्जीनेस, लेसीथिनेस, ऑक्जलएसीटिक डिकार्बोक्सीलेस तथा मेलिक एन्जाइम की सक्रियता के लिए आवश्यक होता है।
(2) वैनेडियम के कार्य - (i) यह निश्चित रूप से हरी ऐल्गी के लिए आवश्यक तत्व है, परन्तु उच्च हरे पौधों के लिए इसकी आवश्यकता सर्वमान्य नहीं है। (ii) वैनेडियम कुछ सीमा तक एजोटोबेक्टर के पोषण में मोलिब्डेनम को प्रतिस्थापित करता है।
(iii) वैनेडियम के प्रयोग से एस्पेरागस, चावल, जौ तथा मक्का की वृद्धि अधिक होती है, ऐसा माना जाता है।
(iv) पादप पोषण में इस तत्व के कार्यों के बारे में अभी ज्ञात नहीं है परन्तु यह माना जाता है कि यह जैविक ऑक्सीकरण- अवकरण अभिक्रियाओं में कार्य करता है।
(3) सोडियम के कार्य - (i) यह चुकन्दर में सूखे के प्रतिरोध में वृद्धि करता है।
(ii) सोडियम पौधों द्वारा जल ग्रहण करने को प्रभावित करता है।
(iii) यह कोष स्फीति एवं पौधों के मैटाबोलिज्म को भी प्रभावित करता है।
(iv) यह ऑक्जेलिक अम्ल के संचयन में महत्वपूर्ण कार्य करता है।
(v) यह स्टोमेटा के खोलने के सहायक होता है तथा नाइट्रेट रिडक्टेज की क्रिया को नियंत्रित करता है।
(4) सिलिकॉन के कार्य - (1) सिलिकॉन पादप कोशिका भित्ति की संरचना में योगदान देता है। यह प्रमुख रूप से एपीडर्मल तथा वास्कुलर ऊतकों को शक्ति प्रदान करता है।
(ii) कोशिका से जल हानि रोकता है तथा पौधों की कवकों के संक्रमण से रक्षा करता है।
संजीव बुक्स
(iii) यह गन्ने में इन्वर्टेज एन्जाइम की सक्रियता कम करके शर्करा उत्पादन बढ़ाने में योगदान करता है।
(iv) यह Mn2+ व Fe3+ के अधिक सान्द्रण के कारण उत्पन्न विषैले प्रभाव को कम करता है तथा धान की उपज बढ़ाता है।
(5) निकिल के कार्य - (i) निकिल का सहजीवी नाइट्रोजन स्थिरीकरण में महत्वपूर्ण योगदान होता है।
(ii) यह दानों, फलों तथा सब्जियों में पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है तथा पौधों की निकिल की आवश्यकता स्वतः ही मृदा से पूर्ण हो जाती है।
(iii) निकिल ऐसे यौगिकों के उपापचय में आवश्यक होता है जो मनुष्यों में हृदय, लीवर तथा गुर्दों के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
(iv) यह विशेष रूप से हार्मोन्स, लिपिड तथा कोशिका भित्ति निर्माण से सम्बन्धित क्रियाओं के संचालन में योगदान करता है।
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Question 74 Marks
सूक्ष्मतत्वों के विषैले प्रभाव लिख्खिए।
Answer
विभिन्न सूक्ष्म तत्वों के विषैले प्रभाव निम्नलिखित हैं-
(1) लोहा-पादप वृद्धि अवरुद्ध होना, जड़ों में भूरापन, सूखापन, ब्रांजिंग (ताँबे जैसा रंग) तथा जड़ों में गलन पैदा होना।
(2) मैंगनीज-पत्तियों में कुंचन, अनाजों (जई) में व्हिप टेल (लोमड़ी रंग), बादामी अथवा नीललोहित पत्तियाँ तथा तने, अनाजों की पत्तियों पर भूरे धब्बे तथा जड़ों का रंग भूरा होना।
(3) ताँबा नवीन पत्तियों में हरिमहीनता, पुरानी पत्तियों पर लाल व गुलाबी धब्बे, पत्तियों में स्फीति अभाव, जड़ों का लाल-बादामी होकर चटकना व गलना तथा लोहे की सुलभता कम होना।
(4) जस्ता-पत्तियाँ लाल भूरी होकर सूख जाती हैं तथा कागज जैसी प्रतीत होती हैं। पत्तियाँ किनारों की ओर से मुड़कर गोल हो जाती है जिससे शिराओं पर लाल-भूरे धब्बे दिखाई देते हैं। फॉस्फोरस की सुलभता घट जाती है।
(5) मोलिब्डेनम-पत्तियों पर सुनहरे पीले तथा नीले धब्बे हो जाते हैं तथा टमाटर, आलू आदि के तने भी सुनहरे पीले हो जाते हैं।
(6) बोरॉन-जी व मक्का में नवीन पत्तियों में अत्यधिक हरिमहीनता, विरंजन होकर मध्य से लटक जाना तथा कलियों का रंग उड़ जाना तथा फूलों का रंग हल्का होना।
(7) क्लोरीन-पत्तियों की संख्या व आकार में कमी तथा मोटा होना एवं पत्तियों के किनारे बादामी होकर फटना।
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Question 84 Marks
पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की सूची बनाते हुए उनके आविष्कारकों के नाम लिखिए।
Answer
पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की सूची तथा उनके आविष्कारक निम्न प्रकार हैं-
क्र.सतत्ववैज्ञानिकवर्ष
1.हाइड्रोजनसास1802
2.कार्बनसास1802
3.ऑक्सीजनडी-श्यासर1804
4.नाइट्रोजनडी-श्यासर1804
5.फॉस्फोरसजस्टिस वॉन लीबिग1835
6.पोटैशियमसी. स्प्रेन्जिल1839
7.मैग्नीशियमसी. स्प्रेन्जिल1839
8.कैल्शियमसी. स्प्रेन्जिल1839
9.सल्फर (गंधक)पैटरसन1911
10.आयरन (लोहा)ई. ग्रिस1844
11.मैंगनीजजे. एस. मेकहार्ग1922
12.जिंक (जस्ता)सॉमर तथा लिपमैन1926
13.कॉपर (ताँबा)सॉमर तथा लिपमैन1931
14.मोलिब्डेनमआरनन तथा स्काउट1939
15.बोरोनके. वेरिंगटन1923
16.क्लोरीनब्रॉयर तथा अन्य1954
17.सोडियमब्राउनैल तथा वुड1957
18.कोबाल्टअहमद तथा इवन्स1959
19.वेनेडियमआरनन तथा वैसिल1953
20.सिलीकॉनलेविन1962
21.आयोडीनएल. फ्रायज1966
22.सेलैनियमट्रिलीज तथा ट्रिलीज1938
23.गेलियसआर. ए. स्टीनबर्ग1938
24.एल्यूमीनियमके. टोबक1942
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