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उपयोजित लेखन question types

32 questions across 6 question groups — pick any mix to generate a हिन्दी लोकभारती paper with step-by-step answer keys.

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Sample Questions

उपयोजित लेखन questions

One sample from each question group in this chapter. Select any group above to see the full set with answer keys.

सुशील कुमार/सुशीला, संजय सदन, महालक्ष्मी मार्ग, कोल्हापुर से अपने विद्यालय के वार्षिक समारोह का विवरण, संपादक, कोल्हापुर टाइम्स, कोल्हापुर के नाम लिखकर उसे प्रकाशित करने की प्रार्थना करता/करती है।
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अनिल / अनिता गायधनी, 'विष्णु कृपा', 325-अ, रविवार पेठ, कराड 415 110 से अपने मोहल्ले में फैली गंदगी की सफाई करवाने के लिए नगराध्यक्ष, नगरपालिका, कराड 415 110 के नाम पत्र लिखता/लिखती है।
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राकेश/रजनी गर्ग, शांतिनगर, कोल्हापुर 400 101 से स्वास्थ्य अधिकारी, महानगरपालिका, कोल्हापुर 400 101 को शहर में दूषित जल की आपूर्ति के बारे में ध्यान आकर्षित करते हुए पत्र लिखता / लिखती है।
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शाहूनगरी, कोल्हापुर - 416 003 में भयंकर आवाज करने वाले पटाखे, असमय फोड़े जाने के कारण वहाँ के निवासी त्रस्त हैं। इस संदर्भ में अमित/अमिता पाटील, स्वास्थ अधिकारी, कोल्हापुर 416 007 को शिकायती पत्र लिखता/लिखती है।
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संदीप पाठक, 5, नवीन विला, रामनगर, औरंगाबाद 431001 से अपने मित्र मनीष शर्मा को आगामी परीक्षा की तैयारी के विषय में समझाकर पत्र लिखता है।
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   स्वामी रामतीर्थ एक बार जापान गए। वे रेल में यात्रा कर रहे थे। एक दिन ऐसा हुआ कि उन्हें खाने को फल न मिले और उन दिनों फल ही उनका भोजन था। गाड़ी एक स्टेशन पर ठहरी तो वहाँ भी उन्होंने फलों की खोज की, पर वे न पा सके। उनके मुँह से निकला "जापान में शायद अच्छे फल नहीं मिलते।" एक जापानी युवक प्लेटफार्म पर खड़ा था। वह अपनी पत्नी को ट्रेन में बैठाने आया था। उसने ये शब्द सुन लिए। वह अपनी बात बीच ही में छोड़कर भागा और कहीं दूर से एक टोकरी ताजे फल लाया। वे फल उसने स्वामी रामतीर्थ को भेंट करते हुए कहा- "लीजिए, आपको ताजे फलों की जरूरत थी।" स्वामी जी ने उसे फल विक्रेता समझा और उससे फलों के दाम पूछे। युवक ने दाम लेने से इनकार कर दिया। बहुत आग्रह करने पर उसने कहा- "आप इनका मूल्य देना ही चाहते हैं, तो वह यह है कि आप अपने देश में जाकर किसी से यह न कहिएगा कि जापान में अच्छे फल नहीं मिलते।"
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   ऐसा माना जाता है कि संगीत का प्रभाव औषधियों से कम नहीं है। एक शल्य-क्रिया के बाद किसी मरीज ने संगीत के चमत्कार का वर्णन किया। उसने बताया कि स्वास्थ्य लाभ करते समय, उसने संगीत खूब सुना। वह कभी-कभी इसमें इतना खो जाता था कि वह अपनी दर्द निवारक गोलियाँ लेना भूल जाता था। संगीत शांतिदायक तथा मधुर होना चाहिए। कई बच्चे जन्म से ही बात नहीं कर सकते अथवा ज्यादा हिल-डुल नहीं सकते। संगीत का इतना बड़ा प्रभाव है कि ये लोग बोलने लगे तथा संगीत की ताल पर उनके हाथ-पैर का हिलना-डोलना शुरू हुआ। इस तनावपूर्ण दुनिया में संगीत के प्रभाव को नकार नहीं सकते।
