Question
कवि को वृक्ष बूढ़ा चौकीदार क्यों लगता था?

Answer

'एक वृक्ष की हत्या' कुँवर नारायण रचित कविता है। जिसमें तुरन्त काटे गए एक वृक्ष के बहाने पर्यावरण, मनुष्य की सभ्यता के विनाश की अन्तर्व्यथा को अभिव्यक्त करती है।
कवि दरवाजे के आगे खड़ा वृक्ष का मानवीकरण करते हुए स्पष्ट करते हैं कि यह वृक्ष बूढ़ा चौकीदार की तरह घर की सुरक्षा में सदैव तत्पर रहता है। यह वृक्ष हर मौसम तथा हर परिस्थिति में खड़ा अपनी छाया प्रदान कर हमारी रक्षा करता है। वृक्ष की छाल खाकी वर्दी की तरह और पेड़ की सूखी डाल राइफल की तरह दिखते हैं। इसलिए कवि वृक्ष को बूढ़ा चौकीदार कहते हैं।

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