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Question 15 Marks
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मास सिस्ट (सीपीआई-एम) के बारे में आप क्या जानते हैं?
Answer
इस पार्टी की प्रमुख बातें निम्न बिन्दुओं द्वारा स्पष्ट है-
इस पार्टी का गठन कम्प्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) से वर्ष 1964 में अलग होकर हुआ।
यह पार्टी वर्तमान में भारत की एक राष्ट्रीय पार्टी है।
'हंसिया-हथौड़ा और तारा' इस पार्टी का चुनाव चिन्ह है।
यह पार्टी मार्क्सवाद-लेनिनवाद में आस्था रखती है।
यह दल समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता तथा लोकतंत्र का समर्थन करता है और साम्राज्यवाद तथा सांप्रदायिकता का विरोध करता हैं।
यह दल भारत में सामाजिक-आर्थिक न्याय का लक्ष्य साधने में लोकतांत्रिक चुनावों को सहायक और उपयोगी मानता है। इस दल का पश्चिम बंगाल, केरल और त्रिपुरा में बहुत मजबूत आधार है।
गरीबों, कारखाना मजदूरों, खेतिहर मजदूरों और बुद्धिजीवियों के बीच इस दल की अच्छी पकड़ है। यह पार्टी देश में पूँजी और सामानों की मुक्त आवाजाही की अनुमति देने वाली नयी आर्थिक नीतियों की आलोचक है। पश्चिम बंगाल में यह पार्टी लगातार 34 वर्षों से शासन में रही। वर्ष 2019 के चुनाव में इसने करीब 1.75 फीसदी वोट और लोकसभा की 3 सीटें हासिल की।
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Question 25 Marks
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया ( सी पी आई) की प्रमुख बातों का वर्णन कीजिये।
Answer
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सी पी आई) इस पार्टी की प्रमुख बातें निम्न बिन्दुओं में स्पष्ट हैं-
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया का गठन सन् 1925 में हुआ।
वर्तमान में यह भारत का एक राष्ट्रीय दल है।
'बाली-हंसिया' इस पार्टी का चुनाव चिन्ह है।
यह पार्टी मार्क्सवाद-लेनिनवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र में आस्था रखती है। साथ ही अलगाववादी और सांप्रदायिक ताकतों की विरोधी है।
यह पार्टी संसदीय लोकतंत्र को मजदूर वर्ग, किसानों और गरीबों के हितों को आगे बढ़ाने का एक उपकरण मानती है।
वर्ष 1964 में इस दल में फूट पड़ी और माकपा इससे अलग हुई। माकपा के अलग होने के बाद इसका जनाधार सिकुड़ता चला गया लेकिन केरल, पश्चिम बंगाल, पंजाब, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में अभी भी ठीकठाक स्थिति है।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में इसे 1 फीसदी से कम वोट और 2 सीट हासिल हुई।
मजबूत वाम मोर्चा बनाने के लिए यह पार्टी सभी वामपंथी दलों को साथ लाने की पक्षधर है।
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Question 35 Marks
इंडियन नेशनल कांग्रेस के बारे में आप क्या जानते है। वर्णन कीजिये।
Answer
इंडियन नेशनल कांग्रेस-इंडियन नेशनल कांग्रेस का वर्णन निम्न बिन्दुओं में स्पष्ट है-
इंडियन नेशनल कांग्रेस का गठन सन् 1885 में हुआ था। यह दुनिया के सबसे पुराने दलों में से एक है।
इस पार्टी को आमतौर पर कांग्रेस पार्टी कहा जाता है।
1885 में गठन के बाद से अब तक इस दल में कई बार विभाजन हुए हैं।
यह भारत का एक राष्ट्रीय दल है।
आजादी के बाद राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर अनेक दशकों तक इसने प्रमुख भूमिका निभाई है।
जवाहरलाल नेहरू की अगुवाई में इस दल ने भारत को एक आधुनिक धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य बनाने का प्रयास किया। . हाथ के पंजे का निशान इस पार्टी का चुनाव चिन्ह है। 1971 तक लगातार और फिर 1980 से 1989 तक इसने देश पर शासन किया। 1989 के बाद से इस दल के जन-समर्थन में कमी आई पर अभी भी यह पूरे देश और समाज के सभी वर्गों में अपना आधार बनाए हुए है।
यह दल मध्यमार्गी (न वामपंथी न दक्षिणपंथी) है।
