प्राचीन काल में 16 महाजनपदों के अस्तित्व के प्रमाण मिलते हैं । इनमें मगध महाजनपद कई कारणों से विशिष्ट था। इसकी विशिष्ट स्थिति के कुछ कारण निम्नानुसार है-
1. अपनी विशिष्ट भौगोलिक स्थिति के कारण यह चारों ओर से सुरक्षित है। उत्तर में गंगानदी, पूर्व में सोन नदी, पश्चिम में चम्पा नदी तथा दक्षिण में बिंध्याचल इसकी भौगोलिक सुरक्षित सीमा निर्मित करते हैं।
2. मगध की प्राचीन राजधानी राजगीर (राजगृह-राजाओं का घर) एवं नवीन राजधानी पाटलिपुत्र सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण थीं। पाँच पहाड़ों की शृंखला से घिरा राजगीर अभेद्य था। पाटलिपुत्र गंगा, गंडक एवं सोन नदियों के संगम पर स्थित था। यहाँ से सभी ओर के लिये सुगम संचार साधन उपलब्ध हैं।