वैज्ञानिक प्रबन्ध, फ्रेडरिक टेलर द्वारा विकसित, कार्य दक्षता और उत्पादकता बढ़ाने पर केन्द्रित है। आलोचकों का मानना है कि यह अमानवीय है क्योंकि यह श्रमिकों को मशीन का हिस्सा मानकर उनकी रचनात्मकता, भावनाओं और व्यक्तिगत जरूरतों को नजरअंदाज करता है। समर्थक तर्क देते हैं कि यह उत्पादकता और वेतन में सुधार लाता है। इसका अमानवीय होना कार्यान्वयन पर निर्भर करता है-
कठोर दृष्टिकोण श्रमिकों को नुकसान पहुँचा सकता है, जबकि संतुलित दृष्टिकोण मानवीय पहलुओं को शामिल कर सकता है।