इस दल ने धर्मनिरपेक्षता और कमजोर वर्गों तथा अल्पसंख्यक समुदायों के हितों को अपना मुख्य कार्यक्षेत्र बनाया है।
यह दल नयी आर्थिक नीतियों का समर्थक है पर इस बात को लेकर भी सचेत है कि इन नीतियों का गरीब और कमजोर वर्गों पर बुरा असर न पड़े। वर्ष 2004 से 2014 तक संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार का नेतृत्व इसी दल ने किया। (13) वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में इसे 52 सीटें मिलीं।
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Question 45 Marks
भारतीय जनता पार्टी के बारे में आप क्या जानते है? बताइये।
Answer
भारतीय जनता पार्टी भारतीय जनता पार्टी का वर्णन निम्न बिन्दुओं में स्पष्ट है-
पुराने भारतीय जन संघ को, जिसे श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने 1951 में गठित किया था, पुनर्जीवित करके 1980 में यह पार्टी बनी।
भारतीय जनता पार्टी भारत का एक राष्ट्रीय दल है।
इस पार्टी का चुनाव चिन्ह 'कमल का फूल' है।
भारत की प्राचीन संस्कृति और मूल्य; दीनदयाल उपाध्याय के विचार-समग्र मानवतावाद एवं अंत्योदय से प्रेरणा लेकर मजबूत और आधुनिक भारत बनाने का लक्ष्य; भारतीय राष्ट्रवाद और राजनीति की इसकी अवधारणा में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद (या हिंदुत्व) एक प्रमुख तत्व है।
यह पार्टी जम्मू और कश्मीर को क्षेत्रीय और राजनीतिक स्तर पर विशेष दर्जा देने के खिलाफ है। भारतीय जनता पार्टी देश में रहने वाले सभी धर्म के लोगों के लिए समान नागरिक संहिता बनाने और धर्मांतरण पर रोक लगाने के पक्ष में है।
पहले देश के उत्तरी और पश्चिमी तथा शहरी इलाकों तक ही सिमटी रहने वाली इस पार्टी का पिछले कुछ समय से दक्षिण, पूर्व, पूर्वोत्तर तथा देश के ग्रामीण इलाकों में प्रभाव बहुत बढ़ा है।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेता की हैसियत से यह पार्टी 1998 में सत्ता में आई। गठबंधन में कई क्षेत्रीय दल शामिल थे। 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में 303 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी।
अभी केंद्र में शासन करने में शासन करने वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का नेतृत्व यही दल कर रहा है।
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Question 55 Marks
बहुजन समाज पार्टी का संक्षिप्त वर्णन कीजिये।
Answer
बहुजन समाज पार्टी बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख बातों का वर्णन निम्न बिन्दुओं में स्पष्ट है-
बहुजन समाज पार्टी का गठन स्वर्गीय कांशीराम के नेतृत्व में सन् 1984 में किया गया। वर्तमान में यह भारत की एक राष्ट्रीय पार्टी है।
बहुजन समाज पार्टी का चुनाव चिन्ह हाथी है।
यह पार्टी बहुजन समाज जिसमें दलित, आदिवासी, पिछड़ी जातियाँ और धार्मिक अल्पसंख्यक शामिल हैं, के लिए राजनीतिक सत्ता पाने का प्रयास और उनका प्रतिनिधित्व करने का दावा करती है। यह पार्टी साहू महाराज, महात्मा फुले, पेरियार रामास्वामी नायकर और बाबा साहब आंबेडकर के विचारों और शिक्षाओं से प्रेरणा लेती है।
यह पार्टी दलितों और कमजोर वर्ग के लोगों के कल्याण और उनके हितों की रक्षा के मुद्दों पर सबसे ज्यादा सक्रिय है।
इस पार्टी का मुख्य आधार उत्तर प्रदेश में है, पर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, दिल्ली और पंजाब में भी यह पार्टी पर्याप्त ताकतवर है।
अलग-अलग पार्टियों से अलग-अलग अवसरों पर समर्थन लेकर इसने उत्तर प्रदेश में चार बार सरकार बनाई।
इस दल को 2019 के लोकसभा चुनाव में करीब 3.63 फीसदी वोट मिले, और 10 सीटें मिलीं।
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Question 65 Marks
राजनीतिक दल का क्या अर्थ है? इनके कार्य बतलाइये। राजनीतिक दलों की आवश्यकता क्यों होती है?