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    एक बार भगवान बुद्ध का एक प्रचारक घूम रहा था। उसे एक भिखारी मिला। वह प्रचारक उसे धर्म का उपदेश देने लगा। उस भिखारी ने उसकी तरफ ध्यान नहीं दिया। उसमें उसका मन ही नहीं लगता था। प्रचारक नाराज हुआ। वह बुद्ध के पास जाकर बोला, 'वहाँ एक भिखारी बैठा है, मैं उसे इतने अच्छे- अच्छे सिखावन दे रहा था, तो भी वह सुनता ही नहीं।' बुद्ध ने कहा, 'उसे मेरे पास लाओ।' यह प्रचारक उसे बुद्ध के पास ले गया। भगवान बुद्ध ने उसकी दशा देखी। उन्होंने ताड़ लिया कि भिखारी तीन-चार दिनों से भूखा है। उन्होंने उसे पेट भरकर खिलाया और कहा, 'अब जाओ।' प्रचारक ने कहा, "आपने उसे खिला तो दिया, लेकिन उपदेश कुछ भी नहीं दिया।" भगवान बुद्ध ने कहा, "आज उसके लिए अन्न ही उपदेश था। आज उसे अन्न की सबसे ज्यादा जरूरत थी। वह उसे पहले देना चाहिए। अगर वह जिएगा, तो कल सुनेगा।"
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    शिक्षा मानव जीवन के विकास का प्रमुख आधार है। शिक्षाविहीन व्यक्ति पशु के समान जीवनयापन करता है। व्यक्ति में अच्छे संस्कार शिक्षा के माध्यम से ही आते हैं। शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक, धार्मिक ज्ञान प्राप्त कर स्वयं तो अपना मार्ग बनाता ही है, साथ ही दूसरों का भी मार्गदर्शन करता है। शिक्षा प्राप्त करना प्रत्येक व्यक्ति का जन्मसिद्ध अधिकार है। नवीन पीढ़ी अथवा बालक एवं नवयुवक तो शिक्षा प्राप्त कर आगे बढ़ते रहे हैं। आवश्यकता है, प्रौढ़ों को शिक्षा प्रदान करने की अथवा 14 वर्ष की आयु से अधिकवाले वे सभी व्यक्ति जो अशिक्षित हैं। अथवा हम कह सकते हैं कि वे सभी व्यक्ति जो समय से शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके और न कर पा रहे हैं। शिक्षा के इतने प्रचार व प्रसार हो जाने पर भी व्यक्ति अपने धन का सही उपयोग नहीं कर पाता और न ही भोला-भाला किसान अपनी उपज का उचित मूल्य प्राप्त कर पाता है। आज भी वह साहूकार अथवा ब्याज किश्तों के द्वारा आसानी से ठग लिया जाता है। स्वतंत्रता से पूर्व व्यक्ति की स्थिति शिक्षा के क्षेत्र में बहुत खराब थी।
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विद्यालय के प्रांगण में मनाए गए 'बाल दिवस' का 70 से 80 शब्दों में वृत्तांत तैयार कीजिए। (14 नवंबर 20XX, गाला विद्यालय प्रांगण, नाशिक- 422 002.)
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बूढ़ा किसान - चार बेटे - आपस में मेल नहीं - किसान मृत्युशैया पर - बेटों को बुलाना - लकड़ी का ग‌ट्ठा देकर तोड़ने के
लिए कहना - तोड़ तोड़ न पाना - एक-एक लकड़ी देना - आसानी से तोड़ देना - सीख ।
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शेखर एक छोटा लड़का - माँ के साथ झोंपड़ी में रहना - बरसात के दिन - आँधी और तूफान आना - रेल की पटरी उखड़ जाना - शेखर की नजर में आना - रेलगाड़ी आने का समय होना - लाल कमीज पकड़कर पटरी के पास खड़ा रहना -रेल रुकना - यात्रियों द्वारा भला-बुरा कहना - ड्राइवर का देखना -- शेखर के कारण यात्रियों की जान बचना - राष्ट्रपति द्वारा स्वर्ण पदक ।
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एक कौआ और एक हंस - दोनों में मित्रता - दोनों का आकाश में उड़ना - सड़क से एक ग्वाले को दधिपात्र लेकर गुजरते हुए देखना - कौए का हंस से दही खाने के लिए साथ चलने का आग्रह - हंस का इनकार - कौए का हंस को फुसलाकर साथ ले जाना - कौए का चोंच नचा - नचाकर दही का स्वाद लेना - हंस का बैठे रहना - आहट पाकर कौए का उड़ जाना - हंस का पकड़ा जाना - परिणाम।
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