जीवन-परिचय:रहीमदास का पूरा नाम अब्दुर रहीम ख़ान-ए-ख़ाना था। वे अकबर के नवरत्नों में से एक थे और एक प्रसिद्ध कवि, योद्धा तथा दानवीर थे। इनका जन्म 1556 ई. में लाहौर (अब पाकिस्तान में) हुआ था। रहीमदास ने हिंदी, संस्कृत, अरबी और फारसी भाषाओं का गहन अध्ययन किया था।
उन्होंने अपनी कविताओं में नैतिकता, प्रेम, करुणा, विनम्रता और जीवन-दर्शन को सरल भाषा में प्रस्तुत किया है। वे तुलसीदास और संत कवियों के समकालीन थे। रहीमदास ने दोहों के माध्यम से जीवन की गहरी बातों को बड़े सरल शब्दों में कहा है।उनका निधन 1627 ई. में हुआ।
रचनाएँ:
रहीम के दोहे
रासपंचाध्यायी