Answer
राजनीतिक दल का अर्थ राजनीतिक दल लोगों का एक ऐसा संगठित समूह होता है जो चुनाव लड़ने और सरकार में राजनीतिक सत्ता प्राप्त करने के उद्देश्य से काम करता है तथा समाज के सामूहिक हित को ध्यान में रखकर कुछ नीतियाँ और कार्यक्रम तय करता है।
राजनीतिक दल के कार्य-
दल चुनाव लड़ते हैं।
दल अलग-अलग नीतियों और कार्यक्रमों को मतदाताओं के सामने रखते हैं।
दल देश के कानून निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
दल ही सरकार बनाते और चलाते हैं।
विपक्षी दल शासक दल के विरोधी पक्ष की भूमिका निभाते हैं तथा सरकार के खिलाफ जनमत तैयार करते हैं।
दल जनमत निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दल ही सरकार के कल्याण कार्यक्रमों को लोगों तक पहुँचाते हैं।
राजनीतिक दलों की आवश्यकता-
लोकतन्त्र में यदि राजनीतिक दल नहीं होंगे तो देश कैसे चले इसके लिए कोई उत्तरदायी नहीं होगा। प्रतिनिध्यात्मक लोकतन्त्र में दल विभिन्न मुद्दों पर अलग-अलग विचारों को सामने लाते हैं।
दल विभिन्न मुद्दों पर अलग-अलग विचारों को सरकार तक पहुँचाते हैं।
ये एक जिम्मेदार सरकार का गठन करते हैं।
ये सरकार पर अंकुश रखते हैं।
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Question 75 Marks
राजनीतिक दलों में सुधार के सुझाव दीजिए।
Answer
राजनीतिक दलों में सुधार के सझाव
राजनीतिक दलों में सुधार के लिए अग्रलिखित सुझाव दिये जा सकते हैं-
(1) दलों में आंतरिक लोकतंत्र की स्थापना-राजनीतिक दलों के आंतरिक कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए कानून बनाया जाए। सभी दल अपने सदस्यों की सूची रखें; अपने संविधान का पालन करें; विवाद की स्थिति में एक स्वतंत्र प्राधिकारी को पंच बनाएँ तथा सबसे बड़े पदों के लिए खुला चुनाव कराएँ।
(2) महिलाओं को आरक्षण-राजनीतिक दल महिलाओं को लगभग एक-तिहाई अनुपात में टिकट अवश्य दें तथा दल के प्रमुख पदों पर भी महिलाओं के लिए आरक्षण हो।
(3) सरकार चुनाव का खर्च उठाये-चुनाव का खर्च सरकार उठाये। दलों को चुनाव लड़ने के लिए धन दे। पिछले चुनाव में मिले मतों के अनुपात में यह मदद दी जाए।
(4) अन्य उपाय-राजनीतिक दलों पर लोगों द्वारा दबाव बनाया जाए। यह दबाव वे चिट्ठियाँ लिखकर, प्रचार करके व आंदोलनों के जरिये बना सकते हैं। यह काम आम नागरिक, दबाव समूह, आंदोलन और मीडिया के माध्यम से कर सकते हैं। दूसरे, सुधार की इच्छा रखने वाले लोगों को स्वयं राजनीतिक दलों में शामिल होना चाहिए।
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Question 85 Marks
राजनीतिक व्यवस्था में दलीय व्यवस्था के विभिन्न प्रकारों को स्पष्ट कीजिए।
Answer
राजनीतिक दलीय व्यवस्था के प्रकार
विश्व में राजनीतिक दलीय व्यवस्था के प्रमुख रूपों को मोटे रूप से तीन प्रकारों में विभाजित किया जा सकता है। ये हैं-(1) एकदलीय व्यवस्था, (2) द्विदलीय व्यवस्था और (3) बहुदलीय व्यवस्था। यथा
