Question 16 Marks
जन्तुओं पर रासायनिक समन्वय पर एक व्याख्यात्मक टिप्पणी लिखिए।
Answer
View full question & answer→जन्तुओं में रासायनिक समन्वय
जन्तुओं में शरीर की विभिन्न क्रियाओं को नियंत्रित करने के लिए दो प्रकार की समन्वय प्रणालियाँ होती हैं- तंत्रिका समन्वय और रासायनिक समन्वय। रासायनिक समन्वय का कार्य शरीर में विशेष रसायनों के माध्यम से होता है, जिन्हें हामोंन कहा जाता है। यह समन्वय मुख्यतः अंतः स्त्रावी ग्रंथियों (Endocrine glands) द्वारा किया जाता है जो हामर्मोन का स्त्राव करती हैं। ये हामोंन रक्त के माध्यम से शरीर के विभिन्न भागों तक पहुँचते हैं और लक्षित अंगों (Target organs) पर प्रभाव डालते हैं। जन्तुओं में कई प्रकार की अंतः स्त्रावी ग्रंथियाँ होती है, जैसे-
1. पीयूष ग्रंथि (Pituitary gland) इसे 'मुख्य ग्रंथि' कहा जाता है क्योंकि यह अन्य ग्रंथियों के कार्य को नियंत्रित करती है।
2. थायरॉइड ग्रंथि (Thyroid gland) यह थायरॉक्सिन हार्मोन बनाती है जो शरीर के चयापचय (metabolism) को नियंत्रित करता है।
3. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal gland) यह एड्रेनालिन हामोंन बनाती है जो आपातकालीन स्थिति (जैसे डर, तनाव) में शरीर को सतर्क करता है।
4. अग्न्याशय (Pancreas) यह इंसुलिन और ग्लूकागोन हार्मोन बनाता है जो रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करते हैं।
5. जनन ग्रंथियाँ (Testes और Ovaries) ये लैंगिक हार्मोन जैसे टेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्राव करती है, जो प्रजनन और द्वितीयक लैंगिक लवणों को नियंत्रित करते हैं।
रासायनिक समन्वय शरीर की वृद्धि, विकास, चयापचय, तनाव प्रतिक्रिया, जल-संतुलन, प्रजनन और अन्य महत्त्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित करता है। यह प्रक्रिया धीमी लेकिन प्रभावी होती है और तंत्रिका समन्वय के साथ मिलकर शरीर में स्थिरता बनाए रखती है।
जन्तुओं में शरीर की विभिन्न क्रियाओं को नियंत्रित करने के लिए दो प्रकार की समन्वय प्रणालियाँ होती हैं- तंत्रिका समन्वय और रासायनिक समन्वय। रासायनिक समन्वय का कार्य शरीर में विशेष रसायनों के माध्यम से होता है, जिन्हें हामोंन कहा जाता है। यह समन्वय मुख्यतः अंतः स्त्रावी ग्रंथियों (Endocrine glands) द्वारा किया जाता है जो हामर्मोन का स्त्राव करती हैं। ये हामोंन रक्त के माध्यम से शरीर के विभिन्न भागों तक पहुँचते हैं और लक्षित अंगों (Target organs) पर प्रभाव डालते हैं। जन्तुओं में कई प्रकार की अंतः स्त्रावी ग्रंथियाँ होती है, जैसे-
1. पीयूष ग्रंथि (Pituitary gland) इसे 'मुख्य ग्रंथि' कहा जाता है क्योंकि यह अन्य ग्रंथियों के कार्य को नियंत्रित करती है।
2. थायरॉइड ग्रंथि (Thyroid gland) यह थायरॉक्सिन हार्मोन बनाती है जो शरीर के चयापचय (metabolism) को नियंत्रित करता है।
3. अधिवृक्क ग्रंथि (Adrenal gland) यह एड्रेनालिन हामोंन बनाती है जो आपातकालीन स्थिति (जैसे डर, तनाव) में शरीर को सतर्क करता है।
4. अग्न्याशय (Pancreas) यह इंसुलिन और ग्लूकागोन हार्मोन बनाता है जो रक्त में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करते हैं।
5. जनन ग्रंथियाँ (Testes और Ovaries) ये लैंगिक हार्मोन जैसे टेस्टोस्टेरोन, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्राव करती है, जो प्रजनन और द्वितीयक लैंगिक लवणों को नियंत्रित करते हैं।
रासायनिक समन्वय शरीर की वृद्धि, विकास, चयापचय, तनाव प्रतिक्रिया, जल-संतुलन, प्रजनन और अन्य महत्त्वपूर्ण कार्यों को नियंत्रित करता है। यह प्रक्रिया धीमी लेकिन प्रभावी होती है और तंत्रिका समन्वय के साथ मिलकर शरीर में स्थिरता बनाए रखती है।

