पर्यवेक्षक के कार्य
एक पर्यवेक्षक के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं-
सहयोग एवं परामर्श प्रदान करना-पर्यवेक्षक का प्रमुख कार्य अपने अधीनस्थों को कार्य करने में पूर्ण सहयोग प्रदान करना है तथा समय-समय पर उन्हें परामर्श देना है।
प्रेरणा प्रदान करना-पर्यवेक्षक अधीनस्थों के कार्यों का निरीक्षण एवं जाँच ही नहीं करता वरन् वह मिलकर कार्य करने के लिए सभी को प्रेरित करता है।
गलतियों को सुधारना-पर्यवेक्षक अधीनस्थ कर्मचारियों का निरीक्षण कर उनकी गलतियों का पता लगाता है तथा उन गलतियों को सुधारने का भी प्रयास करता है।
शिक्षा प्रदान करना-पर्यवेक्षक अधीनस्थों को सही ढंग से कार्य करने की शिक्षा भी देता है तथा अधीनस्थों की कार्य करने की गति तथा कार्यक्षमता को भी मापता है।
कार्य सम्पादन-पर्यवेक्षक का मुख्य कार्य निरीक्षण कार्य को सम्पादित करना भी है। वह संगठन में ऐसा वातावरण पैदा करता है जिससे कि समस्त कर्मचारी सहयोग से कार्य करते हुए कार्य सम्पादन की दिशा में अग्रसर हों।
उत्पादन सम्बन्धी कार्य-पर्यवेक्षक उत्पादन बजट, उत्पादन तकनीकों, कार्य प्रवाह आदि के बारे में जानकारी रखकर अधीनस्थों को निर्देश देता है।
कर्मचारी व्यवस्था सम्बन्धी कार्य-पर्यवेक्षक स्वयं अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की नियुक्ति, पदोन्नति, कार्य-विभाजन, स्थानान्तरण, वेतन प्रशासन आदि कार्यों के सम्बन्ध में आवश्यक तथ्य एकत्रित करता है तथा उच्च अधिकारियों की सहायता करता है।