गान्धार कला की विशेषतायें निम्नलिखित हैं-
1. मानव शरीर के यथार्थ चित्रण की ओर विशेष ध्यान दिया गया है। इनमें मानव शरीर की सुन्दर रचना एवं माँस-पेशियों की सूक्ष्मता परिलक्षित होती है। मूँछों एवं लहरदार बालों का भी अत्यन्त सूक्ष्म ढंग से प्रदर्शन हुआ है।
2. बुद्ध की वेशभूषा यूनानी है, उनके पैरों में जूते दिखाये गये हैं, प्रभा-मण्डल सादा तथा अलंकरण रहित है।
3. शरीर से अत्यन्त सटे अंग प्रत्यंग दिखाने वाले पारदर्शी वस्त्रों का अंकन हुआ है, जिनमें सलवटें तक स्पष्ट देखी जा सकती हैं।
4. अनुपम नक्काशी भी इस शैली की विशेषता है।