मोल्ड बोर्ड हल (Mould board plough)यह प्राथमिक भू-परिष्करण यंत्र है। यह हल हर प्रकार की मिट्टी में अच्छी तरह प्रयोग में लाया जाता है। यह मिट्टी को पलटता है जिससे खरपतवार आदि नीचे दबकर खाद बन जाते हैं।
मुख्य भाग - इस हल के निम्नांकित तीन मुख्य भाग होते हैं-
(1) हल तल (plough bottom)) (2) हरीस (beam) तथा (3) हत्था (handle) ।

इनका वर्णन निम्न प्रकार है-
(1) हल तल (Plough Bottom)
- इसके चार भाग होते हैं-
(i) फार - इसका कार्य मिट्टी को काटना है तथा इसे ढलवां लोहे या इस्पात से बनाया जाता है जो कि 12 इंच तक जुताई करती है।
(ii) मोल्ड बोर्ड - इसका कार्य काटी गई मिट्टी को भुरभुरी बनाना है।
(iii) लैड साइड - यह भाग कूँड की दीवार के विरुद्ध हल तल को सहारा देता है।
(iv) आधार (frog) - इस भाग में फाल मोल्ड बोर्ड तथा लैड साइड जुड़ती हैं। पूर्ण स्थिरता, मजबूती तथा हल की पर्याप्त दक्षता के लिए इसमें कई छेद होते हैं।
(2) हसल या हरीस (Beam)
- इसका एक सिरा हल तल से तथा दूसरा सिरा आगे की ओर रहता है। इस भाग की लम्बाई कम (भारी हलों की) या ज्यादा (हल्के हलों की) हो सकती है।
(3) हत्था (Handle)
- हल को नियंत्रित करने के लिए क्लोविस (clovice) से जुड़ा होता है। लम्बे हरीस वाले हलों में एक ही हत्था तथा छोटे हरीस वाले हलों में दो हत्थे होते हैं। ये लकड़ी या इस्पात के बने होते हैं।
इस हल में कूँड की गहराई को बढ़ाने हेतु फाल की नोक को लैड साइड एड़ी की अपेक्षा नीचे की तरफ 5 से 8 मिलीमीटर तथा झुकी हुई रखते हैं। इस झुकाव को खड़ा झुकाव (vertical suction) कहते हैं। इसी तरह कुंड की चौड़ाई को बढ़ाने हेतु फार की नोक को लैड साइड की एड़ी की अपेक्षा, जमीन के समानान्तर 3 से 5 मिलीमीटर बाहर को रखा जाता है। इसे क्षैतिज झुकाव (horizontal suction) कहते हैं।