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काव्य-खण्ड - 4 बिहारी question types

26 questions across 3 question groups — pick any mix to generate a Hindi [NON NCERT] paper with step-by-step answer keys.

26
Questions
3
Question groups
5
Question types
Sample Questions

काव्य-खण्ड - 4 बिहारी questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

बसै बुराई जासु तन, ताही कौ सनमानु ।
भली-भलौ कहि छोड़िये, खोटें ग्रह जपु दानु ॥
(I) उपर्युक्त पद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"बसै बुराई जासु तन, ताही कौ सनमानु"
(III) इस पद्यांश में कवि ने किस प्रकार के व्यक्ति की निंदा की है?
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दुसह दुराज प्रजानु कौं, क्यौं न बढ़े दुख-दंदु ।।
अधिक अँधेरी जग करते, मिलि मावस रबि-चंद् ॥
(I) उपर्युक्त पद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"दुसह दुराज प्रजानु कौं, क्यौं न बढ़े दुख-दंदु"
(III) इस पद्यांश में कवि ने किस सामाजिक विडंबना को उजागर किया है?
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जौ चाहत, चटकन घटे, मैलौ होइ न मित्त।
रज राजसु न छुवाइ तौ, नेह-चीकन चित्त ॥ 
(I) उपर्युक्त पद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"जौ चाहत, चटकन घटे, मैलौ होइ न मित्त"
(III) इस पद्यांश के माध्यम से कवि ने प्रेम के चित्त की कैसी विशेषता बताई है?
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मेरी भव-बाधा हरौ, राधा नागरि सोइ ।
जा तन की झाई परै, स्यामु हरित-दुति होइ॥
(I) उपर्युक्त पद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"जा तन की झाई परै, स्यामु हरित-दुति होइ ॥"
(III) इस पद में कवि ने राधा के सौन्दर्य को किस प्रकार चित्रित किया है?
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नर की अरु नल-नीर की, गति एकै करि जोड़।
जेतौ नीचो है चले, तेतौ ऊँचौ होइ ॥
(I) उपर्युक्त पद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
(II) रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए:
"जेतौ नीचो है चले, तेतौ ऊँचौ होइ"
(III) इस पद्यांश में कवि ने किस जीवन-मूल्य की प्रशंसा की है?
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