किसान और हाथी के बीच हुए साझे में यह तय हुआ था कि खेत की फसल को आधा-आधा दोनों आपस में बाँट लेंगे। लेकिन जब किसान ने गन्ना खाना प्रारम्भ किया, तो हाथी ने गन्ना अपनी तरफ खींचते हुए अपने मुँह में ले जाने लगा। किसान ने, हार मानकर गन्ना छोड़ दिया। किसान के गन्ना छोड़ देने पर हाथी अकेले पूरा गन्ना खा गया। इस पाठ में हाथी सबल था, जबकि किसान दुर्बल था, इसलिए किसान को हार माननी पड़ी।