Questions

लघु उत्तरीय प्रश्न (3 गुण)

Take a timed test

19 questions · self-marked practice — reveal the answer and mark yourself.

Question 13 Marks
इंग्लैण्ड ने आयरलैण्ड पर प्रभुत्व किस प्रकार स्थापित किया?
Answer
आयरलैंड कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट धार्मिक गुटों में गहराई में बँटा हुआ था। अंग्रेजों ने आयरलैंड में प्रोटेस्टेंट धर्म मानने वालों को बहुसंख्यक कैथोलिक देश पर प्रभुत्व बढ़ाने में सहायता की। ब्रितानी प्रभाव के विरुद्ध हुए कैथोलिक विद्रोहों को निर्ममता से कुचल दिया गया। वोल्फ टोन और उसकी यूनाइटेड आयरिशमेन (1798) की अगुवाई में हुए असफल विद्रोह के बाद 1801 में आयरलैंड को बलपूर्वक यूनाइटेड किंग्डम में शामिल कर लिया गया। इस प्रकार एक नए 'ब्रितानी राष्ट्र' का निर्माण किया गया जिस पर हावी आंग्ल संस्कृति का आयरलैण्ड में खूब प्रचार-प्रसार किया गया। नए ब्रिटेन के प्रतीक-चिहनों, ब्रितानी झंडा (यूनियन जैक) और राष्ट्रीय गान (गॉड सेव अवर नोबल किंग) को भी खूब बढ़ावा दिया गया।
View full question & answer
Question 23 Marks
यूरोप के मध्य वर्ग की विशेषताओं का वर्णन कीजिए। 
Answer
यूरोप के मध्य वर्ग की विशेषताएँ-यूरोप के मध्य वर्ग की निम्नलिखित विशेषताएँ थीं-
(1) पश्चिमी और मध्य यूरोप के भागों में औद्योगिक उत्पादन तथा व्यापार में वृद्धि से शहरों का विकास और वाणिज्यिक वर्गों का उदय हुआ। इंग्लैण्ड में अठारहवीं शताब्दी में ही औद्योगीकरण हो गया था और वहाँ एक शक्तिशाली संजीव पास बुक्स तथा प्रभावशाली मध्यवर्ग का विकास हो गया था। परन्तु फ्रांस और जर्मनी के राज्यों में उन्नीसवीं शताब्दी में औद्योगीकरण हुआ था। इस औद्योगीकरण के फलस्वरूप मध्यवर्ग का उत्कर्ष हुआ। यह वर्ग उद्योगपतियों तथा व्यापारियों और सेवा क्षेत्र के लोगों से बनाया। यह वर्ग शिक्षित, धन-सम्पन्न तथा उदारवादी था।
(2) कुलीन विशेषाधिकारों की समाप्ति के बाद शिक्षित या उदारवादी मध्य वर्ग के बीच ही राष्ट्रीय एकता के विचार लोकप्रिय हुए।
View full question & answer
Question 33 Marks
यूरोप के कुलीन वर्ग की विशेषताओं का विवेचन कीजिए। 
Answer
यूरोप के कुलीन वर्ग की विशेषताएँ-यूरोप के कुलीन वर्ग की निम्नलिखित विशेषताएँ थीं-
कुलीन वर्ग के लोग जमीनों के मालिक थे। इनके पास बड़ी-बड़ी जागीरें थीं।
सामाजिक और राजनीतिक रूप से कुलीन वर्ग यूरोपीय महाद्वीप का सबसे प्रभुत्वशाली वर्ग था। इस वर्ग के सदस्य एक साझा जीवन-शैली से बँधे हुए थे।
ये लोग ग्रामीण क्षेत्रों में सम्पत्ति तथा शहरी हवेलियों के स्वामी थे।
राजनीतिक कार्यों के लिए तथा उच्च वर्गों के बीच वे फ्रांसीसी भाषा का प्रयोग करते थे।
उनके परिवार प्रायः वैवाहिक बन्धनों से आपस में जुड़े हुए थे।
कुलीन वर्ग संख्या की दृष्टि से एक छोटा समूह था।
View full question & answer
Question 43 Marks
रूढ़िवादी मेत्सिनी के गुप्त संगठनों और विचारों से क्यों डरे हुए थे? कोई दो कारण बताइए।
