Rajasthan Boardहिन्दी माध्यमकक्षा 10विज्ञाननियंत्रण एवं समन्वय2 Marks
Question
गुरुत्वानुवर्तन क्रिया को चित्र सहित समझाइये।
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Answer
प्रकाशानुवर्तन :- पर्यावरणीय प्रेरक जैसे प्रकाश आदि पादप की वृद्धि वाले भाग में दिशा परिवर्तित कर देते हैं। इन दिशिक (Directional) या अनुवर्तन (Tropic) गतियों में पादप का प्ररोह (Shoot) प्रकाश की ओर मुड़कर अनुक्रिया करता है तथा जड़ (Root) प्रकाश से दूर मुड़कर अनुक्रिया करती है। यह क्रिया प्रकशानुवर्तन कहलाती है। गुरुत्वानुवर्तन :- पर्यावरणीय प्रेरक जैसे गुरुत्व आदि पादप की वृद्धि वाले भाग में दिशा परिवर्तित कर देते हैं। ये दिशिक या अनुवर्तन गतियां उद्दीपन (stimulus) की ओर या उससे विपरीत हो सकती है। हम जानतें हैं कि एक पादप की जड़ सदैव नीचे की ओर तथा प्ररोह प्रायः उपर की ओर अर्थात पृथ्वी से दूर वृद्धि करता है। जड़ में ये अधोगामी वृद्धि (Downward growth) तथा प्ररोह में उपरिगामी वृद्धि (Upward growth) पृथ्वी या गुरुत्व के खिंचाव की अनुक्रिया ही गुरुत्वानुवर्तन है।
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