Question
विघुत चुम्बकीय तरंगें-

Answer

अध्यारोपण के सिद्धान्त का पालन करती हैं।

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3 किग्रा दो पिण्डों की गतिज ऊर्जाओं का अनुपात $4: 1$ है। इनका आवेग समान है। इनके द्रव्यमानों का अनुपात
विद्युत बल रेखाओं के बारे में असत्य कथन है
प्रथम बोहर अवस्था में किसी इलेक्ट्रॉन की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य होती है-
एक कुण्डली जिसकी त्रिज्या $0.5$ मीटर, फेरों की संख्या $50$ तथा धारा का मान $2 A$ है तो उसके केन्द्र पर चुम्बकीय क्षेत्र तीव्रता होगी $:-$
एक कण अचर बल के प्रभाव में विरामावस्था से गति प्रारम्भ करता है। यदि इसकी पहले 10 सेकण्ड में चली दूरी $S _1$ तथा पहले 20 सेकण्ड में चली दूरी $S _2$ हो, तो-
एक लम्बे बहुकुंडलक(सोलिनाइड) में 500 फेरें हैं। जब इसमें 2 ऐम्पीयर की धारा प्रवाहित की जाती है, तो हर फेरे से सम्बन्धित चुम्बकीय फ्लक्स $4 \times 10^{-3} Wb$ होती है। सोलिनाइड का स्वप्रेरकत्व होगा:
भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र स्थित है-
वायु में रखे दो आवेष एक दूसरे को $10^{-4}$N से प्रतिकर्षित करते हैं। दोनों आवेषों के मध्य तेल भर दिया जाये तो बल $2.5 \times 10^{-5} N$ हो जाता है तो तेल का परावैद्युतांक होगा
वे पदार्थ जिनके संयोजी बैण्ड व चालन बैण्ड लगभग अतिव्यापन की स्थिति में होते हैं, वे होते हैं-
धातु का परावैद्युतांक है