Question
जो डरता है, वह खोता है।

Answer

भय मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। डरपोक व्यक्ति जीवन में कुछ नहीं कर सकता। साहसी पुरुष व्यापार करके लाखों का मुनाफा कमाते हैं, परंतु डरपोक व्यक्ति हानि होने के भय से व्यापार करने में घबराता है और कमाने के अवसर खो देता है। डरपोक शासक पराजय के भय से शत्रु पर आक्रमण नहीं करता और अंत में अपना राज्य गँवा देता है।देश के डरपोक लोगों ने यहाँ के क्रांतिकारियों का साथ नहीं दिया। इसीलिए हमारा देश सदियों तक गुलामी की जंजीरों में जकड़ा रहा। कहते हैं कि इस धरती के सुख तो वीरपुरुष ही भोगते हैं, लक्ष्मी कायरों का वरण नहीं करती। डरपोक व्यक्ति तो भूत के भय से रात के अंधेरे में सो भी नहीं पाते ! दिन में तरह$-$तरह की शंकाएँ$-$कुशंकाएँ उन्हें चैन नहीं लेने देतीं। इस प्रकार जो डरते हैं, उनके भाग्य में खोने के सिवाय और कुछ नहीं होता।

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