Answer
(1) मेत्सिनी इटली का एक क्रान्तिकारी था। वह राजतंत्र का घोर विरोधी था तथा प्रजातांत्रिक गणतन्त्रों का समर्थक था। चौबीस साल की आयु में लिगुरिया में क्रांति करने के लिए उसे बहिष्कृत कर दिया गया। तत्पश्चात् उसने दो और भूमिगत संगठनों की स्थापना की । पहला था मार्सेई में यंग इटली और दूसरा, बर्न में यंग यूरोप, जिसके सदस्य पोलैंड, फ्रांस, इटली और जर्मन राज्यों में समान विचार रखने वाले युवा थे। इनकी क्रांति के डर से रूढ़िवादी डरते थे।
(2) मेत्सिनी का विश्वास था कि ईश्वर की मर्जी के अनुसार राष्ट्र ही मनुष्यों की प्राकृतिक इकाई थी। वह इटली के छोटे राज्यों और प्रदेशों को जोड़ कर राष्ट्रों के व्यापक गठबंधन के अंदर एकीकृत गणतंत्र बनाना चाहता था। यह एकीकरण ही इटली की मुक्ति का आधार हो सकता था। उसके इस मॉडल की देखा-देखी जर्मनी, फ्रांस, स्विट्जरलैंड और पोलैंड में गुप्त संगठन कायम किए गए। इससे रूढ़िवादी डरते थे। मैटरनिख ने उसे 'सामाजिक व्यवस्था का सबसे खतरनाक दुश्मन' बताया था।
View full question & answer
Question 53 Marks
स्कॉटलैण्ड को किस प्रकार यूनाइटेड किंगडम में शामिल किया गया? स्पष्ट कीजिए।
Answer
इंग्लैण्ड और स्कॉटलैण्ड के बीच 'एक्ट ऑफ यूनियन' (1707) के द्वारा 'यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन' का गठन किया गया। इस एक्ट के द्वारा व्यावहारिक रूप में इंग्लैण्ड स्कॉटलैंड पर अपना प्रभुत्व जमा पाया। ब्रितानी संसद में आंग्ल सदस्यों का दबदबा रहा। स्कॉटलैण्ड की अपनी संस्कृति तथा राजनीतिक संस्थानों को योजनाबद्ध तरीके से दबाया गया। स्कॉटिश हाइलैंड्स के निवासी कैथोलिक कुलों की आजादी का दमन किया गया। उन्हें उनकी गेलिक भाषा बोलने तथा अपनी राष्ट्रीय पोशाक पहनने की मनाही थी। उनमें से बहुत से लोगों को अपना वतन छोड़ने को भी मजबूर किया गया।
View full question & answer
Question 63 Marks
ब्रिटेन ने स्कॉटलैण्ड पर किस तरह अपना दबदबा कायम किया?
Answer
इंग्लैण्ड और स्कॉटलैण्ड के बीच 'एक्ट ऑफ यूनियन' (1707) के द्वारा 'यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन' का गठन किया गया। इस एक्ट के द्वारा व्यावहारिक रूप में इंग्लैण्ड स्कॉटलैंड पर अपना प्रभुत्व जमा पाया। ब्रितानी संसद में आंग्ल सदस्यों का दबदबा रहा। स्कॉटलैण्ड की अपनी संस्कृति तथा राजनीतिक संस्थानों को योजनाबद्ध तरीके से दबाया गया। स्कॉटिश हाइलैंड्स के निवासी कैथोलिक कुलों की आजादी का दमन किया गया। उन्हें उनकी गेलिक भाषा बोलने तथा अपनी राष्ट्रीय पोशाक पहनने की मनाही थी। उनमें से बहुत से लोगों को अपना वतन छोड़ने को भी मजबूर किया गया।
View full question & answer
Question 73 Marks
वेइत की जर्मेनिया के निम्न गुणों के प्रतीकात्मक अर्थ बतलाइए- टूटी हुई बेड़ियाँ, बाज-छाप कवच, बलूत पत्तियों का मुकुट, तलवार, तलवार पर लिपटी जैतून की डाली, काला, लाल और सुनहरा तिरंगा, उगते सूर्य की किरणें।
Answer

