Question
जयशंकर प्रसाद

Answer

जीवन-परिचय :-छायावादी युग के प्रवर्तक महाकवि लयशंकर प्रसाद का जन्म काशी के एक सम्पन्न वैश्य - परिवार में सन् 1890 ई में हुआ था इनके पिता का नाम देवीप्रसाद था। सन् 1937 ई० को 48 वर्ष की अल्पायु में ही उनका निधन हो गया। साहित्यिक परिचय द्विवेदी पुग से अपनी काव्य-सना का प्रारम्भ करनेवाले महाकवि जपशंकरप्रसाद हापातादी काव्य के जन्मदाता एवं हायातादी युग के प्रवर्तक समझे जाते है। इनकी रचना 'कामायनी एक कालजपी कृति है. जिसमे हापातादी काव्य प्रवृतियों एवं विशेषताओं का समावेश हुआ है। इन्होंने अपने काव्य में आध्यात्मिक आनन्दवाद की प्रतिष्ठा की है। प्रसाद आधुनिक हिन्दी काव्य के सर्वप्रथम कवि थे। इन्होंने अपनी कविताओं में सूक्ष्म अनुभूतियो का रहस्यवादी चित्रण प्रारम्भ किया और हिन्दी काव्य-जगत् मे एफ नवीन क्रान्ति उत्पन्न कर दी इनकी इसी क्रान्ति ने एक नए युग का सूत्रपात किया, जिसे हापातादी युग के नाम से जाना जाता है।
कृतियाँ :चिताधार प्रेमि-पथिक, कानन-कुन

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