Questions

दो-तीन वाक्यों में लिखिए।

Take a timed test

14 questions · self-marked practice — reveal the answer and mark yourself.

Question 12 Marks
यदि फॉस्फोरस को जल के बजाय वायु में खुला रखा जाये तो क्या होगा?
Answer
फॉस्फोरस एक बहुत सक्रिय धातु है। वायु में खुला रखने पर यह ऑक्सीजन से क्रिया कर आग पकड़ लेगा। इसीलिए फॉस्फोरस को जल में रखा जाता' है।
View full question & answer
Question 22 Marks
अधातुओं का हमारे जीवन में क्या उपयोग है?
Answer
अधातुओं का उपयोग:
हम श्वसन के लिए जो प्राणवायु लेते हैं उसका निर्माण आक्सीजन से होता है, जो अधातु है।
नाइट्रोजन, फॉस्फोरस आदि अधातुओं से उर्वरक का निर्माण होता है जो पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक है।
जल के शुद्धिकरण में ओजोन(O3) का उपयोग होता है।
गंधक (सल्फर) का उपयोग कवकनाशी के रूप में होता है तथा इससे बारूद (गन पाउडर) बनाया जाता है जो पटाखीं में भी प्रयुक्त होती है।
View full question & answer
Question 32 Marks
धातुओं के प्रमुख उपयोग लिखिए।
Answer
धातुओं के उपयोग:
धातुओं का उपयोग मशीनें, मोटर गाड़ियाँ, वायुयान, रेलगाड़ियों आदि के निर्माण में होता है।
धातुओं का उपयोग उपग्रह निर्माण में किया जाता है।
औद्योगिक साजो-सामान, खाना बनाने के पात्रों का निर्माण धातुओं से होता है।
जल बॉयलरों का निर्माण धातुओं से होता है।
View full question & answer
Question 42 Marks
यदि निम्नलिखित धातुओं की कॉपर सल्फेट विलयन के साथ कोई अभिक्रिया होती है तो उन्हें बताइए-
(i) कॉपर
(ii) जिंक।
Answer
(i) कॉपर धातु की स्वयं की अपने लवण के विलयन (कॉपर सल्फेट विलयन) के साथ कोई अभिक्रिया नहीं होती।
(ii) जिंक धातु, कॉपर धातु से अधिक अभिक्रियाशील होती है। इसलिए वह कॉपर सल्फेट के विलयन में से कॉपर धातु को विस्थापित कर देती है। इस प्रक्रिया के दौरान कॉपर सल्फेट का नीला रंग उड़ जाता है।
कॉपर सल्फेट (CUSO4) + जिंक (Zn) → जिंक सल्फेट (ZNSO4) + कॉपर (CU)
View full question & answer
Question 52 Marks
आप किस प्रकार सिद्ध करोगे कि रासायनिक दृष्टि से सिल्वर, कॉपर से कम अभिक्रियाशील है?
Answer
सिल्वर धातु की एक छड़ लेकर उसे कॉपर नाइट्रेट के नीले रंग के विलयन में डुबोकर कुछ समय के लिए रख देते हैं। उसमें कोई विस्थापन अभिक्रिया नहीं होगी तथा सिल्वरर की छड़ और कॉपर नाइट्रेट का नीला विलयन ज्यों के त्यों अपरिवर्तित रहते हैं। चूँकि सिल्वर धातु, कॉपर नाइट्रेट के विल्यन में से कॉपर धातु को विस्थापित नहीं कर सकती, इससे पता चलता है कि सिल्वर धातु कॉपर धातु से कम अभिक्रियाशील है।
View full question & answer
Question 62 Marks
धातुओं की क्षारों (Bases) के साथ होने वाली अभिक्रिया को समझाइए।
Answer
धातुओं की क्षारों के साथ अभिक्रिय: धातु क्षारों के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस उत्पन्न करते हैं। इसे हम निम्न प्रयोग से समझ सकते हैं।
प्रयोग: एक परखनली में सोडियम हाइड्रॉक्साइड का ताजा विलयन लेकर इसमें एलुमिनियम की पन्नी का टुकड़ा डालिए तथा एक जलती हुई माचिस की तीली को परखनली के निकट ले जाइए। हम देखेंगे कि हमें पॉप ध्वनि सुनाई देती है जो हाइड्रोजन गैस की उपस्थिति दर्शाती है। अतः यह कहा जा सकता है कि धातु क्षारों के साथ क्रिया करके हाइड्रोजन गैस देते हैं।
View full question & answer
Question 72 Marks
धातुओं की अम्लों से अभिक्रिया किस प्रकार होती है?
Answer
धातु सामान्यतया अम्लों के साथ अभिक्रिया करके हाइड्रोजन गैस देते हैं। इसके परीक्षण के लिए यदि इस गैस को जलाया जाता है तो यह पॉप ध्वनि के साथ जलती है। सामान्यतया अधातुओं की अम्लों के साथ अभिक्रिया नहीं होती है। धातुओं के साथ अम्ल निम्न प्रकार क्रिया करते हैं (Fe) + (H2SO4) → (FeSO4) +(H2S) (आयरन) (सल्फ्यूरिक अम्ल) फेरस सल्फेट हाइड्रोजन
