1.वन हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं।
2.ये अनेक जंतुओं को आश्रय प्रदान करते हैं।
3.ये अपने आस-पास के क्षेत्रों में वर्षा का उचित स्तर बनाए रखने में सहायक होते हैं।
4. वन, वर्षाजल के प्राकृतिक अवशोषक का कार्य करते हैं और उसे अवस्त्रावित होने देते हैं। यह वर्ष भर भौमजल स्तर को बनाए रखने में सहायक होता है।
5.वन न सिर्फ बाढ़ों को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं, बल्कि नदियों में जल के प्रवाह को बनाए रखने में भी सहायक होते हैं, जिससे हमें जल की सतत आपूर्ति मिलती रहती है।
6.यदि वृक्ष न हों, तो वर्षाजल सीधे भूतल पर गिरकर आस-पास के क्षेत्र में भर सकता है। तेज वर्षा, मृदा की ऊपरी उपजाऊ परत को भी क्षति पहुँचा सकती है।
7.वृक्षों तथा अन्य पौधों के मूल सामान्यत: मृदा को एक साथ बांधे रखते हैं और मृदा अपरदन को रोकते हैं।
8.वन औषधीय पादपों, काष्ठ और अनेक अन्य उपयोगी उत्पादों के भी स्रोत हैं। इस प्रकार वनों का हमारे जीवन में बहुत महत्त्व है। हमें वनों को संरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास करते रहना चाहिए।