अभिप्रेरणा के प्रमुख तत्त्व
1. उद्देश्य-उद्देश्य एक आन्तरिक स्थिति है जो व्यवहार को ऊर्जावान, सक्रिय बनाती है तथा लक्ष्यों की पूर्ति के लिए दिशा निर्देशित करती है। उद्देश्य मनुष्य की आवश्यकताओं से उत्पन्न होता है। उस उद्देश्य की पूर्ति मनुष्य में एक बेचैनी पैदा करती है जो उसे उस बेचैनी को कम करने के लिए कुछ क्रिया करने के लिए तत्पर रहती है।
2. अभिप्रेरणा-अभिप्रेरणा एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा लोगों को वांछित उद्देश्यों की पूर्ति के लिए प्रेरित किया जाता है। अभिप्रेरणा व्यक्तियों की आवश्यकताओं की संतुष्टि पर निर्भर करती है।
3. अभिप्रेरक-अभिप्रेरक वह तकनीक है जिसका प्रयोग संगठन में लोगों को प्रेरित करने के लिए किया जाता है। प्रबन्धक विविध प्रेरकों का प्रयोग करते हैं; जैसे-वेतन, बोनस, पदोन्नति, पहचान, प्रशंसा, उत्तरदायित्व इत्यादि का संगठन में लोगों के व्यवहार को प्रभावित करने के लिए किया जाता है ताकि वे अपना सर्वोत्तम योगदान दे सकें।