"उन्नीसवीं शताब्दी के आरम्भ में वेतन बढ़ने के बाद भी मजदूरों की दशा में सुधार का स्पष्ट पता नहीं चलता।" व्याख्या कीजिए।
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यद्यपि उन्नीसवीं सदी के प्रारम्भ में मजदूरों के वेतनों में कुछ वृद्धि हुई, परन्तु इससे उनकी दशा में सुधार का पता नहीं चलता क्योंकि मजदूरों की आय केवल वेतन की दर पर ही निर्भर नहीं होती थी। यह रोजगार की अवधि पर भी निर्भर करती थी।
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