गुण

प्रतीकात्मक अर्थ

1. टूटी हुई बेड़ियाँ

1. आजादी मिलना

2. बाज़-छाप कवच

2. जर्मन साम्राज्य की प्रतीक-शक्ति

3. बलूत पत्तियों का मुकुट

3. बहादुरी

4. तलवार

4. मुकाबले की तैयारी

5. तलवार पर लिपटी जैतून की डाली

5. शान्ति की इच्छा

6. काला, लाल और सुनहरा तिरंगा

6. 1848 में उदारवादी-राष्ट्रवादियों का झण्डा, जिसे जर्मन राज्यों के ड्यूक्स ने प्रतिबन्धित घोषित कर दिया

7. उगते सूर्य की किरणें

7. एक नए युग का सूत्रपात।

View full question & answer
Question 83 Marks
गेरीबाल्डी पर एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Answer
गेरीबाल्डी इटली का एक महान स्वतन्त्रता सेनानी था। उसका जन्म 1807 में हुआ था। 1833 में वह 'यंग इटली' का सदस्य बन गया और 1834 में पीडमांट के गणतन्त्रीय विद्रोह में भाग लिया। विद्रोह कुचले जाने पर गैरीबाल्डी दक्षिणी अमेरिका भाग गया। 1854 में उसने इटली लौटकर विक्टर इमेनुएल द्वितीय का समर्थन किया। 1860 में उसने दक्षिण इटली की तरफ 'हजारों लोगों का अभियान' का नेतृत्व किया। इस अभियान में स्वयंसेवकों की संख्या 30,000 तक पहुंच गई। इन्हें 'रेड शर्ट्स' के नाम से जाना गया। 1860 में सिसली और नेपल्स पर गैरीबाल्डी का अधिकार हो गया और इन्हें सार्जीनिया-पीडमांट में मिला लिया गया। 1867 में गैरीबाल्डी ने रोम पर आक्रमण किया लेकिन पराजित हुए। अन्ततः 1870 में पेपल राज्य इटली में शामिल हुए।
View full question & answer
Question 93 Marks
19वीं शताब्दी में राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्रों में व्याप्त उदारवादी स्वरूप की व्याख्या कीजिए।
Answer
(अ) 19वीं शताब्दी में राजनीतिक क्षेत्र में उदारवादी स्वरूप-
सार्वजनिक मताधिकार पर आधारित जनप्रतिनिधि सभाओं के निर्माण पर बल।
संविधान, प्रेस की स्वतंत्रता और संगठन बनाने की स्वतंत्रता पर आधारित राष्ट्रीय राज्यों की माँग।
महिलाओं को राजनीतिक अधिकार प्रदान करने की माँग।
(ब) आर्थिक क्षेत्रों में व्याप्त उदारवादी स्वरूप-
उदारवादियों ने भू-दास और बंधुआ मजदूरी को समाप्त करने की माँग की।
उदारवादी निजी सम्पत्ति के स्वामित्व को अनिवार्य बना देना चाहते थे।
वस्तुओं और पूँजी के आयात-निर्यात पर राज्य द्वारा लगाए गए नियंत्रणों को समाप्त करने पर बल।
View full question & answer
Question 103 Marks
1830 के दशक में यूरोपवासियों को किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ा?
Answer
उन्नीसवीं शताब्दी के प्रथम भाग में सम्पूर्ण यूरोप में जनसंख्या में भारी वृद्धि हुई। अधिकांश देशों में नौकरी तलाश करने वालों की संख्या उपलब्ध रोजगार से अधिक थी। ग्रामीण क्षेत्रों की अतिरिक्त जनसंख्या शहर जाकर गरीब बस्तियों में रहने लगी।
नगरों के लघु उत्पादकों को प्रायः इंग्लैण्ड से आयातित मशीन से बने सस्ते कपडे से कड़ी प्रतिस्पर्धा करनी पड़ रही थी। इस कारण लघु उद्योग चौपट हो रहे थे।
