अर्थव्यवस्था के अंदर तीन क्षेत्र होते हैं। पहला, प्राथमिक अथवा कृषि क्षेत्र, दूसरा या द्वितीय औद्योगिक क्षेत्र और तीसरा सेवा क्षेत्र। यह अर्थव्यवस्था का वह क्षेत्र है जो विभिन्न प्रकार की सेवाएँ उपलब्ध कराता है जैसे संचार, शिक्षा, बैंक, होटल, यातायात इत्यादि।
सेवा क्षेत्र को दो भागों में बाँटा गया है -
(i) सरकारी। (ii) गैर-सरकारी।
सरकारी - इसके अंतर्गत केन्द्र अथवा राज्यों की सरकारें अपने कर्मचारियों की नियुक्ति कर विभिन्न प्रकार की सेवाएँ लेती हैं। इसके बदले उनको वेतन प्राप्त होता है जैसे-पुलिस, प्रशासन, रेलवे इत्यादि ।
गैर-सरकारी सेवा - सरकार के अलावा अन्य संस्था अथवा निजी संस्थाओं द्वारा उपलब्ध कराए गए रोजगारों को शामिल करते हैं जैसे इंजीनियरिंग, चिकित्सकीय, कानूनी, शिक्षा सेवा इत्यादि।
सेवा क्षेत्र का विकास ही घरेलू उत्पाद में विकास का द्योतक है, इससे सर्वाधिक आय की प्राप्ति होती है।