Question
"मृदा एक प्राकृतिक पिण्ड है।" समझाइए।

Answer

"मृदा एक प्राकृतिक पिण्ड है।" इसे निम्न प्रकार समझ सकते हैं-
(1) मृदा एक प्राकृतिक पिण्ड है तथा इसका अपना एक स्वतन्त्र अस्तित्व है। इसके गुण विशेष तथा विभिन्न हैं।
(2) मृदा एक प्रकार से जीवित पिण्ड है, क्योंकि जीवित पदार्थों के समान मृदा का धीरे-धीरे विकास होता है।
(3) इनका जन्म पैतृक पदार्थों अथवा च‌ट्टानों से होता है और यह परिपक्व अवस्था को पहुँचकर पूर्ण प्रोफाइल के रूप में विकसित हो जाती है।
(4) मृदा को एक गतिशील प्राकृतिक पिण्ड कहते हैं। यह जीव एवं सूक्ष्मजीव के विशेष कार्यों को भी प्रभावित करती है।
(5) मुदा एक प्राकृतिक पिण्ड है क्योंकि यह गहरी होती है और इसमें पृष्ठ क्षेत्रफल भी होता है।
(6) यह विनाशकारी एवं संश्लेषित प्रक्रमों से उत्पन्न एक प्राकृतिक पदार्थ है। इस प्रकार मृदा एक प्राकृतिक पदार्थ की सभी विशेषताओं जैसे विनाश संश्लेषण तथा परिवर्तन की पूर्ति करती है। अतः मृदा, कार्बनिक एवं खनिज पदार्थ का एक प्राकृतिक पिण्ड है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free