(1) एकदलीय व्यवस्था किसी देश में जब सिर्फ एक ही दल को सरकार बनाने और चलाने की अनुमति होती है, तो इसे एकदलीय व्यवस्था कहा जाता है। साम्यवादी चीन में सिर्फ साम्यवादी दल को ही शासन करने की अनुमति है, इसलिए वहाँ की दलीय व्यवस्था को एकदलीय कहा जाता है।
(2) द्विदलीय व्यवस्था-कुछ देशों में सत्ता आम तौर पर दो मुख्य दलों के बीच ही बदलती रहती है। वहाँ अनेक अन्य पार्टियाँ भी हो सकती हैं, वे चुनाव भी लड़कर कुछ सीटें जीत सकती हैं, पर सिर्फ दो ही दल बहुमत पाने और सरकार बनाने के प्रबल दावेदार होते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्रिटेन में ऐसी ही दो दलीय व्यवस्था है।
(3) बहुदलीय व्यवस्था-जब अनेक दल सत्ता के लिए होड़ में हों और दो दलों से ज्यादा दलों के अपने दम पर या दूसरों से गठबन्धन करके सत्ता में आने के ठीक-ठाक अवसर हों तो इसे बहुदलीय व्यवस्था कहते हैं। भारत में भी ऐसी ही बहुदलीय व्यवस्था है।
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Question 95 Marks
भारत में राजनीतिक दलों के सुधार हेतु किए गए चार प्रमुख प्रयासों का वर्णन कीजिए।
Answer
राजनीतिक दल-राजनीतिक दल लोगों का एक समूह होता है जो चुनाव लड़कर सरकार में राजनीतिक सत्ता हासिल करने के उद्देश्य से कार्य करता है। यह सम्पूर्ण राष्ट्र के हितों को ध्यान में रखकर कुछ नीतियाँ और कार्यक्रम तय करता है।
भारत में राजनीतिक दलों तथा इनके नेताओं को सुधारने के लिए हाल ही में निम्नलिखित प्रयास किये गये हैं-
(1) दल-बदल रोक विधेयक-भारत में विधायकों और सांसदों को दल-बदल करने से रोकने के लिए संविधान में संशोधन किया गया। निर्वाचित प्रतिनिधियों के मन्त्री पद या धन के लोभ में दल-बदल करने में आई तेजी को देखते हुए ऐसा किया गया। नए कानून के अनुसार अपना दल बदलने वाले सांसद या विधायक को अपनी सीट भी गँवानी होगी। इस नये कानून से दल-बदल में कमी आई है, लेकिन इससे पार्टी में विरोध का स्वर उठाना अब और भी मुश्किल हो गया है।
(2) उम्मीदवारों को अपनी सम्पत्ति और अपने आपराधिक मामलों का ब्यौरा देना अनिवार्य उच्चतम न्यायालय ने पैसे और अपराधियों के प्रभाव को कम करने के लिए एक आदेश के द्वारा चुनाव लड़ने वाले हर उम्मीदवार को अपनी सम्पत्ति का और अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों का ब्यौरा एक शपथ-पत्र के माध्यम से देना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नयी व्यवस्था से लोगों को अपने उम्मीदवारों के बारे में बहुत-सी पक्की सूचनाएँ उपलब्ध होने लगी हैं।
(3) दलों को सांगठनिक चुनाव कराना-चुनाव आयोग ने एक आदेश के जरिये सभी दलों के लिए सांगठनिक चुनाव कराना जरूरी बना दिया है। दलों ने ऐसा करना शुरू भी कर दिया है। यह दलों में अन्दरूनी लोकतन्त्र स्थापित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है।
(4) आयकर रिटर्न भरना अनिवार्य चुनाव आयोग ने सभी दलों के लिए आयकर रिटर्न भरना भी अनिवार्य कर दिया है।
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Question 105 Marks
राजनीतिक दल क्या है? भारत में राजनीतिक दलों में सुधार के लिए क्या प्रयत्न किए गए हैं?
