(1) सौंफ, जीरा, बेलगिरी सबकी एक-एक तोला मात्रा लेकर चावल के एक किलो मांड में देनी चाहिए।
(2) क्लोरोडीन 5 ग्राम, फिनोल 750 मिलीग्राम, दलिया 400 ग्राम सबको मिलाकर दिन में 2-3 बार देना चाहिए।
(3) सल्फा ड्रग्स जैसे सल्फागोनेडीन, सल्फामैजेथीन की गोलियाँ या सल्फामैजाथीन सोडियम 33.3% के घोल की इन्ट्रावेनस सुई लगाने से लाभ होता है।
(4) ऐंठन तथा दर्द को कम करने के लिए गुदा में 1% फिटकरी का घोल पिचकारी द्वारा चढ़ाना चाहिए।