यूरोप के जिन देशों में कुलीन वर्ग सत्तारूढ़ था, वहाँ कृषकों की दशा शोचनीय थी। वे सामन्ती शुल्कों के भार तले दबे थे। खाने-पीने की वस्तुओं के मूल्य बढ़ने या किसी वर्ष फसल के खराब होने के कारण शहरों और गाँवों में गरीबी फैल जाती थी।
View full question & answer
Question 113 Marks
"निःसन्देह नेपोलियन बोनापार्ट ने फ्रांस में लोकतंत्र को समाप्त कर दिया परन्तु उसने कई क्रान्तिकारी प्रशासनिक सुधार भी लागू किये।" इस कथन का औचित्य सिद्ध कीजिए।
Answer
फ्रांस में नेपोलियन बोनापार्ट ने निःसन्देह अनेक क्रान्तिकारी प्रशासनिक सुधार लागू किये। यथा-
नेपोलियन की संहिता- 1804 में नेपोलियन ने नागरिक संहिता का निर्माण किया। इस संहिता ने जन्म पर आधारित विशेषाधिकारों को समाप्त कर दिया। न्याय के समक्ष समानता स्थापित की तथा सम्पत्ति के अधिकार को भी सुरक्षित बनाया।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुधार- नेपोलियन ने किसानों को भू-दासत्व तथा जागीरदारी शुल्कों से मुक्ति दिलाई। उसने सामन्ती व्यवस्था को समाप्त कर दिया।
शहरी क्षेत्र में सुधार- उसने शहरों में कारीगरों को श्रेणी संघों के नियंत्रण से मुक्त कर दिया। परिवहन तथा संचार व्यवस्था में सुधार किया।
व्यापार में सुधार- उसने एक समान कानून, मानक भार व नाप की व्यवस्था तथा एक राष्ट्रीय मुद्रा को लागू किया।
View full question & answer
Question 123 Marks
एकीकरण से पूर्व इटली की राजनीतिक स्थिति का वर्णन कीजिए।
Answer
एकीकरण से पूर्व इटली अनेक वंशानुगत राज्यों तथा बहुराष्ट्रीय हैब्सबर्ग साम्राज्य में बिखरा हुआ था। उन्नीसवीं शताब्दी के मध्य में इटली सात राज्यों में विभाजित था-
सार्डीनिया-पीडमांट में इतालवी राजघराने का शासक था।
लोम्बार्डी तथा वेनेशिया पर आस्ट्रिया का अधिकार था।
परमा, मोडेना तथा टस्कनी पर हैब्सबर्गीय शासकों का अधिकार था।
रोम पर पोप का अधिकार था।
सिसली तथा नेपल्स पर स्पेन के बूर्बन राजाओं का अधिकार था।
इतालवी भाषा ने भी साझा रूप ग्रहण नहीं किया था और अभी तक उसके विविध क्षेत्रीय और स्थानीय रूप विद्यमान थे।
View full question & answer
Question 133 Marks
जर्मनी में 1848 में हुई उदारवादियों की क्रान्ति का वर्णन कीजिए।
Answer
1848 में जर्मनी में हुई उदारवादियों की क्रान्ति-फ्रांस की 1848 की क्रान्ति से प्रभावित होकर 1848 में जर्मनी के उदारवादियों ने भी विद्रोह कर दिया । जर्मन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में राजनीतिक संगठनों ने फ्रैंकफर्ट शहर में मिलकर एक सर्व-जर्मन नेशनल असेंबली के पक्ष में मतदान का निर्णय लिया। 18 मई, 1848 को फ्रेंकफर्ट में संसद का अधिवेशन शुरू हुआ। निर्वाचित प्रतिनिधियों ने जर्मन राष्ट्र के लिए एक संविधान का प्रारूप बनाया जिसमें राजा को संसद के अधीन रहना था। जब संसद के निर्वाचित सदस्यों ने प्रशा के सम्राट फ्रेडरिख विलियम चतुर्थ से ताज पहनने का अनुरोध किया, तो उसने उसे अस्वीकार कर दिया। इस पर कुलीन वर्ग और सेना का विरोध बढ़ गया और अन्त में सेना को बुलाकर एसेम्बली को भंग कर दिया गया।
