Question
ओम का नियम लिखिये।

Answer

किसी चालक की भौतिक अवस्था (ताप, लम्बाई, अनुप्रस्थ काट) स्थिर रहे तो उस चालक के सिरों का विभवान्तर V का मान उस चालक में प्रवाहित धारा I के अनुक्रमानुपाती होता है।
$\begin{array}{ll} V \propto 1 \\ V = IR & \therefore \quad I =\frac{ V }{ R }\end{array}$
इसका मात्रक (R) ओम होता है।

Need a full question paper?

Generate a complete, print-ready paper with questions like this in minutes — across 16+ boards, with answer keys.

Start Generating Free

Similar questions

ओम के नियम की कोई दो सीमाएँ लिखिए।
कोई p-n फोटोडायोड 2.8 eV बैंड अंतराल वाले अर्धचालक से संविरचित है। क्या यह 6000 nm की तरंगदैर्घ्य का संसूंचन कर सकता है?
3 m की दूरी पर स्थित किसी 100 W बल्ब से आ रहे विकिरण द्वारा उत्पन्न विद्युत एवं चुंबकीय क्षेत्रों की गणना कीजिए। आप यह जानते हैं कि बल्ब की दक्षता 2.5% है और यह एक बिंदु स्रोत है।
दो विभिन्न धारिताओं के संधारित्रों को पहले (1) श्रेणी में और फिर (2) पार्श्व में किसी 100 V के de स्रोत से संयोजित किया गया है। यदि इन दोनों प्रकरणों में संयोजनों में संधित कुल ऊर्जा क्रमशः 40 mJ और 250 mJ है, तो इन संधारित्रों की धारिताएँ ज्ञात कीजिए।
  1. एक इलेक्ट्रॉन जो $5.4 \times 10^{6} \mathrm{~m} / \mathrm{s}$ की चाल से गति कर रहा है,
  2. 150 $\mathrm{~g}$ द्रव्यमान की एक गेंद जो $30.0 \mathrm{~m} / \mathrm{s}$की चाल से गति कर रही है, से जुड़ी दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य क्या होगी?
तीन सर्वसम (एक-जैसे) संधारित्रों को श्रेणीक्रम में संयोजित करने (जोड़ने) पर उनकी तुल्य (कुल) धारिता 1 µF है। यदि उन्हें पार्श्वक्रम (समान्तर क्रम) में संयोजित किया (जोड़ा) जाये, तो उनकी कुल धारिता कितनी होगी? यदि दोनों दशाओं (संयोजनों) में संधारित्रों को एक ही स्रोत से जोड़ा जाये तो इन दो प्रकार के संयोजनों में संचित ऊर्जा का अनुपात ज्ञात कीजिए।
(a) स्थिर वैद्युत क्षेत्र रेखा एक सतत वक्र होती है अर्थात् कोई क्षेत्र रेखा एकाएक नहीं टूट सकती। क्यों?
(b) स्पष्ट कीजिए कि दो क्षेत्र रेखाएँ कभी भी एक-दूसरे का प्रतिच्छेदन क्यों नहीं करतीं?
किसी धातु का कार्य फलन $3.2 \times 10^{-19}$ जूल है। इस धातु के फोटो इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा 3 eV है। आपतित फोटोन की ऊर्जा eV में ज्ञात कीजिए।
  1. एक न्यूट्रॉन, जिसकी गतिज ऊर्जा 150 eV है, का डी ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य प्राप्त कीजिए। इतनी ऊर्जा का इलेक्ट्रॉन किरण-पुंज क्रिस्टल विवर्तन प्रयोग के लिए उपयुक्त है। क्या समान ऊर्जा का एक न्यूट्रॉन किरण-पुंज इस प्रयोग के लिए समान रूप में उपयुक्त होगा? स्पष्ट कीजिए। $\left(m_{n}=1.675 \times 10^{-27} \mathrm{~kg}\right)$ 
  2. कमरे के सामान्य ताप $\left(27^{\circ} \mathrm{C}\right)$ पर ऊष्मीय न्यूट्रॉन से जुड़े डी ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य ज्ञात कीजिए। इस प्रकार स्पष्ट कीजिए कि क्यों एक तीव्रगामी न्यूट्रॉन को न्यूट्रॉन-विवर्तन प्रयोग में उपयोग में लाने से पहले वातावरण के साथ तापीकृत किया जाता है।
8.0 mCi सक्रियता का रेडियोएक्टिव स्रोत प्राप्त करने के लिए ${ }_{27}^{60} \mathrm{Co}$ की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी? $ { }_{27}^{60} \mathrm{Co}$ की अर्धायु 5.3 वर्ष है।