Question
तप्त-तार आमीटर मापता है, प्रत्यावर्ती धारा का

Answer

(C)

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द्रव्यमान तथा वेग को मापने में प्रतिशत त्रुटि क्रमशः $2 \%$ तथा $3 \%$ है। गतिज ऊर्जा की मापने में प्रतिशत त्रुटि होगी-
एक चोक कुण्डली का व्यवहार परिपथ में धारा को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है
ताप वृद्धि से अर्धचालकों की चालकता-
विधुत  चुम्बक में क्रोड कच्चे लोहे की बनायी जाती है, क्योंकि इसकी-
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यदि एक ताँबे की छड़ में से दिष्ट धारा प्रवाहित हो रही है, तो इस धारा से उत्पन्न चुम्बकीय क्षेत्र होगा
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एक कुंडली का स्व-प्रेरकत्व $L$ है। यह श्रेणी क्रम मे एक विद्युतबल्ब $B$ तथा एक ए.सी. (A.C.) स्रोत से जुड़ी है। इस बल्ब के प्रकाश की दीप्ति (तीव्रता) कम हो जायेगी, जब
एक समान्तर प्लेट संधरित्र की धारिता C है, यदि उनकी प्लेटों के मध्य की दूरी आधी कर देते हैं, तो धारिता का मान होगा
यदि $\mu_0$ तथा $\epsilon_0$ क्रमशः निर्यात की पारगम्यता तथा विघुत-शीलता हो तो निर्वात में विघुत चुम्बकीय तरंगों का वेग होगा-