View full question & answer
Question 82 Marks
क्या धातु तथा अधातु जल के साथ क्रिया करते हैं? समझाइए।
Answer
धातुओं की जल के साध क्रिया: कुछ धातु सोडियम आदि जल के साथ तीव्र अभिक्रिया करते हैं तथा सोडियम ऑक्साइड बनाते हैं। किन्तु अधिकतर धातुओं की जल के साथ अभिक्रिया नहीं होती है। आयरन जल के साथ धीमी अभिक्रिया करता है।
अधातुओं की जल से क्रिया: सामान्यतया अधातु जल से अभिक्रिया नहीं करते हैं इसीलिए कुछ अधातु जो वायु में सक्रिय हो जाते हैं, उन्हें जल में रखते हैं। जैसे फॉस्फोरस एक काफी सक्रिय अधातु है, उसे जल में रखते हैं।
View full question & answer
Question 92 Marks
क्या अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होते हैं? एक प्रयोग द्वारा समझाइए।
Answer
अधातुओं के ऑक्साइड सामान्यतया अम्लीय प्रकृति के होते हैं। इसे हम निम्न प्रयोग द्वारा समझ सकते हैंप्रयोग-एक उद्दहन चम्मच में थोड़ा: सा सल्फर लेकर उसे गर्म करते हैं। जैसे ही सल्फर जलना प्रारम्भ करे इसे काँच के एक गिलास में ले जाते हैं तथा गिलास को ढक्कन से बन्द् कर देते हैं। गिलास में थोड़ा जल डालते हैं तथा उसे तुरन्त बन्द करके हिलाते हैं। सल्फर व ऑक्सीजन की क्रिया से बनने वाला पदार्थ सल्फर डाइऑक्साइड है तथा यह जल में विलेय होकर सल्फ्यूरस अम्ल बनाता है। सल्फ्यूरस अम्ल नीले लिटमस पत्र को लाल कर देता है। इससे निष्कर्ष निकलता है कि सामान्यतया अधातुओं के ऑक्साइड अम्लीय प्रकृति के होतें हैं।
View full question & answer
Question 102 Marks
धात्विक ऑक्साइड की प्रकृति अम्लीय है या क्षारीय? समझाइए।
Answer
धात्विक ऑक्साइड की प्रकृति क्षारीय होती है। इसे हम निम्न प्रयोग द्वारा समझ सकते हैं।
प्रयोग: एक मैग्नीशियम रिबन को जलाकर उसकी राख प्राप्त करते हैं। राख को जल में विलय कर लेते हैं तथा इस विलयन में लाल लिटमस पत्र को डालते हैं। हम देखते हैं कि लाल लिटमस पत्र नीला हो जाता है जो यह बताता है कि धातिवक ऑक्साइड क्षारीय प्रकृति के होते हैं।
View full question & answer
Question 112 Marks
धातुएँ ध्वानिक हैं। इससे क्या आशय है?
Answer
ध्वानिकता: धातुओं की वस्तुओं को जब कठोर सतह से टकराया जाता है तो एक निनाद ध्वनि उत्पन्न होती है। जैसे मंदिरों में घंटियाँ बजती हैं तब यह ध्वनि निकलती है। अत: धातु गायन ध्वनियाँ उत्पन्न करते हैं। इसी आधार पर धातुओं को ध्वानिक कहते हैं।
View full question & answer
Question 122 Marks
अधातु किसे कहते हैं? उदाहरण द्वारा समझाइए।
Answer
अधातु: वे पदार्थ जो दिखने में मलिन हैं तथा नरम हैं व हथौड़े की हल्की चोट से टूटकर चूरा हो जाते हैं, ध्वानिक नहीं हैं तथा ऊष्मा व विद्युत के कुचालक हैं, अधातु कहलाते हैं। जैसे कोयला, सल्फर, ऑक्सीजन, फोस्फोरस आदि अधातु हैं।
View full question & answer
Question 132 Marks
धातु किसे कहते हैं? उदाहरण द्वारा समझाइए।
Answer
धातु - वे पदार्थ जो कठोर, चमकीले, आधातवर्ध्य, तन्य, ध्वानिक और ऊष्मा तथा विद्युत के सुचालक होते हैं, धातु कहलाते हैं। जैसे -आयरन, कॉपर, एलुमिनियम आदि में उपरोक्त सभी गुण पाये जाते हैं अतः उन्हें धातु कहते हैं।
View full question & answer
Question 142 Marks
आघातवर्धनीयता किसे कहते हैं? इसके कारण ही एक धातु को मिठाइयों को सजाने में उपयोग किया जाता है। उस धातु का नाम लिखिए।
Answer
आघातवर्धनीयता: धातुओं का वह गुण जिसके कारण उन्हें पीटकर शीट में परिवर्तित किया जा सकता है, आघातवर्धनीयता कहलाता है। इस गुण के कारण ही चांदी के वर्क बनाकर उनका उपयोग मिठाइयों को सजाने में किया जाता है।
View full question & answer