Question 13 Marks
(i) 'तुमुल' खण्डकाव्य के आधार पर लक्ष्मण का चरित्र-चित्रण कीजिए।
(ii) 'तुमुल' खण्डकाव्य के 'राम-मिलाप और सौमित्र का उपचार' सर्ग की कथा संक्षेप में लिखिए।
(ii) 'तुमुल' खण्डकाव्य के 'राम-मिलाप और सौमित्र का उपचार' सर्ग की कथा संक्षेप में लिखिए।
Answer
View full question & answer→(i) 'तुमुल' खण्डकाव्य में लक्ष्मण का चरित्र अत्यंत वीर, साहसी और समर्पित के रूप में चित्रित किया गया है। वह राम के प्रति अपनी अडिग निष्ठा और समर्पण के लिए प्रसिद्ध हैं। लक्ष्मण ने हमेशा अपने बड़े भाई राम के साथ हर संकट में उनका साथ दिया, चाहे वह वनवास हो या रावण से युद्ध। उनकी वीरता और साहस को विशेष रूप से रावण के साथ युद्ध में प्रदर्शित किया गया है, जब उन्होंने राम के लिए अपनी जान की बाजी लगाई। लक्ष्मण का एक और महत्वपूर्ण गुण उनका विनम्र और संतुष्ट स्वभाव है। वह हमेशा अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि मानते थे और उनका जीवन सदैव राम के आदर्शों और सिद्धांतों के अनुसार चलता था।
(ii) 'तुमुल' खण्डकाव्य के इस सर्ग में राम और लक्ष्मण के मिलाप का प्रसंग अत्यंत भावनात्मक है। जब लक्ष्मण को रावण के पुत्र मेघनाद के प्रहार से गहरी चोटें आईं और वह मूर्छित हो गए, तब राम बहुत दुखी हुए। राम ने अपने भाई को गंभीर अवस्था में देखकर, उनका उपचार करने के लिए हनुमान को संजीवनी बूटी लाने के लिए भेजा। इस समय राम का लक्ष्मण के प्रति गहरा प्रेम और चिंता प्रदर्शित होती है। राम का सौमित्र से मिलना और उसे उपचार देना उनके भाई के प्रति असीम स्नेह को दर्शाता है। अंततः लक्ष्मण को संजीवनी बूटी मिल जाती है और उनका इलाज होता है, जिससे वह पुनः स्वस्थ हो जाते हैं। इस सर्ग में भाई-चारे, प्रेम और त्याग का अद्वितीय चित्रण किया गया है।
(ii) 'तुमुल' खण्डकाव्य के इस सर्ग में राम और लक्ष्मण के मिलाप का प्रसंग अत्यंत भावनात्मक है। जब लक्ष्मण को रावण के पुत्र मेघनाद के प्रहार से गहरी चोटें आईं और वह मूर्छित हो गए, तब राम बहुत दुखी हुए। राम ने अपने भाई को गंभीर अवस्था में देखकर, उनका उपचार करने के लिए हनुमान को संजीवनी बूटी लाने के लिए भेजा। इस समय राम का लक्ष्मण के प्रति गहरा प्रेम और चिंता प्रदर्शित होती है। राम का सौमित्र से मिलना और उसे उपचार देना उनके भाई के प्रति असीम स्नेह को दर्शाता है। अंततः लक्ष्मण को संजीवनी बूटी मिल जाती है और उनका इलाज होता है, जिससे वह पुनः स्वस्थ हो जाते हैं। इस सर्ग में भाई-चारे, प्रेम और त्याग का अद्वितीय चित्रण किया गया है।