Question
प्रकाश-विद्युत प्रभाव सिद्ध करता है कि प्रकाश में-

Answer

B

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समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता निर्भर करती है
यदि विरामावस्था से $45^{\circ}$ के रूखड़े नत समतल पर फिसलने पर कोई पिण्ड चिकने समतल पर फिसलने का दोगुना समय लेता है तो नत समतल का घर्षण गुणांक होगा-
जब $1.47$ अपवर्तनांक के कॉंच के किसी उभयोत्तल लैंस को किसी द्रव में डुबाया जाता है तो, यह एक समतल शीट $($ परत $)$ की भॉंति व्यवहार करता है। इसका तात्पर्य यह है कि द्रव का अपवर्तनांक हैः
एक पम्प मशीन $2$ किलोवाट की है। यह $1$ मिनट में $10$ मी ऊंचाई तक कितना पानी पम्प करेगी $\left( g =10\right.$ मी/सेकंड $\left.2^2\right)$ ?
एक पिण्ड जिसका द्रव्यमान $m$ है $v _1$ वेग से चलता है। इसे एक आवेग दिया गया तब इसका वेग $v_2$ हो जाता है। आवेग का मान होगा-
एक धारावाही परिनालिका अपने अक्ष के अनुदिश चुम्बकीय क्षेत्र $B$ उत्पन्न करती है। यदि धारा दोगुनी तथा फेरों की संख्या प्रति सेमी आधी कर दी जाए तो नया चुम्बकीय क्षेत्र होगा$-$
निर्वात में रखे बिन्दुवत् आवेशों के मध्य बल 18 न्यूटन है। 6 परावैधुतांक की एक काँच की पट्टिका इन आवेशों के मध्य रख दी जाये तो बल का मान होगा-
$10 g$ द्रव्यमान का काई कण $6.4$ से.मी. लम्बी त्रिज्या के वृत्त के अनुदिश किसी नियत स्पर्श-रेखीय त्वरण से गति करता है। यदि गति आरम्भ करने के पश्चात दो परिक्रमाएं पूरी करने पर कण की गतिज ऊर्जा $8 \times 10^{-4} J$ हो जाती है, तो इस त्वरण का परिमाण क्या है,
$M$ द्रव्यमान और $r$ त्रिज्या का एक पतला छल्ला (वलय) अपनी अक्ष के परितः, स्थिर कोणीय वेग $\omega$ से घूर्णन कर रहा है। इस छल्ले के व्यास के दो विपरित सिरों पर समान (बराबर) द्रव्यमान $m$ की दो पिण्डों को हल्के से संलग्न कर (जोड़ दिया) गया है। वलय का नया कोणीय वेग है
लम्बाई $L$ और द्रव्यमान $M$ की एक पतली छड़ को अपने मध्य बिन्दु पर $90^{\circ}$ के कोण पर मोड़ा गया है। छड़ के मोड़ बिन्दु से एक अक्ष इस तरह जाता है कि मुड़ी छड़ के दो भागों से बने तल से अक्ष लम्ब दिशा में है। इस अक्ष के गिर्द मुड़ी छड़ का जड़त्व आघूर्ण होगा: