Question
15 का द्विचर-तुल्यांक है :

Answer

(C)

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$2 \times 10^4 JT ^{-1}$ चुम्बकीय आघूर्ण का एक छड़ चुम्बक एक क्षैतिज तल में स्वतन्त्र रूप से घूम सकता है। इस स्थान पर $B =6 \times 10^{-4} T$ का क्षैतिज चुम्बकीय क्षेत्र क्रियाकारी है। क्षेत्र दिशा के समान्तर दिशा से चुम्बक को धीरे$-$धीरे क्षेत्र दिशा से $60^{\circ}$ की दिशा तक ले जाने में किया गया कार्य होगा$:-$
अवक्षय क्षेत्र में होते हैं :
किसी गैस के लिए विशिष्ट ऊष्माओं का अनुपात $r=1.5$ है। इस गैस के लिए :
किसी प्रकाश सुग्राही धातु के लिये, देहली आवृत्ति $3.3 \times 10^{14} Hz$ है। यदि इस धातु पर $8.2 \times 10^{14} Hz$ आवृत्ति का प्रकाश आपतित हो तो प्रकाश विद्युत उत्सर्जन के लिए निरोधी $($अन्तक$)$ वोल्टता होगी, लगभगः
संलयन प्रक्रिया उच्च ताप पर होती है क्योंकि उच्च ताप पर-
संलग्न चित्र में बिन्दुओं A व B के बीच तुल्य धारिता का मान होगा-
Image
किसी ऊर्ध्वाधर तार में विद्युत धारा का प्रवाह नीचे से ऊपर की ओर हो रहा है। यदि किसी इलेक्ट्रॉन पुंज को क्षैतिजत: तार की ओर भेजा जाय तो उसमें विक्षेप होगा
निकले हुए फोटो इलैक्ट्रॉन की संख्या बढ़ेगी यदि
प्रकाश के कला सम्बद्ध स्त्रोत संपोषी व्यतिकरण उत्पन्न करते हैं जबकि उनके मध्य कलान्तर होता है-
यदि आवेश Q घन के केन्द्र पर स्थित है, तो घन की एक फलक से निकलने वाला विधुत पलक्स होगा-