रूमिनन्ट्स की पाचन प्रणाली: रूमिनैन्ट अथवा रोमन्थी घास खाने वाले जन्तुओं को कहा जाता है। ये जन्तु पहले घास को जल्दी-जल्दी निगलकर आमाशय के एक भाग में भंडारित कर लेते हैं। यह भाग रूमेन (प्रथम आमाशय) कहलाता है। रूमिनन्ट में आमाशय चार भागों में बँटा होता है। रूमेन में भोजन का आंशिक पाचन होता है, जिसे जुगाल (कड) कहते हैं। परन्तु बाद में जन्तु इसको छोटे पिंडकों के रूप में पुनः मुख में लाता है और उसे चबाता रहता है। इस प्रक्रम को 'रोमन्थन' (जुगाली करना) कहते हैं। रूमिनन्ट्स में क्षुद्रांत्र एवं बृहदांत्र के बीच एक थैलीनुमा बड़ी संरचना होती है, जिसे अंधनाल कहते हैं। रूमिनैन्ट्स के भोजन (घास) में सेलुलोस की प्रचुरता होती है, जो एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है। भोजन के सेलुलोस का पाचन अंधनाल में कुछ जीवाणुओं द्वारा किया जाता है। ये जीवाणु मानव के आहारनाल में अनुपस्थित होते हैं।