Question
अवसादी चट्टानों की विशेषताएँ तथा उदाहरण दीजिए।

Answer

अवसादी च‌ट्टानों की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
(1) ये चट्टानें परतों के रूप में पाई जाती हैं।
(2) पौधे एवं जीव-जन्तु के अवशेष पदार्थ मूलरूप में पाये जाते हैं तथा कठोर होते हैं।
(3) सूक्ष्म कण ऊपर की परत में एवं बड़े कण नीचे की परों में पाये जाते हैं।
(4) अन्य चट्टानों की अपेक्षा ये छिद्रदार एवं कोमल होती हैं।
अवसादी चट्टानों के उदाहरण
(1) चूना पत्थर - यह एक महत्त्वपूर्ण अवसादी चट्टान है। ये चट्टानें सीप, घोंघा, मूँगा एवं पौधों से बनती हैं। खनिजों के मिश्रित होने के कारण इसका रंग सफेद से भूरे एवं धूसर से लेकर काले रंगों में पाया जाता है। इसमें कैल्शियम कार्बोनेट की मात्रा 40 से 98 प्रतिशत तक होती है। इसलिये नमक, अम्ल के साथ क्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड बनाता है।
(2) बालू पत्थर - यह पत्थर बालू से बनता है। इसमें मुख्य रूप से क्वार्ट्ज खनिज के कण, सिलिका, लोहा, ऑक्साइड और चूने से संयोजित होते हैं। इन च‌ट्टानों की सतह खुरदरी होती है। इसका रंग काला, पीला, गुलाबी, धूसर और लाल होता है। ये चट्टानें स्तरित होती हैं, इनकी मोटाई कुछ सेन्टीमीटर से कई मीटरों तक पाई जाती है।

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