बुद्धि मापने के निम्नलिखित भारतीय परीक्षण हैं :
(i) सामान्य बुद्धि परीक्षण- इस बुद्धि परीक्षण का निर्माण एस.एम. मोहसिन ने 1954 में किया। वास्तव में यह एक सामूहिक शाब्दिक परीक्षण है, जिसके 6 उप-परीक्षण हैं। इनमें क्रमशः 20, 30, 40, 22, 26 तथा 18 समस्याएँ हैं। निर्धारित समय क्रमश: 5, 5, 8, 5, 7 तथा 10 मिनट हैं। प्रत्येक सही उत्तर के लिए अंक दिया जाता है। कुल प्राप्तांक के आधार पर बुद्धि निर्धारित की जाती है। वर्ग या आयु के आधार पर मानक अंक निकाला जाता है। यह परीक्षण 15 वर्ष तक के बच्चों के लिए है। अतः अधिकतम मानक अंक 103 है। इस प्रकार, प्राप्तांक तथा मानक अंक के आधार पर प्रभा-निर्देशिका निकाला जाता है, जिसका सूत्र इस प्रकार है :
I.B. = Obt. Score - Standard Score + 100
मान लें कि एक 15 साल के बच्चे का प्राप्तांक 120 है। उसका मानक अंक 103 होगा। इसलिए उसका I.B. (120 - 103 + 100) = 117 होगा। दिए गए टेबुल देखकर पता लगा लिया जाता है कि प्रयोज्य की बौद्धिक योग्यता किस श्रेणी में है?
(ii) जोशी सामान्य बुद्धि परीक्षण- मोहन चन्द्र जोशी ने 1956 में एक शाब्दिक बुद्धि परीक्षण का निर्माण किया। इस परीक्षण को जोशी सामान्य बुद्धि परीक्षण कहते हैं। इसका उपयोग सामूहिक तथा वैयक्तिक परीक्षण दोनों में किया जाता है। इसमें 100 एकांश हैं। प्रत्येक सही उत्तर के लिए एक अंक दिया जाता है। इसलिए अधिकतम अंक 100 होता है और न्यूनतम अंक शून्य होता है।