Answer
राजनीतिक दल-राजनीतिक दल लोगों का एक समूह होता है जो चुनाव लड़कर सरकार में राजनीतिक सत्ता हासिल करने के उद्देश्य से कार्य करता है। यह सम्पूर्ण राष्ट्र के हितों को ध्यान में रखकर कुछ नीतियाँ और कार्यक्रम तय करता है।
भारत में राजनीतिक दलों तथा इनके नेताओं को सुधारने के लिए हाल ही में निम्नलिखित प्रयास किये गये हैं-
(1) दल-बदल रोक विधेयक-भारत में विधायकों और सांसदों को दल-बदल करने से रोकने के लिए संविधान में संशोधन किया गया। निर्वाचित प्रतिनिधियों के मन्त्री पद या धन के लोभ में दल-बदल करने में आई तेजी को देखते हुए ऐसा किया गया। नए कानून के अनुसार अपना दल बदलने वाले सांसद या विधायक को अपनी सीट भी गँवानी होगी। इस नये कानून से दल-बदल में कमी आई है, लेकिन इससे पार्टी में विरोध का स्वर उठाना अब और भी मुश्किल हो गया है।
(2) उम्मीदवारों को अपनी सम्पत्ति और अपने आपराधिक मामलों का ब्यौरा देना अनिवार्य उच्चतम न्यायालय ने पैसे और अपराधियों के प्रभाव को कम करने के लिए एक आदेश के द्वारा चुनाव लड़ने वाले हर उम्मीदवार को अपनी सम्पत्ति का और अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों का ब्यौरा एक शपथ-पत्र के माध्यम से देना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नयी व्यवस्था से लोगों को अपने उम्मीदवारों के बारे में बहुत-सी पक्की सूचनाएँ उपलब्ध होने लगी हैं।
(3) दलों को सांगठनिक चुनाव कराना-चुनाव आयोग ने एक आदेश के जरिये सभी दलों के लिए सांगठनिक चुनाव कराना जरूरी बना दिया है। दलों ने ऐसा करना शुरू भी कर दिया है। यह दलों में अन्दरूनी लोकतन्त्र स्थापित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल है।
(4) आयकर रिटर्न भरना अनिवार्य चुनाव आयोग ने सभी दलों के लिए आयकर रिटर्न भरना भी अनिवार्य कर दिया है।
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Question 115 Marks
भारतीय जनता पार्टी एवं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की चार प्रमुख नीतियों-कार्यक्रमों को लिखिए।
Answer
भारतीय जनता पार्टी की चार प्रमुख नीतियाँ-कार्यक्रम-
सबका साथ सबका विकास
समान नागरिक संहिता एवं धर्मान्तरण पर रोक का समर्थन
भारत की प्राचीन संस्कृति और मूल्यों से प्रेरणा लेकर मजबूत और आधुनिक भारत बनाने का लक्ष्य
जम्मू और कश्मीर को क्षेत्रीय और राजनीतिक स्तर पर विशेष दर्जा देने के खिलाफ।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की चार प्रमुख नीतियाँ-कार्यक्रम-
वैचारिक रुझान में मध्यमार्गी (न वामपंथी न दक्षिणपंथी)
धर्मनिरपेक्षता की अवधारणा
कमजोर वर्गों एवं अल्पसंख्यक वर्गों के हितों की रक्षा
नई आर्थिक नीतियों का समर्थन।
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