Question
एक $p - n$ सन्धि डायोड में

Answer

(b) $p$-n सन्धि डायोड अग्र अभिनत होगा यदि $p$ का विभव $n$ के सापेक्ष धनात्मक होगा।

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एक तापरुद्ध दृढ़ बर्तन के अन्दर 100 $\Omega$ प्रतिरोध के तार में एक ऐम्पियर धारा प्रवाहित की जाती है, तो 5 मिनट के बाद बर्तन की आन्तरिक ऊर्जा में कितना परिवर्तन होगा ?
मुक्त आकाश में किसी विद्युत चुम्बकीय तरंग का विद्युत क्षेत्र
$\vec{E}=10 \cos \left(10^7 t+k x\right) \hat{j} V / m$ से निरूपित (प्रकट) किया जाता है। जहाँ $t$ सेकेण्ड में और $x$ मीटर में है।
इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि
(1) तरंगदैर्ध्य $\lambda=188.4 m$
(2) तरंग संख्या $k=0.33 rad / m$
(3) तरंग-आयाम $=10 V / m$
(4) तरंग $+x$ दिशा की ओर गमन कर रही है।
निम्नलिखित प्रकथनों के युग्मों में से कौन सा ठीक है?
यंग का प्रयोग $\lambda=5000 A$ वाले प्रकाश के लिए किया जाता है। दो स्लियों के बीच की दूरी $0.2$ मिमी तथा स्क्रीन की दूरी $200$ सेमी है । केन्द्र से तीसरे उच्चतम की दूरी होगी.
निम्न समीकरणों में से कौन सी सरल आवर्ती चाल की सूचक है:- (जबकि $k , k _0, k _1$ और $a$ सभी, धनमानी हैं।)
किसी तरंग के लिये कलान्तर $\phi$ के तुल्य पथान्तर है-
परिपथ का गुण जो विद्युतीय ऊर्जा को ताप में बदलता है, कहलाता है
एक बन्द करने वाले पृष्ठ के अन्दर आवेश की स्थिति इस प्रकार से बदली जाती है कि कुल आवेश स्थिर रहता है, बन्द पृष्ठ से विधुत पलक्स का अभिवाह-
हीलियम की प्रति न्यूक्लिऑन बन्धन ऊर्जा होती है-
किसी हाइड्रोजन परमाणु में एक इलेक्ट्रॉन उत्तेजित अवस्था $n$ से न्यूनतम ऊर्जा स्थिति में संक्रमण करता है (कूदता) है। इससे विकिरित तरंगदैर्ध्य का प्रकाश एक ऐसे प्रकाशसंवेदी पदार्थ को प्रदीप्त करता है जिसका कार्यफलन $2.75 eV$ है। यदि प्रकाश विद्युत इलेक्ट्रॉनों का निरोधी (अंतक) विभव $10 V$ है तो $n$ का मान होगा:
जब एक लम्बे स्प्रिंग को $2$ सेमी खींचा जाता है तो इसमें संचित स्थितिज ऊर्जा $U$ होती है। यदि इसे $8$ सेमी खींचा जाए तो इसमें संचित स्थितिज ऊर्जा होगी: