Question
संलयन प्रक्रिया उच्च ताप पर होती है क्योंकि उच्च ताप पर-

Answer

D

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धातु का ताप बढ़ाने से उसका प्रतिरोध बढ़ता है, क्योंकि
विस्थापन धारा उतनी होती है जितनी-
जब p-n संधि पर अग्रदिशिक बायस अनुप्रयुक्त किया जाता है, तब यह
एक पिंड, बल $\overrightarrow{ F }=6 \hat{ i }-8 \hat{ j }+10 \hat{ k }$ के प्रभाव में $1 m / s ^2$ का त्वरण पा लेता है तो इस पिंड का द्रव्यमान होगा-
3 किग्रा दो पिण्डों की गतिज ऊर्जाओं का अनुपात $4: 1$ है। इनका आवेग समान है। इनके द्रव्यमानों का अनुपात
एक गेंद को ऊर्ध्वाधरतः ऊपर फेंका गया। जब यह अपनी अधिकतम ऊँचाई के आधे पर पहुँचती है तो इसकी वेग 10 मी/सेकंड होती है। गेंद कितनी ऊपर जायेगी? [ $g =10$ मी/सेकंड $\left.{ }^2\right]$
L-R परिपथ की प्रतिबाधा होती है
$M$ द्रव्यमान का एक पिण्ड $A , V$ वेग से क्षैतिज से $30^{\circ}$ तथा समान द्रव्यमान दूसरा पिण्ड $B$ समान वेग से क्षैतिज से $60^{\circ}$ पर प्रक्षेपित किया जाता है। उनके क्षैतिज परासों का अनुपात होगा
C धारिता के संधारित्र में संचित ऊर्जा क्या होगी, जबकि उसका विभव V तक बढ़ाया जाये
दो समान गोले जिन पर $+q$ और $-q$ आवेश हैं कुछ दूरी पर रखे हैं। उनके बीच $F$ बल कार्य करता है। अगर दोनों गोलों के बीचोंबीच एकसमान $+q$ आवेश का गोला रखा जाए तो उस पर कार्य करने वाले बल का मान व दिशा होगी