कृमिहर-वे औषधियाँ या पदार्थ जो शरीर में उपस्थित, परजीवियों से मुक्ति दिला देती हैं उन्हें कृमिहर कहते हैं। जैसे-कॉपर सल्फेट, निकोटिन सल्फेट, फैरस सल्फेट, फिनोविस, तारपीन का तेल आदि। इनमें से वे औषधियाँ जो आन्तरिक परजीवियों को नष्ट करती हैं कृमिनाशक कहलाती हैं तथा जो औषधियाँ आन्तरिक परजीवियों या कृमियों को मारती नहीं हैं परन्तु शरीर में बाहर निकाल देती हैं, उन्हें कृमिहारक कहते हैं।