View full question & answer
Question 143 Marks
"1830 से 1848 तक का युग यूरोप के इतिहास में क्रान्तियों का युग था।"व्याख्या कीजिए।
Answer
यूरोप के इतिहास में 1830 से 1848 तक का युग क्रान्तियों का युग कहलाता है क्योंकि इस अवधि में अनेक यूरोपीय देशों में निरंकुश, रूढ़िवादी और प्रतिक्रियावादी शासन के विरुद्ध क्रान्तियाँ हुईं।
सर्वप्रथम फ्रांस में जुलाई, 1830 में क्रान्ति हुई। फ्रांस के उदारवादी क्रान्तिकारियों ने वहाँ के निरंकुश और रूढ़िवादी शासन के विरुद्ध विद्रोह कर दिया। परिणामस्वरूप फ्रांस के निरंकुश शासक लुई फिलिप को गद्दी छोड़कर फ्रांस से भागना पड़ा। इसके बाद 1830 में ब्रुसेल्स में भी विद्रोह भड़क उठा जिसके परिणामस्वरूप ब्रुसेल्स यूनाइटेड किंगडम ऑफ द नीदरलैण्ड्स से अलग हो गया। इसी प्रकार इस अवधि में इटली और जर्मनी के राज्यों, आटोमन साम्राज्य के प्रान्तों तथा आयरलैण्ड और पोलैण्ड में भी रूढ़िवादी तथा प्रतिक्रियावादी शासन के विरुद्ध क्रान्तियाँ हुईं।
View full question & answer
Question 153 Marks
जॉलवेराइन से आप क्या समझते हैं? इसके महत्त्व पर प्रकाश डालिए।
Answer
जॉलवेराइन की स्थापना की परिस्थितियाँ-नेपोलियन बोनापार्ट ने 39 जर्मन राज्यों के एक महासंघ का निर्माण किया था। इनमें से प्रत्येक राज्य की अपनी मुद्रा और नाप-तौल प्रणाली थी। 1833 में हैम्बर्ग से न्यूरेम्बर्ग जाकर अपना माल बेचने वाले एक व्यापारी को ग्यारह सीमा शुल्क नाकों से गुजरना पड़ता था और हर बार लगभग 5% सीमा शुल्क देना पड़ता था। ये परिस्थितियाँ आर्थिक विनिमय और विकास में बाधक थीं।
1834 में प्रशा की पहल पर 'जॉलवेराइन' नामक एक शुल्क संघ की स्थापना हुई जिसमें अधिकांश जर्मन-राज्य सम्मिलित हो गए थे। इस संघ ने आर्थिक अवरोधों को समाप्त कर दिया और मुद्राओं की संख्या दो कर दी जो उससे पहले 30 से ऊपर थी। इससे आर्थिक दृष्टि से समस्त जर्मनी एक हो गया।
View full question & answer
Question 163 Marks
जॉलवेराइन' की स्थापना किन परिस्थितियों में हुई? इसका क्या महत्त्व था?
Answer
ग्यारह सीमा शुल्क नाकों से गुजरना पड़ता था और हर बार लगभग 5% सीमा शुल्क देना पड़ता था। ये परिस्थितियाँ आर्थिक विनिमय और विकास में बाधक थीं।
1834 में प्रशा की पहल पर 'जॉलवेराइन' नामक एक शुल्क संघ की स्थापना हुई जिसमें अधिकांश जर्मन-राज्य सम्मिलित हो गए थे। इस संघ ने आर्थिक अवरोधों को समाप्त कर दिया और मुद्राओं की संख्या दो कर दी जो उससे पहले 30 से ऊपर थी। इससे आर्थिक दृष्टि से समस्त जर्मनी एक हो गया।
View full question & answer
Question 173 Marks
अर्स्ट रेनन कौन था? उसने राष्ट्र की व्याख्या किस प्रकार की?
Answer
अर्स्ट रेनन एक फ्रांसीसी दार्शनिक था। उसने सन् 1882 में सॉबॉन (Sorbonne) विश्वविद्यालय में दिये एक व्याख्यान में राष्ट्र की व्याख्या निम्न प्रकार की-
उसने इस विचार की आलोचना की कि राष्ट्र समान भाषा, नस्ल, धर्म या क्षेत्र से बनता है।
