डाकिया डाकघर में काम करता है। वह खाकी रंग की वर्दी पहनता है। उसके पास खाकी रंग का थैला होता है। उसमें पोस्टकार्ड उन्तर्देशिय पत्र, लिफ़ाफ़े, रजिस्टर्ड पत्र, मनीआर्डर आदि रहतें हैं। डाकिये के हाथ में भी पत्रों का बड़ा सा बंडल रहता है।
डाकिया डाकघर से मिलनेवाली डाक को समय पर सबको पहुँचता है।
इस काम में आनेवाली किसी भी बाधा से वह नही डरता। वह तेज़ धूप और बारिश में भी ईमानदारी से अपना काम करता है। डाकिया हमारी डाक को पूरी सलामती के साथ हम तक पहूँचाता है। डाकिया सदा अपना काम मन लगाकर करता है। वह कभी अपने काम से जी नहीं चुराता । डाकिया हमारे समाज का एक सच्चा सेवक है। हमें सदैव उसका सम्मान करना चाहिए।