उद्योगों में मौसमी आधार पर काम करने वाले कामगारों की स्थिति पर प्रकाश डालिए।
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अनेक उद्योगों में कामगार मौसमी आधार पर काम करते थे, इसलिए उन्हें बीच-बीच में काफी समय तक खाली बैठना पड़ता था। कुछ लोग सर्दियों के बाद गाँवों में चले जाते थे, परन्तु अधिकतर मजदूर शहर में रहते हुए ही कोई छोटा-मोटा काम ढूँढ़ने का प्रयास करते थे।
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