उसके अनुसार एक राष्ट्र लम्बे प्रयासों, त्याग और निष्ठा का चरम बिन्दु होता है।
एक राष्ट्रीय विचार शौर्य-वीरता से युक्त अतीत, महान पुरुषों के नाम और गौरव पर आधारित किया जाता है।
अतीत में समान गौरव का होना, वर्तमान में एक समान इच्छा, संकल्प का होना, साथ मिल कर महान काम करना और आगे, ऐसे काम और करने की इच्छा - एक जनसमूह होने की यह सब जरूरी शर्ते हैं।
अतः राष्ट्र एक बड़ी और व्यापक एकता (Large-Scale Solidarity) है उसका अस्तित्व रोज होने वाला जनमत-संग्रह है। प्रांत उसके निवासी हैं।
किसी देश का विलय करने या किसी देश पर उसकी इच्छा के विरुद्ध कब्जा जमाए रखने में एक राष्ट्र की वास्तव में कोई दिलचस्पी होती नहीं है।
राष्ट्रों का अस्तित्व में होना एक अच्छी बात है उनका होना स्वतंत्रता की गारंटी है।
View full question & answer
Question 183 Marks
यूरोप में उन्नीसवीं सदी के प्रारम्भ में विकसित होने वाली उदारवादी राष्ट्रवाद की अवधारणा की विवेचना कीजिए।
Answer
उदारवादी राष्ट्रवाद की अवधारणा- 19वीं सदी के प्रारम्भ में यूरोप में उदारवादी राष्ट्रवाद के विचार विकसित हुए। उदारवाद शब्द लातिन भाषा के मूल Liber पर आधारित है जिसका अर्थ है-'स्वतन्त्रता'।
नये मध्यम वर्गों के लिए उदारवाद से अभिप्राय था-व्यक्ति के लिए स्वतन्त्रता और कानून के समक्ष सबकी समानता। राजनीतिक रूप से उदारवाद सहमति से बनी सरकार पर बल देता था। उदारवाद निरंकुश शासकों और पादरियों के विशेषाधिकारों की समाप्ति, संविधान तथा संसदीय प्रतिनिधि सरकार का समर्थक था। मताधिकार के सम्बन्ध में प्राय: बराबरी के पक्षधर नहीं थे। इस युग के उदारवादी निजी सम्पत्ति के स्वामित्व की अनिवार्यता पर बल देते थे। आर्थिक क्षेत्र में उदारवाद बाजारों की मुक्ति और वस्तुओं तथा पूँजी के आवागमन पर राज्य द्वारा लगाये गये नियंत्रणों को समाप्त करने का समर्थक था।
View full question & answer
Question 193 Marks
19वीं सदी के यूरोपीय उदारवादी राष्ट्रवाद से आपका क्या अभिप्राय है?
Answer
उदारवादी राष्ट्रवाद की अवधारणा- 19वीं सदी के प्रारम्भ में यूरोप में उदारवादी राष्ट्रवाद के विचार विकसित हुए। उदारवाद शब्द लातिन भाषा के मूल Liber पर आधारित है जिसका अर्थ है-'स्वतन्त्रता'।
नये मध्यम वर्गों के लिए उदारवाद से अभिप्राय था-व्यक्ति के लिए स्वतन्त्रता और कानून के समक्ष सबकी समानता। राजनीतिक रूप से उदारवाद सहमति से बनी सरकार पर बल देता था। उदारवाद निरंकुश शासकों और पादरियों के विशेषाधिकारों की समाप्ति, संविधान तथा संसदीय प्रतिनिधि सरकार का समर्थक था। मताधिकार के सम्बन्ध में प्राय: बराबरी के पक्षधर नहीं थे। इस युग के उदारवादी निजी सम्पत्ति के स्वामित्व की अनिवार्यता पर बल देते थे। आर्थिक क्षेत्र में उदारवाद बाजारों की मुक्ति और वस्तुओं तथा पूँजी के आवागमन पर राज्य द्वारा लगाये गये नियंत्रणों को समाप्त करने का समर्थक था।
View full question & answer