बुद्धि परीक्षण का उपयोग निम्नलिखित क्षेत्रों में देखा जा सकता है :
(i) श्रेणीकरण के लिए- बुद्धि-परीक्षण का उपयोग बच्चों के श्रेणीकरण में किया जाता है। बुद्धि-परीक्षण द्वारा बच्चों को औसत, मानसिक दुर्बलता तथा प्रतिभाशाली, तीन श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है। इस श्रेणीकरण से भिन्न-भिन्न बौद्धिक स्तरों के बालकों की शिक्षा-व्यवस्था में बड़ी मदद मिलती है।
(ii) शैक्षिक निर्देशन के लिए- बुद्धि-परीक्षण से शैक्षिक निर्देशन में सहायता मिलती है। भिन्न-भिन्न बौद्धिक योग्यता के बालकों के लिए शिक्षा की अलग-अलग व्यवस्था आवश्यक होती है। अतः बुद्धि मापकों या परीक्षणों द्वारा बच्चों की बुद्धि की जाँच करके अनुकूल शिक्षा की व्यवस्था की जा सकती है।
(iii) व्यावसायिक निर्देशन के लिए- व्यावसायिक निर्देशन में भी बुद्धि-परीक्षणों से सहायता मिलती है।
(iv) कर्मचारी चयन के लिए- कर्मचारी चयन के समय बौद्धिक परीक्षणों का उपयोग किया जाता है। आवश्यकता के अनुसार वैयक्तिक परीक्षण, सामूहिक परीक्षण, शाब्दिक परीक्षण या अशाब्दिक परीक्षण का उपयोग किया जाता है।
(v) बौद्धिक दुर्बलता के निदान के लिए- बच्चों की मानसिक दुर्बलता के निदान में बुद्धि-परीक्षण से बड़ी सहायता मिलती है। इस आधार पर मानसिक दुर्बल बच्चों को मन्द बुद्धि, मूढ़ तथा मूर्ख- तीन भागों में विभाजित किया जाता है। इस प्रकार, बुद्धि-परीक्षण द्वारा बौद्धिक दुर्बलता से पीड़ित बालकों को पहचाना जा सकता है तथा अनुकूल उपचार किया जा सकता है।